Contact Us - 9792276999 | 9838932888
Timing : 12:00 Noon to 20:00 PM (Mon to Fri)
Email - ssgcpl@gmail.com
|
|

Post at: Sep 22 2022

राखीगढ़ी में हड़प्‍पा सभ्यता संग्रहालय

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

  • सिंधु घाटी सभ्यता का उदय 2500 BC -1750 BC में हुआ था । राखीगढ़ी सिंधु सभ्यता का एक प्रसिद्ध पुरातात्विक स्थल है।
  • दिल्‍ली से लगभग 150 किमी. दूर उत्तर-पश्चिम में स्थित राखीगढ़ी हरियाणा राज्य के हिसार जिले में घग्‍गर नदी के किनारे स्थित है।
  • इसकी खोज वर्ष 1969 में सूरजभान ने की थी तथा इसकी खुदाई का कार्य वर्ष 1997-98 से अमरेंद्रनाथ की अगुवाई में करवाया गया था।
  • राखीगढ़ी भारत तथा हड़प्‍पा सभ्यता का सबसे बड़ा पुरातात्विक स्थल है। इसका क्षेत्रफल 350 हेक्‍टेयर है, जिसमें 11 टीले हैं। कुछ पुरातात्विक वैज्ञानिकों का मानना है, कि इसका क्षेत्रफल 550 हेक्टेयर है, जिसमें खुदाई करना बाकी है, जहां पर वर्तमान में ग्रामीणों के घर व खेत हैं। 
  • राखीगढ़ी पुरास्थल की खुदाई से मातृदेवी अंकित एक लघु मुद्रा तथा प्रेमी युगल की समाधि के साक्ष्य मिले थे।

पृष्ठभूमि

  • वित्तीय वर्ष 2020-21 के केंद्रीय बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के पांच ऐतिहासिक स्थलों को विकसित करने और संग्रहालय बनाने की घोषणा की थी।
  • इन पांच स्थलों में से राखीगढ़ी भी एक था, जिनके विकास के लिए 2500 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 11 सितंबर, 2022 को हरियाणा राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‍टर ने विश्व के सबसे बड़े हड़प्‍पा सभ्यता के संग्रहालय के निर्माण कार्य की समीक्षा की।
  • उन्‍होंने पुरातत्व सर्वेक्षण अधिकारी को निर्देश दिया कि खुदाई का काम जल्‍द-से-जल्‍द पूरा हो, जिससे कोई नुकसान न हो।
  • सिंधु घाटी सभ्यता की 5000 वर्ष पुरानी मूर्तियों और कलाकृतियों को संग्रहालय में रखा जाएगा तथा जो कलाकृतियां राखीखास और राखीशाहपुर गांव के लोग राखीगढ़ी पुरास्थल से खुदाई के दौरान ले गए थे, उनकी सूची बनाई जाए और ग्रामीणों की स्वीकृति से संग्रहालय में इनके नाम से रखा जाएगा।

राखीगढ़ी की विशेषताएं

  • एक मात्र सैंधव स्थल है, जहां प्रेमी युगल समाधि के साक्ष्य मिले हैं।
  • यहां का जल प्रबंधन एवं घरों की बनावट उच्‍च कोटि का था।
  • L-आकार का 10 कक्षों वाला एक अन्‍नागार था।
  • यहां पर मृदभाण्ड संस्कृति के साक्ष्य भी मिले हैं।

संग्रहालय के उद्देश्य

  • पर्यटन को बढ़ावा देना
  • रोजगार पैदा करना
  • लोगों में ऐतिहासिक स्थलों के प्रति जागरूकता पैदा करना।
  • भारत की हजारों वर्ष पुरानी कलाकृतियों को भावी पीढ़ी के लिए संरक्षित करना।

सिंधु घाटी सभ्यता

  • इसकी खोज वर्ष 1921 में दयाराम साहनी ने की थी।
  • इसे हड़प्‍पा सभ्यता और सैंधव सभ्यता के नाम से जाना जाता है।
  • इसका नामकरण-जाॅन मार्शल ने किया था।
  • इसका क्षेत्रफल 12,99000 वर्ग किमी. में फैला है।
  • सिंधु सभ्यता की लिपि भावचित्रात्मक तथा समाज मातृसत्तात्मक था।
  • इसके प्रमुख स्थल-मोहनजोदड़ो, धौलावीरा, लोथल और राखीगढ़ी आदि हैं।

संकलन-अतुल शुक्‍ला
 


Comments
List view
Grid view

Current News List