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Post at: Sep 14 2022

नमस्ते योजना

भूमिका

  • हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम‚ 2013 (The Prohibition of Employment as Manual Scavengers and their Rehabilitation Act, 2013) 6 दिसंबर‚ 2013 से प्रभावी है।
    • यह अधिनियम ‘अस्वच्छ शौचालयों के निर्माण/रख-रखाव और हाथ से मैला ढोने या नालों (Sewers) एवं सेप्टिक टैंकों (Septic tanks)’ की जोखिमपूर्ण सफाई (Hazardous cleaning) में किसी व्यक्ति के नियोजन का प्रतिषेध करता है। 
  • किसी व्यक्ति या एजेंसी द्वारा नालों एवं सेप्टिक टैंकों की जोखिमपूर्ण सफाई में किसी व्यक्ति का नियोजन दण्डनीय है।
    • इसमें अधिकतम 5 वर्ष तक का कारावास या 5 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है। 
  • उपर्युक्त प्रावधानों के बावजूद अभी भी व्यक्तियों को बिना किसी सुरक्षा उपकरणों एवं सुरक्षा सावधानियों के नालों एवं सेप्टिक टैंकों की सफाई (Manual cleaning) हेतु नियोजित किया जा रहा है।
  • राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (NCSK) के अनुसार‚ देश के 20 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में वर्ष 1993 से 6 नवंबर‚ 2019 तक नालों एवं सेप्टिक टैंकों की सफाई के दौरान 882 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है।
  • चूंकि वर्तमान उपायों से नालों एवं सेप्टिक टैंकों की जोखिमपूर्ण सफाई के उन्मूलन में सफलता प्राप्त नहीं हो सकी है‚ अत: और अधिक गंभीर‚ सख्त तथा केंद्रित रणनीति की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 17 अगस्त‚ 2022 को केंद्र सरकार द्वारा नमस्ते योजना को लांच किया गया।
  • ‘नमस्ते’ का पूर्ण रूप है :- ‘मशीनीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र के लिए राष्ट्रीय कार्रवाई’ (NAMASTE : National Action for Mechanized Sanitation Ecosystem)।

उद्देश्य

  • नमस्ते योजना का उद्देश्य निम्न परिणामों को प्राप्त करना है:-

(i)     भारत में स्वच्छता कार्य के कारण किसी की मौत न होना।
(ii)     स्वच्छता संबंधी सभी कार्य ‘कुशल श्रमिकों’ (Skilled workers) द्वारा संपादित किया जाना।
(iii) किसी भी सफाई कर्मचारी का ‘मानव मल पदार्थ’ (Human faecal matter) के सीधे संपर्क में नहीं आना।
(iv) स्वच्छता कर्मचारियों को स्वयं सहायता समूहों में एकत्रित करना और उन्हें स्वच्छता उद्यम चलाने का अधिकार प्रदान करना।
(v) सभी सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मचारियों की पहुंच ‘वैकल्पिक आजीविका’ (Alternative livelihoods) तक होना।
(vi) राष्ट्रीय‚ राज्य एवं ULB स्तरों पर निरीक्षण एवं निगरानी प्रणालियों को मजबूत करना‚ जिससे सुरक्षित स्वच्छता कार्य का प्रवर्तन एवं निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

योजना का विवरण

  • यह एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है।
  • यह योजना सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की एक संयुक्त पहल है।
  • नमस्ते योजना के वर्तमान चरण में 500 शहरों (अमृत शहरों को कवर करते हुए) को शामिल किया जाएगा।
  • शहरों की पात्रता की श्रेणी निम्नलिखित है :-

(i)     अधिसूचित नगरपालिकाओं के साथ एक लाख से अधिक आबादी वाले सभी शहर और कस्बे‚ इनमें छावनी बोर्ड (नागरिक क्षेत्र) भी शामिल हैं।
(ii)     बिंदु (i) के अंतर्गत शामिल न किए गए सभी राजधानी शहर/कस्बे/केंद्रशासित क्षेत्र।
(iii) पहाड़ी राज्यों‚ द्वीपों और पर्यटन स्थलों के 10 शहर (प्रत्येक राज्य से एक से अधिक नहीं)।

  • इस योजना को 360 करोड़ रु. के परिव्यय के साथ 4 वर्षों (2022-23 से 2025-26) की अवधि के लिए अनुमोदित किया गया है।

राष्ट्रीय नमस्ते प्रबंधन इकाई

  • राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्तीय विकास निगम (NSKFDC), नमस्ते योजना हेतु कार्यान्वयन एजेंसी होगी।
  • संरचना के शीर्ष पर ‘राष्ट्रीय नमस्ते निगरानी इकाई’ (National NAMASTE Monitoring Unit) होगी‚ जो NSKFDC के प्रबंध निदेशक के अधीन होगी।
  • राज्य सरकार द्वारा ‘राज्य नमस्ते निदेशक’ के रूप में एक उपयुक्त अधिकारी का चयन किया जाएगा‚ जो ‘राज्य नमस्ते प्रबंधन इकाई’ (SNMU) का प्रमुख होगा।
  • शहर स्तर पर ‘शहर नमस्ते निगरानी इकाई’ (CNMU) में शहर के नमस्ते नोडल अधिकारी शामिल होंगे‚ जिन्हें संबंधित ULB द्वारा नामित किया जाएगा।

अन्य महत्वपूर्ण बिंदु

  • पहली बार देशभर के 500 शहरों ने स्वयं को ‘सफाई मित्र सुरक्षित शहर’ घोषित कर दिया है।
    • इसका अर्थ यह है‚ कि ये शहर सफाई मित्रों के लिए सुरक्षित कार्य करने की स्थितियां उपलब्ध करा रहे हैं।
  • स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 (SBM-Urban 2.0) के अंतर्गत शहर एवं राज्य प्रत्येक मैनहोल (Manhole) को मशीन होल (Machine hole) में परिवर्तित करने हेतु प्रतिबद्ध हैं।
  • आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय यह सुनिश्चित  करने के लिए प्रतिबद्ध है‚ कि सभी भारतीय शहर मार्च‚ 2024 तक स्वयं को ‘सफाई मित्र सुरक्षित’ घोषित करें।

निष्कर्ष

  • नमस्ते योजना के अंतर्गत शहरी भारत में स्वच्छता कर्मियों के लिए एक सक्षम पारितंत्र का निर्माण करते हुए उनकी सुरक्षा एवं गरिमा की परिकल्पना की गई है।
  • इसके तहत‚ उन्हें स्वच्छता अवसंरचना के संचालन एवं रख-रखाव में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता के रूप में मान्यता दी गई है‚ जिससे उन्हें स्थायी आजीविका प्रदान की जा सके और उनकी व्यावसायिक सुरक्षा में वृद्धि हो सके।

सौरभ महरोत्रा


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