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Post at: Sep 12 2022

QRSAM : छ: उड़ानों का परीक्षण

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 8 सितंबर‚ 2022 को ’सतह से हवा में मार करने वाली त्वरित प्रतिक्रिया मिसाइल’ (Quick Reaction Surface to Air Missile : QRSAM) प्रणाली की छ: उड़ानों का सफल परीक्षण किया गया। 
  • ये उड़ान परीक्षण ’रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन’ (DRDO) और भारतीय सेना द्वारा किए गए।
  • यह परीक्षण ओडिशा स्थित ’एकीकृत परीक्षण रेंज’ (ITR), चांदीपुर से किए गए।
  • विदित हो कि नवंबर‚ 2020 में इस प्रणाली का पहला परीक्षण किया गया था।

विवरण

  • QRSAM का विकास डीआरडीओ (DRDO) द्वारा किया गया है।
  • ये उड़ान परीक्षण भारतीय सेना द्वारा किए जाने वाले ’मूल्यांकन परीक्षण’ का हिस्सा हैं।
  • उड़ान परीक्षण उच्च गति वाले लक्ष्यों पर किया गया था।
  • ये लक्ष्य वास्तविक खतरे के प्रकार के बनाए गए थे‚ ताकि विभिन्न हालात में हथियार प्रणालियों की क्षमता का आकलन किया जा सके।
  • जिसके के तहत‚ निम्नलिखित लक्ष्य शामिल थे—
  • लंबी दूरी व मध्यम ऊंचाई वाले (Long Range Medium Altitude) 
  • छोटी रेंज वाले (Short Range) 
  • ऊंचाई पर उड़ने वाले (High Altitude Manoeuvring Target) 
  • रडार पर आसानी से पकड़ में न आने वाले
  • परीक्षणों के दौरान‚ सभी निर्धारित लक्ष्यों को पूरी सटीकता के साथ भेदा गया।
  • QRSAM प्रणाली के प्रदर्शन की पुष्टि आईटीआर (ITR) द्वारा विकसित टेलीमेट्री (Telemetry), रडार (Radar) और इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग प्रणाली (Electro Optical Tracking Systems : EOTS) से भी की गई।

संबंधित तथ्य

  • गौरतलब है‚ कि ये परीक्षण स्वदेश में विकसित समस्त उप-प्रणालियों की तैनाती के तहत किए गए हैं।
  • जिसमें स्वदेशी रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) सीकर‚ मोबाइल लांचर‚ पूरी तरह स्वचालित कमान और नियंत्रण प्रणाली‚ निगरानी और बहुपयोगी रडार शामिल हैं।
  • QRSAM शस्त्र प्रणाली चलित स्थिति में भी कार्य कर सकती है।
  • इसकी सीमा 30 किमी. है‚ और यह 10 किमी. तक की ऊंचाई को लक्षित कर सकती है। 

संकलन - आदित्य भारद्वाज


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