Contact Us - 9792276999 | 9838932888
Timing : 12:00 Noon to 20:00 PM (Mon to Fri)
Email - ssgcpl@gmail.com
|
|

Post at: Sep 12 2022

यूनेस्को ग्लोबल नेटवर्क ऑफ लर्निंग सिटीज में तीन भारतीय शहर शामिल

यूनेस्को ग्लोबल नेटवर्क ऑफ लर्निंग सिटीज (UNESCO Global Network of Learning Cities : GNLC)

  • GNLC एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क है‚ जिसमें ऐसे शहर शामिल हैं‚ जो अपने समुदायों (Community) में आजीवन सीखने को सफलतापूर्वक बढ़ावा देते हैं। 
  • इसमें दुनियाभर के 294 शहर शामिल हैं‚ जो एक-दूसरे के बीच प्रेरणा‚ जानकारी और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करते हैं। 
  • इसे ’यूनेस्को इंस्टीट्‌यूट फॉर लाइफ लांग लर्निंग (UNESCO Institute for Life long Learning : UILL) द्वारा समन्वित  (Coordinated) किया जाता है। 
  • नेटवर्क के अंतर्गत सभी 17 सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals : SDGs) की उपलब्धि का समर्थन किया जाता है।
  • विशेषकर एसडीजी-4 (समावेशी और समान गुणवत्ता वाली शिक्षा) और एसडीजी-11 (शहरों और मानव बस्तियों को समावेशी‚ सुरक्षित बनाना)।

सीखने वाला शहर (Learning City) क्या है?
सीखने वाला शहर जीवनपर्यंत सीखने को बढ़ावा देता है। यूनेस्कों के अनुसार‚ एक सीखने वाला शहर वह है‚ जो—

  • बुनियादी से उच्च शिक्षा तक समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हर क्षेत्र में अपने संसाधनों को प्रभावी ढंग से जुटाता है।
  • परिवारों और समुदायों में सीखने को पुनर्जीवित करता है; कार्यस्थल में और उसके लिए सीखने की सुविधा प्रदान करता है।
  • आधुनिक शिक्षण प्रौद्योगिकियों के उपयोग का विस्तार करता है।
  • सीखने में गुणवत्ता और उत्कृष्टता को बढ़ाता है।
  • जीवन भर सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देता है।
  • ऐसा करने से‚ शहर व्यक्तिगत सशक्तीकरण और सामाजिक समावेश‚ आर्थिक विकास और सांस्कृतिक समृद्धि और सतत विकास को बढ़ाता है।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 2 सितंबर‚ 2022 को ’यूनेस्को ग्लोबल नेटवर्क ऑफ लर्निंग सिटीज’ सूची में 3 भारतीय शहरों वारंगल (तेलंगाना)‚ नीलांबुर और त्रिशूर (केरल) को शामिल किया गया।
  • इस सूची में जगह बनाने वाले उपर्युक्त भारतीय शहर‚ देश के पहले प्रवेशकर्ता (First Entrants) बन गए हैं।

प्रमुख बिंदु

  • यूनेस्कों द्वारा GNLC सूची में 44 देशों के 77 शहरों को शामिल करने की घोषणा की गई।
  • इन 77 शहरों में 3 भारतीय शहर भी शामिल किए गए हैं। जिनमें तेलंगाना से वारंगल और केरल राज्य से नीलांबुर और त्रिशूर हैं।
  • अभी तक यूनेस्को GNLS सूची में 294 शहर शामिल किए गए हैं‚ जो 76 देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  • इन शहरों में 250 मिलियन से अधिक निवासी (Inhabitants) जीवन भर सीखने के अवसर का लाभ उठाने के लिए जुड़े हुए हैं।
  • GNLC वर्ष 2030 तक वैश्विक समुदाय के रूप में स्थापित होना चाहता है।

शामिल भारतीय शहर:
त्रिशूर

  • यह केरल की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में लोकप्रिय है। 
  • त्रिशूर‚ शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों का घर है।
  • यह अपने आभूषण उद्योग‚ विशेष रूप से सोने (स्वर्ण) के लिए भी जाना जाता है।
  • यूनेस्को GNLC के एक सदस्य के रूप में‚ ’त्रिशूर’ बौद्धिक और सहकर्मी सीखने (Peer Learning) की प्रक्रियाओं में योगदान करने की उम्मीद करता है।

नीलांबुर

  • नीलांबुर‚ केरल का एक इको - टूरिज्म (पर्यटन) गंतव्य स्थल है।
  • यह एक शहरी और ग्रामीण मिश्रण द्वारा चिह्नित विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पैटर्न वाला शहर है।
  • शहर का उद्देश्य सामुदायिक स्वामित्व के माध्यम से सतत विकास‚ लैंगिक समानता‚ समावेशिता और लोकतंत्र को बढ़ावा देना है।

वारंगल

  • यह तेलंगाना का दूसरा बड़ा शहर है।
  • वारंगल की एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है।
  • यह राज्य का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है‚ जो प्रत्येक वर्ष लगभग 3.2 मिलियन पर्यटकों का स्वागत करता है।

GNLC परियोजना का विकास

  • GNLC की शुरुआत वर्ष 2013 में ’यूनेस्को फॉर लाइफ लांग लर्निंग’ द्वारा की गई थी।
  • इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में सामाजिक सामंजस्य‚ आर्थिक विकास और स्थिरता को सुविधाजनक बनाना है।
  • वर्ष 2013 में लर्निंग सिटीज पर पहले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में लर्निंग सिटीज की प्रमुख विशेषताओं पर ’बीजिंग घोषणा’ को अपनाया गया था।
  • यह घोषणा-पत्र नेटवर्क के लिए मार्गदर्शक दस्तावेज है।
  • वर्ष 2015 से नेटवर्क में सदस्यों को स्वीकार करना शुरू किया गया।
  • तब से प्रत्येक वर्ष नेटवर्क का विस्तार‚ नए सदस्यों को शामिल कर किया जा रहा है।

संकलन - पंकज तिवारी


Comments
List view
Grid view

Current News List