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Post at: Sep 10 2022

राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के शाखाओं की 6 राज्यों में स्थापना

  वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 6 सितंबर‚ 2022 को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख माण्डविया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 6 राज्यों में ’राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र’ (NCDC) की क्षेत्रीय शाखाओं का शिलान्यास किया।
  • इन 6 राज्यों में आंध्र प्रदेश‚ अरुणाचल प्रदेश‚ केरल‚ महाराष्ट्र‚ त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश शामिल हैं।
  • इसके साथ ही डॉ. माण्डविया ने NCDC प्रयोगशाला‚ आवासीय परिसर तथा वेक्टर रोग जनित कार्यक्रम के राष्ट्रीय पोर्टल का भी उद्‌घाटन किया।

पृष्ठभूमि

  • 31 दिसंबर‚ 2012 को तत्कालीन योजना आयोग ने देश के सभी राज्यों एवं एक केंद्रशासित प्रदेश में ’राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र’ (NCDC) की 30 शाखाओं (वर्तमान समय में चालू 8 शाखाओं को मिलाकर) की स्थापना का अनुमोदन किया था। स्थायी वित्तीय समिति (SFC) ने 24 अप्रैल‚ 2015 को इस योजना को हरी झण्डी दे दी थी।

वर्तमान समय में NCDC की कार्यरत शाखाएं हैं— 

महत्वपूर्ण बिंदु

  • NCDC प्रयोगशाला में जीवाणुओं से संबंधित फंगस इन्फेक्शन‚ वायरल तथा परजीवी रोगों से संबंधित अत्याधुनिक परीक्षण और प्रयोगशाला तकनीशियन शामिल होंगे।
  • इस लैब में कुल 50 प्रयोगशालाएं तथा 5 RT-PCR (Real-Time Reverse Transcription-Polymerase Chain) प्रयोगशालाएं तथा 15 अन्य प्रयोगशालाएं शामिल हैं।
  • इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से न केवल परीक्षण सुविधाएं दी जाएंगी‚ अपितु पूरे देश में प्रयोगशालाओं के नेटवर्क को कुशल परीक्षण‚ क्षमता निर्माण तथा गुणवत्ता उपलब्ध कराया जाएगा।

उद्देश्य

  • बीमारियों की समय पर निगरानी व बिना देरी के पहचान तथा उन पर नजर रखने में राज्यों का सहयोग करेगी।
  • शुरुआत में इससे राज्यों को सजग किया जाएगा और क्षेत्रों से लिए गए सैंपल के माध्यम से समय पर केंद्र द्वारा सहयोग प्रदान किया जा सकेगा।
  • अत्याधुनिक तकनीकी से सुसज्जित शाखाओं से सूचनाओं और आंकड़ों को सही समय पर साझा करके NCDC मुख्यालय से समन्वय स्थापित किया जाएगा।
  • NCDC की शाखाएं नवीनतम दिशा-निर्देशों की समय पर उपलब्धता स्पष्ट कराने की दिशा में कारगर सिद्ध होंगी‚ जिससे वैज्ञानिक सुझाव को सरलता से प्राप्त किया जा सके।

NCDC क्या है?

  • National Center For Disease Control; अर्थात ’राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र’ का गठन जुलाई‚ 1963 में महामारी तथा संक्रामक रोगों के अध्ययन‚ नियंत्रण व रोकथाम के लिए किया गया था।
  • प्रारंभ में इसका नाम ’राष्ट्रीय संचारी रोग संस्थान’ था‚ जिसे  30 जुलाई‚ 2009 को नाम बदलकर ’राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र’ कर दिया गया।
  • NCDC का मुख्यालय नई दिल्ली में है।
  • NCDC केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिवालय की अधीनस्थ संस्था है।
  • NCDC की स्थापना वर्ष 1909 में केंद्रीय मलेरिया केंद्र से मानी जा सकती है‚ जिसे वर्ष 1938 में ’केंद्रीय मलेरिया संस्थान’ तथा वर्ष 1963 में ’केंद्रीय संचारी रोग संस्थान’ कर दिया गया था।

कार्य

  • NCDC, संक्रामक तथा गैर-संक्रामक रोगों के सभी बिंदुओं पर अध्ययन करने तथा उनके रोकथाम व नियंत्रण पर योजना बनाती है।
  • NCDC, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को रेफरल प्रयोगशाला व उच्चस्तरीय तकनीकी सहायता प्रदान करती है।
  • NCDC व्यक्तियों‚ समुदायों और मेडिकल कॉलेजों एवं रिसर्च केंद्रों को सुझाव एवं निदानों से संबंधित सेवाएं प्रदान करती है।

आगे की राह

  • देश को स्वस्थ्य और खुशहाल बनाना है‚ तो केंद्र और राज्यों के मध्य आपसी तालमेल आवश्यक है‚ जिससे रोगों के रोकथाम‚ नियंत्रण व उपचार के लिए बेहतर उपकरण‚ अच्छे डॉक्टर्स‚ मेडिकल-किट्‌स और हॉस्पिटल उपयोग में लाए जा सकते हैं। इसके लिए NCDC शाखाएं काफी उपयोगी सिद्ध होंगी।
    • हाल ही में कोरोना जैसी महामारी ने सरकारों को सचेत कर दिया है‚ कि अपने निजी स्वार्थ (केवल राज्य) को छोड़कर पूरे देश को एक होकर महामारी से लड़ना होगा‚ तभी राज्य और देश से महामारी को हराया जा सकता है।

संकलन - अतुल शुक्ला


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