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Post at: Sep 01 2022

पहला I2U2 शिखर सम्मेलन

I2U2 समूह

  • I2U2 समूह में चार देश शामिल हैं ।
  • अर्थात, यहां I2 से अभिप्राय भारत (India) और इस्राइल (Israel) से, वहीं U2 से अभिप्राय संयुक्त अरब अमीरात (UAE)  और संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)  से है।
  • 18 अक्टूबर, 2021 को आयोजित उपर्युक्त चार देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान इस समूह की परिकल्पना की गई थी।
    •  विदित हो उस समय समूह को ‘आर्थिक सहयोग के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच (International Forum for Economic Cooperation) कहा गया था।  

समूह का उद्देश्य

  • व्यापक रूप से I2U2  का उद्देश्य छ :  पारस्परिक रूप से पहचाने गए क्षेत्रों में संयुक्त निवेश को प्रोत्साहित करना है, जो निम्नलिखित हैं-

  •  इसके साथ ही निजी क्षेत्र की पूंजी काे एकत्रित कर आर्थिक सहयोग के कई क्षेत्रों के लिए इसका उपयोग करना है।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 14 जुलाई, 2022 को I2U2 समूह के नेताओं का पहला शिखर सम्मेलन आभासी माध्यम से आयोजित किया गया।
  • शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अतिरिक्त, इस्राइल के प्रधानमंत्री थाएर लापिड; यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान और यू.एस.ए. के राष्ट्रपति जो बाइडेन शामिल हुए।

सम्मेलन के प्रमुख निष्कर्ष

  • सम्मेलन में विशिष्ट संयुक्त परियोजनाओं  को बढ़ावा देना एवं संबंधित देशों और हमारे क्षेत्रों के लाभ हेतु साझा क्षेत्रीय विषयों पर चर्चा की गई। 
  • भारत के संदर्भ में दो प्रमुख संयुक्त परियोजनाओं की घोषणा की गई-

एकीकृत खाद्य पार्कों की श्रृंखला 

  •  गौरतलब है, कि यू.ए.ई. ने भारत में एकीकृत खाद्य पार्कों की श्रृंखला विकसित करने हेतु भारत में 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करने की घोषणा की।
    • विदित हो कि यू.ए.ई. वर्ष 2023 में CoP-28  का मेजबान देश है।
  • यह निवेश भोजन की बर्बादी और खराबी (Food Wastage and spoilage) को कम करने हेतु जलवायु स्मार्ट प्रौद्योगिकियों (Climate Smart Technologies) को तैनात करेगा। 
  • इसके साथ ही ताजे पानी का संरक्षण (Conserve fresh water) करेगा और अक्षय ऊर्जा (renewable energy) के स्रोतों का भी उपयोग करेगा।
  • इस प्रयास में अमेरिका और इस्राइल के निजी क्षेत्र परियोजना में भागीदार के रूप में अपनी विशेषज्ञता साझा करेंगे।
  • यह परियोजना जमीनी स्तर पर निम्नलिखित चार मुख्य प्रकार से लोगों को जोड़ती है-

(i) फसल की पैदावार को अधिकतम करना
(ii)  भारतीय किसानों की आय में वृद्धि करना
(iii) दक्षिण एशिया में खाद्य सुरक्षा में समग्र योगदान देना
(iv) इस मामले में मध्य-पूर्व मंे भी इसका विस्तार करना
 

हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना

  • इसके अतिरिक्त दूसरी परियोजना अक्षय ऊर्जा से संबंधित है।
  • इसके अतंर्गत I2U2 समूह ने गुजरात के द्वारका में ‘‘हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना’’ का समर्थन करने की घोषणा की।
  • इस परियोजना में 300 मेगावॉट (MW) पवन और सौर क्षमता (Wind and Solar Capacity)  शामिल है।
  • इस अक्षय ऊर्जा परियोजना हेतु अमेरिका ट्रेड एण्ड डेवलपमेंट एजेंसी (USTDA)  ने पहले ही व्यवहार्यता के अध्ययन (Feasibility Study) के लिए लगभग 330 मिलियन अमेरिकी डॉलर का वित्तपोषण किया है।
    • यह परियोजना भारत के वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट (GW) गैर-जीवाश्म ईंधन (non-fossil fuel) क्षमता प्राप्त करने के लक्ष्य में योगदान देगी।

संकलन-आदित्य भारद्वाज


 


 


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