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Post at: Sep 01 2022

आईएमडी, जापान सरकार और यूएनडीपी की संयुक्त पहल

पृष्ठभूमि

  • 3 अगस्त, 2022 को केंद्रीय मंत्रिमण्डल द्वारा भारत के राष्ट्रीय स्तर पर अद्यतन (Updated) निर्धारित योगदान (National Determination Contribution : NDC) को मंजूरी दी गई थी।
  • अद्यतन राष्ट्रीय निर्धारित योगदान, भारत के CoP-26 ग्‍लासगो में प्रस्तुत ‘पंचामृत’ लक्ष्य को ध्यान में रखकर किया गया है।
  • नए बदलाव के तौर पर भारत को अब वर्ष 2030 तक वर्ष 2005 के स्तर से अपने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की उत्सर्जन तीव्रता को 45 प्रतिशत तक कम करना है।    
  • वर्ष 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा संसाधनों से लगभग 50 प्रतिशत संचयी विद्युत शक्ति की स्थापित क्षमता प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
  • भारत द्वारा एन.डी.सी. NDC में किया गया बदलाव (Updation)़‚ भारत के जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई के तीव्रता को प्रदर्शित करता है।
  • इसी के दृष्टिगत‚भारत के जलवायु परिवर्तन कार्यक्रम  के समर्थन में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ‚जापान सरकार और संयुक्त राष्ट्र सुधार कार्यक्रम (यूएनडीपी) द्वारा नई पहल की शुरुआत की गई।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 11 अगस्त 2022, को आईएमडी ‚जापान सरकार और यूएनडीपी द्वारा भारत में जलवायु कार्रवाई में तेजी लाने के लिए नई पहल की घोषणा की गई।
  • नई पहल देशभर के 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू की जाएगी।

मुख्य बिंदु

  • नई परियोजना वर्ष 2022-23 के बीच बिहार, दिल्‍ली-एनसीआर, गुजरात, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, सिक्‍किम, उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश में क्रियान्वित की जाएगी।
  • संयुक्त पहल शुद्ध शून्य उत्सर्जन (Net zero emmission) लक्ष्य प्राप्त करने और जलवायु-लचीला विकास सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDCs) का समर्थन करेगी।
  • इसे पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तथा आईएमडी के साझेदारी में शुरू किया जाएगा।

  • जापान ने परियोजना के लिए यूएनडीपी इण्डिया को जलवायु अनुदान में 5.16 मिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान दिया है।
  • नोट: यह योगदान जापान द्वारा यूएनडीपी के एनडीसी (NDCs) को ठोस कार्रवाई में बदलने के ‘क्‍लाइमेट प्राॅमिस-फ्राॅम प्‍लेज टू इंपैक्ट कार्यक्रम के समर्थन में 23 देशों को किए जा रहे वैश्विक समर्थन का हिस्सा है।
  • अन्य महत्वपूर्ण बिंदु
  • नवंबर, 2021 में ग्लासगो में आयोजित Cop-26 शिखर सम्मेलन में भारत द्वारा वर्ष 2070 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य प्रस्तुत किया गया है।

संकलन-पंकज तिवारी


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