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Post at: Sep 01 2022

भारत का पहला अंतरराष्ट्रीय बुलियन एक्सचेंज

बुलियन

  • बुलियन (Bullion) से तात्पर्य भौतिक रूप में ऐसे स्वर्ण या रजत (Physical Gold & Silver) से है‚ जो उच्च शुद्धता के हैं और जिन्हें बार (bars)‚ ईंट के आकार के धातुखण्ड (ingots) या सिक्कों (coins) के रूप में रखा जाता है।
  • बुलियन को कभी-कभी ‘कानूनी निविदा’ (legal tender) भी माना जाता है।
  • इसे सामान्यत: केंद्रीय बैंकों द्वारा भण्डार (reserves) के रूप में या सांस्थानिक निवेशकों (institutional investors) द्वारा संरक्षित रखा जाता है।

बुलियन एक्सचेंज

  • बुलियन एक्सचेंज को सर्राफा बाजार के नाम से भी जाना जाता है।
    • यह एक ऐसा बाजार है‚ जिसके माध्यम से खरीददार और विक्रेता सोने और चांदी के साथ-साथ संबंधित मूल्यवान धातुओं का व्यापार करते हैं।
  • विश्वभर में कई सर्राफा बाजार हैं‚ हालांकि सोने एवं चांदी हेतु ‘प्रमुख वैश्विक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म’ (primary global trading platform) के रूप में ‘लंदन बुलियन मॉर्केट’ को जाना जाता है।
    • यह दिन में 24 घंटे व्यापार करने की अनुमति देता है और वायदा और विकल्प व्यापार (futures & options trading) की सुविधा प्रदान करता है।
  • लंदन बुलियन एक्सचेंज में सदस्यता वाली कंपनियां अपना अधिकांश राजस्व सोने या चांदी से प्राप्त करती हैं।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य 

  • 29 जुलाई‚ 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर (गुजरात) स्थित गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) में भारत के पहले अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) का दौरा किया।
  • इस दौरान प्रधानमंत्री ने गिफ्ट-आईएफएससी में इण्डिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (India International Bullion Exchange : IIBX) का शुभारंभ किया।
    • यह भारत का पहला ‘अंतरराष्ट्रीय बुलियन एक्सचेंज’ है।

इण्डिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज

  • केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2020-21 के केंद्रीय बजट में गुजरात के गांधीनगर में गिफ्ट सिटी में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र में इण्डिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज की स्थापना की घोषणा की थी।
  • इसी संदर्भ में ‘इण्डिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज’‚ बुलियन क्लियरिंग कॉर्पोरेशन (Bullion clearing corporation) तथा बुलियन डिपॉजिटरी (Bullion Depository) की स्थापना एवं परिचालन हेतु ‘इण्डिया इंटरनेशनल बुलियन होल्डिंग IFSC लिमिटेड’ (IIBH) नामक होल्डिंग कंपनी का सृजन किया गया।
  • IIBX ‘भारत में बुलियन आयात का प्रवेश द्वार’ (Gateway for Bullion Imports into India) होगा।
  • इसके तहत‚ घरेलू खपत के लिए सभी बुलियन आयात की प्रक्रिया इस एक्सचेंज के माध्यम से पूरी की जाएगी।
  • बाजार के 5 संस्थागत निवेशक यथा - CDSL [Central Depository Services (India) Limited], India INX (India International Exchange Limited), NSDL, NSE (National Stock Exchange of India Ltd.) तथा MCX (Multi Commodity Exchange of India Limited) IIBX के प्रवर्तक (Promotors) हैं।
    • जबकि ‘अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण’ (IFSCA) IIBX की नियामक (regulator) है।

उद्देश्य

  1. बुलियन कारोबार के लिए सभी बाजार सहभागियों को एक साझा पारदर्शी मंच पर लाना।
  2. भारत को वैश्विक सर्राफा कीमतों को प्रभावित करने वाली एक शक्ति के रूप में स्थापित करना।
  3. भारत में स्वर्ण के वित्तीयकरण को बढ़ावा देना।
  4. संपूर्ण सर्राफा पारितंत्र पर ध्यान केंद्रित करना।
  5. जोखिम-प्रबंधन एवं विश्व व्यापार हेतु मजबूत डाटा तंत्र के लिए अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म की स्थापना।
  6. कुशल मूल्य निर्धारण‚ स्वर्ण की गुणवत्ता को आश्वासन तथा वित्तीय बाजारों के अन्य क्षेत्रों के साथ अधिक एकीकरण।

निष्कर्ष 

  • भारत का सर्राफा बाजार (bullion market) विश्व के सबसे बड़े सर्राफा बाजारों में शामिल है।
  • खपत के मामले में यह विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सर्राफा बाजार है; इसलिए यह विश्व स्तर पर एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। हालांकि‚ इसमें संगठन और संरचना का अभाव रहा है।
    • उपर्युक्त चुनौतियों से निपटने में IIBX महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा एवं बाजार अक्षमताओं को दूर करेगा।
  • यह पहल भारत को वैश्विक सर्राफा बाजार में अपना सही स्थान हासिल करने और विश्वसनीयता एवं गुणवत्ता के साथ वैश्विक मूल्य शृंखला में भागीदार बनने हेतु सशक्त बनाएगी।
  • यह कदम भारत को स्वर्ण के एक प्रमुख उपभोक्ता के रूप में इसकी वैश्विक कीमतों को प्रभावित करने में सक्षम बनाने के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को भी पुष्ट करता है।
  • विश्व में अपनी तरह के सिर्फ तीसरे एक्सचेंज के रूप में IIBX‚ अपने प्रौद्योगिकी-संचालित समाधानों के साथ‚ योग्य ज्वैलर्स को एक्सचेंज तंत्र के माध्यम से स्वर्ण के आयात की सीधी पहुंच प्रदान करके भारत सर्राफा बाजार को एक सुसंगठित संरचना (organised structure) की ओर ले जाने की सुविधा प्रदान करेगा।

संकलन-सौरभ मेहरोत्रा


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