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Post at: Aug 29 2022

’एक्वा बाजार’ ऐप

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 18 अगस्त‚ 2022 को राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड (National Fisheries Development Board : NFDB) द्वारा शासी निकाय (Governing Body) की बैठक का आयोजन किया गया। 
  • यह इस निकाय की 9वीं बैठक है।
  • बैठक के दौरान ऑनलाइन मार्केट प्लेस फीचर ’एक्वा बाजार’ (Acqua Bazar) ऐप को लांच किया गया।

ऐप का विकास

  • इस ऐप को प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत एनएफडीबी के वित्तीय समर्थन से आईसीएआर - सीआईएफए द्वारा विकसित किया गया है। 
  • ध्यातव्य है‚ कि आईसीएआर - सीआईएफए का पूर्ण रूप ’भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद - केंद्रिय मीठाजल जीवपालन अनुसंधान संस्थान’ (Indian Council of Agricultural Research  - Centrral Institute of Freshwater Agriculture) है।

ऐप की विशेषताएं

  • यह ऐप मत्स्य किसानों और हितधारकों को मत्स्य संस्कृति के लिए आवश्यक सेवाएं और मछली के बीज‚ चारा‚ दवाओं जैसे वस्तुओं की प्राप्ति में मदद करेगा। 
  • साथ ही साथ इसमें किसानों द्वारा बिक्री हेतु मछली को सूचीबद्ध किया जा सकता है।
  • यह एक व्यापार प्लेटफॉर्म है‚ जो जलीय कृषि क्षेत्र में शामिल विभिन्न हितधारकों को आपस में जोड़ता है।

प्रमुख बिंदु

  •  इस बैठक की अध्यक्षता मत्स्यपालन‚ पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा की गई।
  • इस बैठक का आयोजन नई दिल्ली में किया गया।
  • बैठक में केरल‚ अरुणाचल प्रदेश‚ गुजरात‚ मिजोरम‚ त्रिपुरा और सिक्किम के प्रतिनिधियों ने प्रत्यक्ष तौर पर भाग लिया।
  • जबकि हरियाणा और पुदुचेरी के प्रतिनिधियों ने आभासी माध्यम से हिस्सा लिया।
  • इस अवसर पर ’’भारतीय मात्स्यिकी के सुपर सक्सेज स्टोरीज’’ (Super Success Stories from Indian Fisheries) पर एक पुस्तक का विमोचन किया गया।
  • इस पुस्तक को एनएफडीबी द्वारा प्रकाशित किया गया है।

पहल को शुरू करने की आवश्यकता

  • कभी-कभी मछली पालकों को महत्वपूर्ण एवं गुणवत्तापूर्ण आगत; जैसे छोटी मछलियां‚ चारा‚ खाद्य सामग्री‚ उर्वरक‚ न्यूट्रास्यूटिकल्स‚ एडिटिव्स‚ दवाएं आदि प्राप्त करने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
  • इन आगतों को प्राप्त करने में किसी भी तरह की देरी से उनके मत्स्यपालन संचालन की उत्पादकता प्रभावित होगी।

राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड 

  • राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड की स्थापना वर्ष 2006 में कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत एक स्वायत्त संगठन के रूप में किया गया था। 
  • अब यह मत्स्यपालन‚ पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत काम करता है।
  • इसका उद्देश्य देश में मत्स्य उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाना तथा एक एकीकृत एवं समग्र तरीके से मत्स्य विकास का समन्वय करना है।
  • मुख्यालय : तेलंगाना‚ हैदराबाद। 

संकलन - आदित्य भारद्वाज


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