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विधिक माप विज्ञान (पैकेज में रखी हुई वस्तुएं)‚ (तीसरा संशोधन) नियम‚ 2022

पृष्ठभूमि

  • उपभोक्ता मामले‚ खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधीन उपभोक्ता मामले विभाग (Department of Consumer Affairs) को विभिन्न माध्यमों से यह प्रतिवेदन मिला था‚ कि बिना पैकेज या खोलकर बेचे जाने वाले सिले-सिलाए कपड़ों या होजरी (Garments or hosiery) को ’विधिक माप विज्ञान (पैकेज में रखी हुई वस्तुएं) नियम‚ 2011’ से छूट प्रदान की जाए। 

विधि माप विज्ञान (पैकेज में रखी वस्तुएं) नियम‚ 2011

  • गौरतलब है‚ कि नियम‚ 2011 भारत में पहले से पैक की गई वस्तुओं को नियंत्रित करता है और अन्य बातों के साथ-साथ ऐसी वस्तुओं की बिक्री से पहले कुछ लेबलिंग आवश्यकताओं को अनिवार्य करता है।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 22 अगस्त‚ 2022 को उपभोक्ता मामले विभाग ने प्रतिवेदनों को संज्ञान में लेते हुए‚ नियम में संशोधन किए।
  • इन नियमों को ’विधिक माप विज्ञान (पैकेज में रखी हुई वस्तुएं)‚ (तीसरा संशोधन) नियम [Legal Metrology (Packaged Commodities), (Third Amendment) Rules], 2022 कहा जाएगा।
  • ये नियम 1 जनवरी‚ 2023 से लागू होंगे।
  • संशोधन के तहत‚ बिना पैकेज या खोलकर बेचे जाने वाले सिले-सिलाए कपड़ों या होजरी को छूट प्रदान की गई है।

छूट प्रदत्त घोषणाएं

  • व्यापार को सुगम बनाना तथा शर्तों का बोझ कम करने के उद्देश्य से छ: घोषणाओं से छूट प्रदान की गई है।
  • ये छ: घोषणाएं निम्नलिखित हैं :

 

(i)    वस्तुओं का आम/जेनेरिक नाम।
(ii)    पैकेज में रखी वस्तुओं के बारे में उनकी कुल तादाद को महिला या पुरुष की मानक इकाई या संख्या की इकाइयों के तहत घोषित करना।

  • इसके साथ ही पैकेज में रखी वस्तुओं की कुल तादाद‚ उनमें कितने पुरुषों की इकाइयां हैं‚ कितनी महिलाओं की या कौन कितनी संख्या में है‚ इसके विषय में घोषणा करना।

(iii)    प्रति इकाई बिक्री की कीमत।
(iv)    निर्माण या पैकेज में रखने से पूर्व या आयात करने का महीना और वर्ष।
(v)    समय के साथ अगर वस्तु उपयोग के लायक नहीं रहती‚ तो उसके विषय में तिथि‚ महीना और वर्ष की घोषणा‚ जिस समय के भीतर उसका उपयोग कर लिया जाए।
(vi)    उपभोक्ता सुविधा का नाम और पता।

संशोधित नियम में प्रावधान

  • सद्य: संशोधन के पश्चात उपभोक्ताओं हेतु मात्र चार जरूरी घोषणाएं दी जानी हैं‚ जो इस प्रकार हैं— 

(i)    निर्माता/मार्केटिंग करने वाले/ब्राण्ड स्वामी आयातित उत्पादों के मामले में आयातक सहित मूल देश या निर्माता का नाम और पता।
(ii)    उपभोक्ता सुविधा का ई-मेल और फोन नंबर।
(iii)    S, M, L, XL, XXL और XXXL जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य लिबास के माप संकेतों के साथ सेंटीमीटर या मीटर के रूप में विवरण देना होगा। 
(iv)    अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP)
 

विधि माप विज्ञान [पैकेज में रखी हुई वस्तुएं‚ (दूसरा संशोधन)] नियम‚ 2022

  • विदित हो‚ कि 14 जुलाई‚ 2022 को उपभोक्ता मामले विभाग (Department of Consumer Affairs) ने विधि माप विज्ञान (पैकेज में रखी वस्तुएं) नियम [Legal Metrology (Packaged Commoditites Rules], 2011 में संशोधन किया था।
  • इस संशोधित विधि माप विज्ञान [पैकेज में रखी हुई वस्तुएं (दूसरा संशोधन) नियम], 2022 का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों के लिए अनुपालन बोझ को कम करना और इनके व्यापार को सुगम बनाना है।
  • संशोधन इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों को एक वर्ष की अवधि के लिए क्यूआर (त्वरित प्रतिक्रिया) कोड के माध्यम से कुछ अनिवार्य घोषणाओं को घोषित (यदि पैकेज में ही घोषित नहीं किया गया है) करने की अनुमति देता है।
    • उल्लेखनीय है‚ कि यह विकल्प एक वर्ष हेतु दिया गया है; क्योंकि सरकार पायलट आधार पर पहली बार प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की कोशिश कर रही है।
  • यह संशोधन उद्योग को क्यूआर कोड के माध्यम से विस्तृत जानकारी को डिजिटल रूप से घोषित करने की अनुमति प्रदान करेगा।
  • हालांकि‚ उद्योग को पैकेज पर ही अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP), फोन नंबर और ई-मेल पता जैसे अनिवार्य विवरण घोषित करने होंगे।
  • जबकि क्यूआर कोड के माध्यम से अतिरिक्त अनिवार्य घोषणाएं; जैसे निर्माता का पता‚ वस्तु का सामान्य नाम‚ वस्तु का आकार और आयाम व ग्राहक सेवा की अनुमति है।

संकलन - आदित्य भारद्वाज


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