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Post at: Aug 25 2022

नौसेना एवं अंतरिक्ष उपयोग केंद्र के मध्य समझौता

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 5 अगस्त‚ 2022 को समुद्र विज्ञान (Oceanology) एवं मौसम विज्ञान (Meteorology) में उपग्रह आधारित नौसेना अनुप्रयोगों (Satellite based Naval Applications) पर डाटा साझाकरण और सहयोग पर एक समझौता-ज्ञापन (Mou) पर हस्ताक्षर किया गया। 
  • यह समझौता-ज्ञापन भारतीय नौसेना और अहमदाबाद स्थित अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (Space Applications Centre : SAC), इसरो के मध्य किया गया।

समझौता-ज्ञापन की विशेषताएं

  •  यह समझौता दोनों संगठनों के मध्य सहयोग को बढ़ाएगा और आपसी सहयोग के एक साझा मंच की शुरुआत करेगा।
  • SAC द्वारा वैज्ञानिक प्रगति को देश के समुद्री हितों की रक्षा के लिए भारतीय नौसेना के प्रयासों में समन्वित किया जाएगा। 
  • गौरतलब है‚ यह समझौता-ज्ञापन वर्ष 2022 में हस्ताक्षरित पिछले समझौता-ज्ञापन का विस्तार है।
  • सहयोग में विभिन्न आयामों को शामिल किया गया‚ जो निम्नलिखित हैं—
    • गैर-गोपनीय अवलोकन संबंधी डाटा (Non-Confedential Observational Data) साझा करना।
    • SAC से उत्पन्न मौसम संबंधी जानकारियों का सैन्य अभियानों में इस्तेमाल करना।
    •  नए उपकरणों के विकास
    • अंशांकन और ओशन मॉडल के सत्यापन के लिए उपग्रह डाटा के प्रसंस्करण हेतु विषय विशेषज्ञों (Subject Matter Experts : SMEs) का प्रावधान शामिल है।

अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र

  • अहमदाबाद स्थित अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (SAC) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के प्रमुख केंद्रों में से एक है।
  • सामाजिक हित के लिए इसरो के विविध मिशन हेतु अंतरिक्ष वाहित उपकरणों की अभिकल्पना तथा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोगों के प्रचालन पर अपना ध्यान संकेंद्रित करता है। 
  • अनुप्रयोगों में संचार (communication)‚ प्रसारण (broadcasting), नौसंचालन (navigation), आपदा निगरानी (disaster monitoring), मौसम विज्ञान (meteorology), समुद्र विज्ञान (oceanography), पर्यावरण निगरानी (environment monitoring) तथा प्राकृतिक संसाधन सर्वेक्षण (natural resources survey) शामिल हैं।
  • सैक (SAC) द्वारा अहमदाबाद व दिल्ली के भू-केंद्रों का परिचालन व रख-रखाव भी किया जाता है।
  • संयुक्त राष्ट्र (यू.एन.) से संबद्ध सेंटर फॉर स्पेस साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी एजुकेशन इन एशिया एण्ड द पैसेफिक (Centre for Space Science and Technology Education in Asia and the Pacific : CSSTE-AP) में अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी शिक्षा केंद्र के तहत‚ उपग्रह संचार‚ उपग्रह मौसम विज्ञान और वैश्विक परिवर्तन से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए ’सैक’ मेजबान संस्था है।

उपलब्धियां

  • SAC ने इसरो के वैज्ञानिक और ग्रह मिशन (scientific and planetary missions); जैसे- चंद्रयान-1 (Chandrayaan-1), मार्स ऑर्बिटर मिशन (Mars Orbiter Mission : MOM) आदि में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
  • सेंटर फॉर इण्डियन नेशनल सैटेलाइट (Centre for Indian National Satellite : INSAT) और जियो सिंक्रोनस सैटेलाइट (Geo Synchronous Satellite : CSAT) शृंखला के उपग्रहों में विकसित संचार ट्रांसपोण्डर का उपयोग सरकारी एवं निजी क्षेत्र द्वारा वीसेंट (VSAT), डीटीएच (DTH), इंटरनेट‚ प्रसारण (broadcasting)‚ टेलीफोन आदि के लिए किया जाता है।

संकलन - आदित्य भारद्वाज

 


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