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Post at: Aug 24 2022

भारत-ओमान संयुक्त सैन्य अभ्यास - अल नजह-IV

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 1-13 अगस्त‚ 2022 तक भारत एवं ओमान के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास अल नजह (Indo-Oman Joint Millitary Exercise Al Najah) का आयोजन किया गया। 
  • यह सैन्य अभ्यास महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (Mahajan Field Firing Ranges) राजस्थान के विदेशी प्रशिक्षण नोड में संपन्न हुआ। 
  • यह प्लाटून स्तर का 13 दिवसीय सैन्य अभ्यास था।
  • दोनों देशों के मध्य यह अभ्यास का चौथा (IV) संस्करण था।
  • इसके तीसरे संस्करण का आयोजन वर्ष 2019 में मस्कट (Muscut) में हुआ था।

उद्देश्य

  • अंतर-संचालनीयता (Inter-Operability) प्राप्त करना और संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत आतंकवाद रोधी माहौल में एक-दूसरे को संचालन प्रक्रियाओं और युद्ध अभ्यास से परिचित कराना।

अभ्यास में प्रतिनिधित्व

  • भारत की ओर से मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजीमेंट की 18वीं बटालियन (18th Battalion of Mechanised Infantry Regiment) ने और ओमान की शाही सेना का प्रतिनिधित्व ओमान पैराशूट रेजीमेंट के सुल्तान (Sultan of Oman Parachute Regiment) ने किया।

अभ्यास में सम्मिलित प्रमुख गतिविधियां

  • पेशेवर वार्ता‚ सैन्य अभ्यास एवं कार्य प्रणालियों की आपसी समझ‚ संयुक्त कमान और नियंत्रण संरचनाओं की स्थापना तथा आतंकवादी खतरों का शमन करना।
  • संयुक्त शारीरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम‚ सामरिक अभ्यास तकनीक एवं प्रक्रियाओं का समायोजन के अतिरिक्त संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत आतंकवाद का मुकाबला करने वाले सैन्य ऑपरेशन‚ क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति की रक्षा संचालन गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया गया।

अभ्यास के चरण

  • यह सैन्य अभ्यास तीन चरणों में संपन्न हुआ।
  • पहला चरण‚ भाग लेने वाली सैन्य टुकडियों द्वारा हथियार (Weapon), उपकरण (Equipment) और एक-दूसरे के सामरिक अभ्यास (Tactical Drill) के साथ अभिविन्यासित और परिचित होने का था।
  • दूसरा चरण‚ कॉम्बैट कण्डीशनिंग (Combat Conditioning), से संबंधित रहा।
  • अंतिम चरण में पहले के दो चरणों में सीखे  गए प्रमुख अभ्यासों और अवधारणाओं का 48 घंटे का सत्यापन अभ्यास था।
  • इस सत्यापन अभ्यास में मोबाइल ह्विकल चेकपोस्ट (Mobile Vehicle Check Post) की स्थापना‚घेराबंदी और खोजबीन अभियान (Cordon and Search Operations), हेलीबोर्न इंसर्शन (Hiliborne Insertion), रूम इंटरवेंशन ड्रिल्स (Room Intervention Drills) और आतंकवाद रोधी वातावरणीय में आईसीवी (ICV) का प्रभावी इस्तेमाल सम्मिलित था।
  • इस अभ्यास में स्वदेशी एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर ’धु्रव’ (Dhruv), ड्रोन एवं नई पीढ़ी की विभिन्न तकनीकों का प्रयोग किया गया। 

संकलन - संतोष कुमार पाण्डेय


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