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Post at: Aug 24 2022

युवाओं के लिए वैश्विक रोजगार प्रवृत्तियां‚ 2022 रिपोर्ट

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 11 अगस्त‚ 2022 को अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (International Labour Organization : ILO) ने ’युवाओं के लिए वैश्विक रोजगार प्रवृत्तियां‚ 2022’ (Global Employment Trends for Youth, 2022) रिपोर्ट जारी की। 
  • इस रिपोर्ट का शीर्षक है - ’युवा लोगों के भविष्य को बदलने में निवेश’ (Investing in Transforming Futures for Young People)।
  • यह रिपोर्ट कोविड आपदा के कारण 15-24 आयु वर्ग के युवाओं के रोजगार परिदृश्य पर केंद्रित है।

 

रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष

  • इस रिपोर्ट में भारत को निम्न - मध्य आय वाले देश में शामिल किया गया है।
  • रिपोर्ट के अनुसार‚ वर्ष 2021 में वैश्विक युवा बेरोजगारी दर 15.6 प्रतिशत है‚ जो युवाओं की तुलना में तीन गुना अधिक है।
  • ध्यातव्य है‚ कि रिपोर्ट में 25 वर्ष से अधिक आयु वालों को युवा माना गया है।
  • वर्ष 2021 में वैश्विक स्तर पर लगभग 75 मिलियन युवा बेरोजगार थे‚ जबकि 408 मिलियन रोजगार में थे।
  • जबकि 732 मिलियन युवा कार्यबल से बाहर थे।
  • श्रम बल में युवाओं की कम भागीदारी का मुख्य कारण उनका शिक्षा प्राप्ति में संलग्न होना है।
  • वर्ष 2020 में विश्वभर में लगभग 531 मिलियन या 44 प्रतिशत युवाओं ने शिक्षा हेतु नामांकन करवाया था।
  • 5 में से 1 से ज्यादा युवा शिक्षा‚ रोजगार अथवा प्रशिक्षण (NEET) से बाहर हैं।
  • NEET की स्थिति पिछले 15 वर्षों में सबसे भयावह है।
  • युवा श्रमिकों में वयस्क श्रमिकों के मुकाबले चरम गरीबी का स्तर लगभग दो गुना है।
  • अनौपचारिक क्षेत्र में युवा जहां 78 प्रतिशत संलग्न हैं‚ वहीं वयस्क लोगों की सहभागिता 58 प्रतिशत है।
  • 15-19 आयु वर्ग की युवतियों में 5.1 प्रतिशत शिक्षा एवं रोजगार दोनों में हैं‚ जबकि 66.9 प्रतिशत युवतियां शिक्षा ग्रहण कर रही हैं एवं श्रम बल से बाहर हैं।
  • 8 प्रतिशत युवतियां शिक्षा ग्रहण नहीं कर रही हैं तथा रोजगार प्राप्त हैं‚ जबकि 16.9 प्रतिशत युवतियां न तो शिक्षा ग्रहण कर रही हैं‚ न ही कार्यबल में शामिल हैं। 
  • 15-24 आयु वर्ग की युवतियों में 6.7 प्रतिशत शिक्षा ग्रहण करने के साथ-साथ रोजगार में भी हैं‚ जबकि 45.7 प्रतिशत शिक्षा में हैं‚ पर कार्यबल में शामिल नहीं हैं।
  • वहीं 20 प्रतिशत युवतियां रोजगार में हैं‚ पर शिक्षा ग्रहण नहीं कर रही हैं। जबकि 4.4 प्रतिशत न तो शिक्षा ग्रहण कर रही हैं‚ न ही रोजगार में हैं‚ और न ही किसी प्रकार का प्रशिक्षण ग्रहण कर रही हैं।
  • 22 प्रतिशत युवतियां न तो शिक्षा ग्रहण कर रही हैं‚ और न ही कार्यबल में शामिल हैं।

भारत में रोजगार संबंधी युवाओं की प्रवृत्तियां

  • रिपोर्ट के अनुसार‚ रोजगार के वैश्विक परिदृश्य को भारत में युवाओं की असाधारण गतिशीलता ने अधिक बिगाड़ दिया है।
  • भारत को यदि शामिल नहीं किया जाए‚ तो वैश्विक स्तर में युवा रोजगार में मध्यम स्तर का सुधार हुआ है।
  • भारत में श्रम बल में युवतियों की कम भागीदारी कुल रोजगार में युवाओं की कम भागीदारी को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण कारण है।
  • रिपोर्ट के अनुसार‚ भारत नाइजीरिया‚ केन्या एवं पाकिस्तान में सरकारी स्कूल के शिक्षकों की तुलना में निजी स्कूल के शिक्षकों को 8 गुना तक कम वेतन प्राप्त होता है।
  • भारत में मध्य वर्ग के तीव्र विकास ने घरेलू कामगारों की मांग में वृद्धि की है।
  • इस वृद्धि के कारण शहरों में घरेलू कामगार के तौर पर युवतियों की मांग में वृद्धि हुई है‚ यद्यपि इस क्षेत्र में मजदूरी अत्यंत कम है।

संकलन - मनीष प्रियदर्शी


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