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गोवा: पहला ’हर घर जल’ प्रमाणित राज्य

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 19 अगस्त‚ 2022 को गोवा को देश का पहला ’हर घर जल’ प्रमाणित राज्य घोषित किया गया। 
  • इसके साथ ही दादर एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव को पहला ’हर घर जल’ प्रमाणित केंद्रशासित राज्य घोषित किया गया।
  • यह घोषणा प्रधानमंत्री द्वारा आभासी संदेश के माध्यम से जल जीवन मिशन के तहत आयोजित ’हर घर जल’ उत्सव के दौरान की गई।
  • इस कार्यक्रम का आयोजन पणजी‚ गोवा में किया गया।

’हर घर जल’ स्थिति

गोवा

  • राज्य के सभी जिलों‚ ब्लॉकों‚ पंचायतों एवं गांवों आदि में नल के पानी की आपूर्ति 100 प्रतिशत की जा चुकी है।

  • गौरतलब है‚ कि मिशन की घोषणा (15 अगस्त‚ 2019) के दौरान राज्य के 75.70 प्रतिशत (1,99,094) घरों में नल कनेक्शन उपलब्ध था।
  • जबकि‚ मिशन के शुभारंभ के बाद शेष 24.30 प्रतिशत (63,919) घरों में नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया।

दादर एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव

  • केंद्रशासित राज्य दादर एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव के सभी जिलों‚ ब्लाकों‚ पंचायतों एवं गांवों आदि में नल के पानी की आपूर्ति 100 प्रतिशत की जा चुकी है।

  • गौरतलब है‚ कि मिशन की घोषणा के दौरान इस क्षेत्र के शून्य घरों में नल कनेक्शन उपलब्ध था।
  • मिशन के शुभारंभ के पश्चात प्रदेश के सभी 85,156 घरों में नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया।

जल जीवन मिशन

  • 15 अगस्त‚ 2019 को 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में जल जीवन मिशन की घोषणा की थी। 
  • उल्लेखनीय है‚ कि अगस्त‚ 2019 से ही भारत सरकार‚ राज्यों की भागीदारी में ’जल जीवन मिशन - हर घर जल’ को कार्यान्वित कर रही है।
  • यह मिशन ’जल शक्ति मंत्रालय’ के अंतर्गत आता है।

 मिशन का उद्देश्य

  • मिशन का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2024 तक देश के प्रत्येक ग्रामीण घर में नल से पर्याप्त एवं नियमित रूप से शुद्ध जल (हर घर जल) की आपूर्ति है।

फोकस

  • मिशन के क्रियान्वयन हेतु निम्नलिखित बातों पर जोर दिया जा रहा है—
    • वर्षा जल का संचयन
    • सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा
    • जल संरक्षण अभियान
    • आमजन को जागरूक करना
    • बच्चों को जल महत्व की शिक्षा देना आदि। 

मिशन के लाभ

  • गौरतलब है‚ कि विगत कुछ वर्षों में देश के कई भागों में भू-जल का स्तर काफी नीचे हो गया है‚ अत: यह मिशन भू-जल स्तर में वृद्धि हेतु बेहद उपयोगी होगा। 
  • इसके साथ ही मिशन के अन्य लाभों में शामिल हैं; जैसे—
  • घरेलू पाइपलाइन से जल आपूर्ति
  • स्वच्छ और पीने योग्य जल की उपलब्धता
  • बेहतर स्थानीय बुनियादी ढांचा
  • जल की कम बर्बादी

मिशन का विवरण

  • मिशन के तहत‚ गुणवत्ता प्रभावित गांवों‚ आकांक्षी जिलों‚ अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति बहुल गांवों‚ कम पानी वाले इलाकों और सांसद आदर्श ग्राम योजना के गांवों को प्राथमिकता के आधार पर नल से जल प्रदान किया जा रहा है। 
  • यह मिशन ’सोपान’ (Bottom-Up) दृष्टिकोण का पालन करता है।
  • अर्थात‚ जहां समुदाय योजना बनाने से लेकर उसे कार्यान्वित करने‚ प्रबंधन संचालन और रख-रखाव के कार्य में अहम भूमिका निभाते हैं।
  • वर्ष 2024 के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (Village Water & Sanitation Committee : VWSC) का भी गठन किया जा रहा है।
  • जल गुणवत्ता और सतर्कता गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक गांव की पांच महिलाओं को अशुद्ध जल की जांच करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 
  • जल की जांच हेतु फील्ड टेस्ट किट का उपयोग किया जाता है।
  • इन किटों की मदद से निम्नलिखित नौ पैमानों पर पानी की जांच होती है—
    • पीएच (pH)
    • एल्केलाइन (alkalinity)
    • क्लोराइड (chloride)
    • नाइट्रेट (nitrate) 
    • पानी में सख्तपन (total hardness)
    • फ्लोराइड (floride)
    • आयरन (iron)
    • अंशरहित क्लोरीन (residual free chlorine)
    • H2S
  • वर्तमान में देश में पानी की जांच हेतु 2,022 प्रयोगशालाएं हैं‚ जिसमें 454 प्रयोगशालाएं राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories : NABL) से मान्यता प्राप्त हैं।
  • उल्लेखनीय है‚ कि मिशन के तहत घरों में पानी के कनेक्शन को घर के मुखिया के आधार कार्ड संख्या से जोड़ा गया है। 

वर्तमान में मिशन की प्रगति

  • जल जीवन मिशन डैशबोर्ड के अनुसार‚ 20 अगस्त‚ 2022 तक देशभर में लगभग 10 करोड़ (52.43%) से अधिक घरों के पास नल के पानी के कनेक्शन हैं।
  • राज्य स्तर पर तेलंगाना और हरियाणा ने राज्य के सभी घरों को 100 प्रतिशत नल कनेक्टिविटी प्रदान की है।
  • वहीं केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी एवं अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह के सभी घरों को 100 प्रतिशत नल कनेक्टिविटी प्रदान की है।
  • 90 प्रतिशत से अधिक ’कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन’ (Functional Household Tap Cnnection : FHTC) वाले राज्यों में पंजाब (99.93%), गुजरात (97.00%), बिहार (95.49%) और हिमाचल प्रदेश (94.85%) शामिल हैं।
  • इसके अतिरिक्त सबसे कम FHTC वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश (15.74%), झारखण्ड (22.15%), राजस्थान (26.40%), छत्तीसगढ़ (26.72%) और पश्चिम बंगाल (29.17%) शामिल हैं।

 

संकलन - आदित्य भारद्वाज

 


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