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Post at: Aug 22 2022

पुनरुत्थान वितरण क्षेत्र योजना

पृष्ठभूमि

  • भारत सरकार, सरकारी क्षेत्र के डिस्कॉम (बिजली वितरण कंपनियों) के परिचालन दक्षता और वित्तीय स्थिरता में सुधार के लिए निरंतर प्रयासरत है।
  • इसी दिशा में कार्य करते हुए वर्ष 2015 में उदय (UDAY) योजना की शुरुआत की गई थी।
  • उदय योजना डिस्कॉम के परिचालन और वित्तीय सुधार के लिए लाया गया था।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 30 जुलाई, 2022 को प्रधानमंत्री ने ‘पुनरुत्थान वितरण क्षेत्र योजना’ का शुभारंभ किया।
  • 30 जून, 2021 को केंद्रीय मंत्रिमण्डल द्वारा इस योजना को स्वीकृति प्रदान की गई थी।
  • ‘पुनरुत्थान वितरण क्षेत्र योजना’ डिस्काॅम के लिए सुधार आधारित और परिणाम केंद्रित योजना है।

 प्रमुख बिंदु

  • योजना का कार्यान्‍वयन ‘‘सभी के लिए एक व्यवस्था’ दृष्टिकोण की बजाय, प्रत्येक राज्य के लिए भिन्‍न कार्य योजना पर आधारित है।
  • योजना का अनुमानित परिव्यय 3,03,758 करोड़ रुपये रखा गया है।
  • योजना में पूर्व निर्धारित और तय प्रदर्शन के संकेतों के मामले में डिस्काॅम के प्रदर्शन का वार्षिक मूल्यांकन शामिल किया गया है।
  • वर्ष में वित्तपोषण सहायता के लिए पात्र होने के लिए डिस्काॅम को न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों का स्कोर प्राप्त करना होगा।
  • योजना के अंतर्गत किसानों के लिए बिजली की आपूर्ति में सुधार लाने और कृषि फीडरों के सौरकरण के माध्यम से उन्हें दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
  • यह योजना प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) योजना के साथ कार्य करती है।
  • यह योजना प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग के माध्यम से सार्वजनिक निजी साझेदारी (पीपीपी) मोड को लागू करने के लिए उपभोक्ता सशक्तीकरण को सक्षम बनाता है।
  • इसके पहले चरण में दिसंबर, 2023 तक लगभग 10 करोड़ प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का प्रस्ताव है।
  • प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग के समयबद्ध कार्यान्वयन के साथ-साथ संचार सुविधा के साथ फीडर और वितरण ट्रांसफाॅर्मर (डीटी) स्तर पर सिस्टम मीटरिंग (Metering) करने का भी प्रस्ताव है।
  • नोडल एजेंसी- योजना के सुविधाजनक कार्यान्वयन के लिए ग्रामीण विद्युत निगम और विद्युत वित्त निगम को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
  • योजना की अवधि- यह योजना वर्ष 2025-26 तक उपलब्ध रहेगी।

 

प्रमुख घटक
(i) उपभोक्ता मीटर और सिस्टम मीटर

  • कृषि उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड स्मार्ट मीटर ।
  • 25 करोड़ उपभोक्ताओं को प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग के दायरे में लाया जाएगा।

(ii) फीडर का वर्गीकरण

  •  यह योजना असंबद्ध फीडरों के लिए फीडर वर्गीकरण हेतु वित्तपोषण पर भी ध्यान केंद्रित करती है।
  • जो कुसुम के तहत सौरकरण को सक्षम बनाएगा और इसकी वजह से  किसानों को अतिरिक्त आय होगी ।

(iii) शहरी क्षेत्रों में वितरण प्रणाली का आधुनिकीकरण

  • सभी शहरी क्षेत्रों में पर्यवेक्षी नियंत्रण और डाटा अधिग्रहण
  • 100 शहरी केंद्रों में वितरण प्रबंधन प्रणाली (Distribution Management System : DMS)

(iv) ग्रामीण और शहरी क्षेत्र प्रणाली का सुदृढ़ीकरण

  • विशेष श्रेणी के राज्य- पूर्वोत्तर राज्यों के सिक्‍किम और जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, अण्डमान निकोबार और लक्षद्वीप राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों सहित सभी विशेष श्रेणी के राज्यों को विशेष श्रेणी के राज्यों के रूप में समझा जाएगा।
  • इन राज्यों को अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा।

जैसे - डिस्काॅम यदि दिसंबर, 2023 तक लक्षित संख्या में स्मार्ट मीटर स्थापित करते हैं, तो उपरोक्त अनुदान के 50 प्रतिशत के अतिरिक्त विशेष प्रोत्साहन का भी लाभ उठा सकते हैं।

विद्युत क्षेत्र से संबंधित योजनाएं

  • उज्‍ज्‍वल डिस्काॅम एश्योरेंस योजना (UDAY), 2015)
  • दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, 2015
  • प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य), 2017
  • एकीकृत विद्युत विकास योजना
  • ग्रामीण विद्युतीकरण पर योजनाओं के कार्यान्वयन में पारदर्शिता की निगरानी पर ‘गर्व ऐप’ इत्यादि।

संकलन-पंकज तिवारी
 

 


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