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Post at: Aug 06 2022

विधि माप विज्ञान (पैकेज में रखी हुई वस्तुएं) नियम‚ 2011 में संशोधन

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 14 जुलाई‚ 2022 को उपभोक्ता मामले विभाग (Department of Consumer Affairs) ने विधि माप विज्ञान (पैकेज में रखी वस्तुएं) नियम [Legal Meterology (Packaged Commoditites) Rules], 2011 में संशोधन किया।

 उद्देश्य

  • संशोधित विधि माप विज्ञान (पैकेज में रखी हुई वस्तुएं‚ (दूसरा संशोधन) नियम‚ 2022 का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों के लिए अनुपालन बोझ को कम करना और इनके व्यापार को सुगम बनाना है।

संशोधित नियम

  • सद्य: संशोधन इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों को एक वर्ष की अवधि के लिए क्यूआर (त्वरित प्रतिक्रिया) कोड के माध्यम से कुछ अनिवार्य घोषणाओं को घोषित (यदि पैकेज में ही घोषित नहीं किया गया है) करने की अनुमति देता है।
  • उल्‍लेखनीय है‚ कि यह विकल्प एक वर्ष हेतु दिया गया है; क्योंकि सरकार पायलट आधार पर पहली बार प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की कोशिश कर रही है। 
  • यह संशोधन उद्योग को क्यूआर कोड के माध्यम से विस्तृत जानकारी को डिजिटल रूप में घोषित करने की अनुमति प्रदान करेगा।
  • हालांकि‚ उद्योग को पैकेज पर ही अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP)‚ फोन नंबर और ई-मेल पता जैसे अनिवार्य विवरण घोषित करने होंगे।
  •  जबकि क्यूआर कोड के माध्यम से अतिरिक्त अनिवार्य घोषणाएं‚ जैसे निर्माता का पता‚ वस्तु का सामान्य नाम‚ वस्तु का आकार और आयाम व ग्राहक सेवा की अनुमति है। 

विधि माप विज्ञान (पैकेज में रखी वस्तुएं) नियम, 2011

  • गौरतलब है‚ कि नियम‚ 2011 भारत में पहले से पैक की गई वस्तुओं को नियंत्रित करता है और अन्य बातों के साथ-साथ ऐसी वस्तुओं की बिक्री से पहले कुछ लेबलिंग आवश्यकताओं को अनिवार्य करता है।

संकलन-आदित्य भारद्वाज
 


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