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Post at: Aug 06 2022

दण्ड प्रक्रिया (शनाख्त) अधिनियम‚ 2022

पृष्ठभूमि

  • 1980 में भारतीय विधि आयोग ने 1920 के एक्ट की समीक्षा करते हुए कहा था कि अपराध की जांच की आधुनिक प्रवृत्तियों को देखते हुए इसमें संशोधन करने की जरूरत है।
  • मार्च, 2003 में आपराधिक न्याय प्रणाली के सुधारों पर गठित एक्सपर्ट कमेटी (चेयर: डॉ. जस्टिस वी.एस. मलिमथ) ने 1920 के एक्ट में संशोधन का सुझाव दिया था 
  • ताकि मजिस्ट्रेट को यह अधिकार दिया जा सके कि वह डीएनए के लिए खून के सैंपल, बाल, लार और सीमन जैसे डाटा को जमा करने के आदेश दे सके।
  • 28 मार्च, 2022 को दण्ड प्रक्रिया (शनाख्त) विधेयक [The Criminal Procedure (Identification) Bill], 2021 को लोक सभा में पेश किया गया था।
  • 4 अप्रैल‚ 2022 को लोक सभा द्वारा और 6 अप्रैल‚ 2022 को राज्य सभा द्वारा इस विधेयक को पारित किया गया। Æ18 अप्रैल‚ 2022 को इसे राष्ट्रपति की सहमति प्राप्त हुई। 

 वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 4 अगस्त, 2022 को इस अधिनियम को लागू कर दिया गया।
  • यह अधिनियम ‘बंदी की शनाख्त अधिनियम (The Identification of Prisoners Act) 1920’ का स्थान लेता है। 

अधिनियम, 1920 से अधिनियम, 2022 की तुलना-

  • राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) आंकड़े बनाए रखने हेतु केंद्रीय एजेंसी होगी।
    • NCRB आंकड़ों (डाटा) को कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साझा करेगी।
  •  एकत्र किए गए डाटा को 75 वर्षों तक डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखा जाएगा।

संकलन-आदित्य भारद्वाज
 


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