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भारत नवाचार सूचकांक, 2021

नवाचार 
नवाचार (Innovation) का सामान्य तात्पर्य पहले से चली आ रही व्यवस्था‚ स्थापित कानूनों‚ रीति-रिवाजों‚ प्रक्रिया‚ उपकरणों या पद्धति में परिवर्तन लाकर ऐसा कुछ नया करने से है‚ जो प्रवर्तित की तुलना में अधिक सस्ता‚ सरल‚ सहज एवं समस्या समाधानकारी हो।

  • दूसरे शब्दों में कार्यक्षमता एवं प्रभावकारिता (effectiveness) में सुधार या प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्राप्त करने के उद्देश्य से किसी नए उत्पाद प्रक्रिया या सेवा सृजन‚ विकास तथा कार्यान्वयन ही नवाचार कहलाता है।
  • जोसेफ शुमपीटर (Joseph Schumpeter) नवाचार के विचारों का अध्ययन करने वाले पहले शिक्षाविदों में से एक थे।
  • किसी सरकार तथा किसी व्यावसायिक कंपनी के लिए नवाचार भिन्‍न-भिन्‍न उद्देश्यों की पूर्ति का माध्यम होता है।
  • जहां एक कंपनी बाजार पर प्रभुत्व स्थापित करने के लिए नवाचार पर बल देती है‚ वहीं सरकार देश की अर्थव्यवस्था में वृद्धि एवं विकास हेतु नवाचार का रास्ता अपनाती है।

भारत में नवाचार

  • भारत की ‘मेक इन इण्डिया’ एवं ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहलों में नवाचार का केंद्रीय स्थान है।
  • भारत द्वारा 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में नवाचार की भूमिका अहम होगी।
  • इस संदर्भ में नीति आयोग द्वारा प्रारंभ ‘अटल इनोवेशन मिशन’ (Atal Innovation Mission) विशेष रूप से उल्‍लेखनीय है‚ जो स्कूलों से लेकर उद्योगों के स्तर तक नवाचार की संस्कृति को प्रोत्साहित करने का एक सफल प्रयास है।
  • इस दिशा में अगला कदम बढ़ाते हुए नीति आयोग ने अक्टूबर‚ 2019 में भारत नवाचार सूचकांक के प्रथम संस्करण को लांच किया था‚ जो भारत में राज्य स्तर पर नवाचार पारितंत्र का विश्लेषण करने तथा उसे बढ़ावा देने का एक उपयोगी साधन है।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 21 जुलाई‚ 2022 को नीति आयोग ने भारत नवाचार सूचकांक का तृतीय संस्करण जारी किया। 
  • इस रिपोर्ट को तैयार करने में गुरुग्राम स्थित ‘इंस्टीट्‌यूट फॉर कंपटीटिवनेस’ (IFC : Institute for Competitiveness) ज्ञान भागीदार (Knowledge Partner) के रूप में शामिल रहा है।

    उद्देश्य 

  • इस सूचकांक के माध्यम से नवाचार को प्रोत्साहन देने में राज्यों के परिवेश की अनुकूलता तथा उनके नवाचारी कार्यों के परिणामों दोनों का परीक्षण किया गया है।
  • यह सूचकांक न केवल नवाचार संबंधी वातावरण को प्रोत्साहन देने हेतु रणनीति तैयार करने में राज्यों की मदद करेगा‚ बल्कि नवाचार के संदर्भ में अपने प्रदर्शन की अन्य राज्याें के साथ तुलना करने में भी उन्हें सक्षम बनाएगा।
  • राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होगी‚ जिससे प्रतिस्पर्धी संघवाद (Competitive federalism) को बढ़ावा मिलेगा।

    प्रविधि 

  • इस सूचकांक को निम्न दो मुख्य शीर्षकों के अंतर्गत सूचीबद्ध किया गया है-

(i) इनेबलर्स (Enablers)

  • इस सूचकांक में ‘नवाचार हेतु किए गए निवेश’ (Innovation input) को इनेबलर्स के माध्यम से मापा गया है। 
    • इसके अंतर्गत निम्न पांच स्तंभ (Pillars) शामिल हैं-

 

    (a) मानव पूंजी (Human Capital) 
    (b) निवेश (Investment)
    (c) ज्ञानकर्मी (Knowledge Workers)
    (d) व्यापारिक परिवेश (Business Environment)
    (e)    सुरक्षा एवं विधिक परिवेश (Safety & Legal Environment)

(ii)    प्रदर्शन (Performance)

  • किसी अर्थव्यवस्था के अंतर्गत संचालित नवाचार संबंधी गतिविधियों के परिणाम (Result or output) को इस शीर्षक के तहत शामिल किया गया है। इसमें शामिल ‘प्रदर्शन’ संबंधी दो स्तंभ हैं-

(a)    ज्ञान निर्गत (Knowledge Output)
(b)    ज्ञान प्रसार (Knowledge Diffusion)
उपर्युक्त सातों स्तंभ कुल 66 संकेतकों पर आधारित हैं

  • इनेबलर्स तथा प्रदर्शन‚ इन दोनों पैमानों में किसी राज्य/केंद्रशासित प्रदेश को प्राप्त स्कोर के औसत के आधार पर उसके समग्र नवाचार स्कोर की गणना की जाती है।

भौगोलिक आच्छादन

  • इस सूचकांक में भारत के 36 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को शामिल किया गया है।
  • राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पुन: तीन श्रेणियों में विभक्त किया गया है-

(i)    बड़े राज्य (Major states)
(ii)    उत्तर-पूर्वी तथा पहाड़ी राज्य (North-Eastern & Hill States)
(iii)    केंद्रशासित प्रदेश‚ शहरी राज्य एवं छोटे राज्य (Union Territories, City States & Small States )

  •  यह वर्गीकरण इसलिए किया गया है, ताकि राज्यों को उनकी प्रशासनिक‚ आर्थिक और भौगोलिक समानता के आधार पर रैंक प्रदान की जा सके। 
  • गोवा को एक राज्य होने के बावजूद उसके छोटे आकार के कारण केंद्रशासित प्रदेशों एवं शहरी राज्यों की श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है।
  • इस वर्ष जम्मू एवं कश्मीर को केंद्रशासित प्रदेश एवं शहरी राज्यों की श्रेणी के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है।

राष्ट्र-स्तरीय विश्लेषण

  • भारत नवाचार सूचकांक‚ 2021 में 0-100 के पैमाने पर स्कोर प्रदान किए गए हैं‚ जहां शून्य (0) सबसे खराब प्रदर्शन को तथा 100 नवाचार के संदर्भ में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को इंगित करता है।
  • भारत नवाचार सूचकांक में समग्र रूप से भारतीय राज्यों का स्कोर 14.56 (वर्ष 2020 में स्कोर : 23.4) है‚ जो यहां नवाचार के संदर्भ में विकास एवं सुधार की अपार संभावना को प्रदर्शित करता है। 

राज्यों की रैंकिंग

  • बड़े राज्यों में कर्नाटक (स्कोर : 18.01) प्रथम स्थान पर तथा छत्तीसगढ़ (स्कोर : 10.97) अंतिम 17वें स्थान पर है।
  • बड़े राज्यों का औसत स्कोर 14.02 है।
  • बड़े राज्यों की रैंकिंग में शीर्ष पांच राज्यों में से तीन राज्य (कर्नाटक‚ तेलंगाना, एवं तमिलनाडु) दक्षिण भारत के हैं।
  • उत्तर-पूर्वी/पहाड़ी राज्यों में नवाचार के संदर्भ में मणिपुर (स्कोर : 19.37) का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ (प्रथम स्थान) रहा है‚ जबकि नगालैण्ड (स्कोर : 11.00) का अंतिम स्थान है।
  • केंद्रशासित प्रदेशों/शहरी राज्यों/छोटे राज्यों की श्रेणी में चण्डीगढ़ (स्कोर : 27.88) को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है‚ जबकि लद्दाख (स्कोर : 5.91) को अंतिम स्थान प्राप्त हुआ है।
  • यदि बिना किसी वर्गीकरण के भारत के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का मूल्यांकन किया जाए‚ तो इस दृष्टि से नवाचार के संदर्भ में चण्डीगढ़ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ता है।

उत्तर प्रदेश की स्थिति    

  • भारत नवाचार सूचकांक‚ 2021 में बड़े राज्यों की श्रेणी में उत्तर प्रदेश को 7वां स्थान (स्कोर : 14.22) प्राप्त हुआ है‚ जबकि पिछले वर्ष इसे 9वां स्थान प्राप्त हुआ था।
  • इसी प्रकार इनेबलर्स घटक के संदर्भ में बड़े राज्यों में उत्तर प्रदेश को 11वां स्थान प्राप्त हुआ है‚ जबकि प्रदर्शन घटक के संदर्भ में यह 5वें स्थान पर है।
  • उत्तर प्रदेश का प्रति व्यक्ति सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 51,255 रुपये (2019-20) है।

 

निष्कर्ष 

वस्तुत: इस रिपोर्ट के माध्यम से भारत में राज्यों की नवाचार संबंधी क्षमताओं पर प्रकाश डालने का प्रयास किया गया है। उल्‍लेखनीय है, कि भारत जैसे विशाल देश में एक प्रभावी नीति के निर्माण हेतु क्षेत्रीय स्तर पर नवाचार की स्थिति को समझना आवश्यक है। ऐसी उम्मीद की जा रही है, कि यह सूचकांक राज्यों को उनके नवाचार पारितंत्र को मजबूत बनाने हेतु प्रोत्साहित करने में उपयोगी साबित होगा।

संकलन-मनीष प्रियदर्शी

 


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