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उद्योगों के लिए पहला सरकारी विलवणीकरण संयंत्र

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 17 जून‚ 2022 को गुजरात के भरूच जनपद के दाहेज (Dahej) में औद्योगिक उपयोग के लिए पहला सरकारी विलवणीकरण संयंत्र (The First Government Desalination Plant for Industries)  का उद्‌घाटन किया गया।
  • इस संयंत्र की आधारशिला 30 नवंबर‚ 2019 को रखी गई थी।
  • निर्माणकर्ता - इस संयंत्र का निर्माण गुजरात औद्योगिक विकास निगम (Gujrat Industrial Development Corporation: GIDC)  द्वारा कराया गया है।
  • जीआईडीसी (GIDC)  का गठन राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों और औद्योगिक संपदाओं में उद्योगें की व्यवस्थित स्थापना और संगठन सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
  • स्थिति - यह संयंत्र नर्मदा नदी के मुहाने के संगम पर राहियाद गांव दाहेज में स्थित है।
  • क्षमता- इस संयंत्र की क्षमता 100 एमएलडी (Million Litter ParDay: MLD) है।
  • लागत- इस संयंत्र के निर्माण में कुल 881 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय हुई।
  • उद्देश्य- दाहेज औद्योगिक क्षेत्र के लिए पानी की दैनिक आवश्यकता की पूर्ति करना।
  • आवश्यकता- नर्मदा के जल पर निर्भरता कम करना। 
  • वर्तमान में नर्मदा नदी से 454 MLD जल का उपयोग किया जाता है।
  • जिसमें दाहेज औद्योगिक क्षेत्र के लिए प्रतिदिन 200 MLD जल की आवश्यकता होती है।
  • जनवरी-जून माह तक नर्मदा नदी का जल स्तर कम होने के कारण पानी के संकट का सामना करना पड़ता है।
  • तकनीक-पानी को लवणमुक्त करने की प्रक्रिया 'विलवणीकरण' कहलाती है।
  • इस संयंत्र में विलवणीकरण के लिए रिवर्स ऑस्मोसिस (Reverse Osmosis: RO)  तकनीक प्रक्रिया का प्रयोग किया जाता है।
  • इस प्रक्रिया में अर्द्ध पारगम्य झिल्‍ली के माध्यम से उच्‍च विलेय सांद्रता के क्षेत्र से कम विलेय सांद्रता वाले क्षेत्र में परिवर्तित करने के लिए बाह्य दबाव लगाया जाता है।
  • झिल्‍ली में मौजूद सूक्ष्म छिद्र जल के अणुओं को अंदर आने की अनुमति देते हैं, लेकिन दूसरी तरफ साफ जल छोड़ते हुए नमक (लवण) और अन्य अशुद्धियों को पीछे छोड़ देते हैं।
  • इस प्रक्रिया का प्रयोग 20वीं शताब्दी के मध्य में प्रारंभ हुआ।

संबंधित अन्य तथ्य

  • दाहेज में भारत का एकमात्र कार्यात्मक पेट्रोलियम, रसायन एवं पेट्रोकेमिकल निवेश क्षेत्र है।
  • भारत में विलवणीकरण संयंत्र की स्थापना सर्वप्रथम तमिलनाडु में की गई।
  • मिंजुर समुद्री जल विलवणीकरण संयंत्र की स्थापना वर्ष 2010 में हुई।
  • आंध्र प्रदेश के प्रकागम जिले में एक जल विलवणीकरण संयंत्र की स्थापना का प्रस्ताव किया गया है।
  • महाराष्ट्र में जल विलवणीकरण के लिए बीएमसी (BMC)  ने इस्राइल के साथ समझौता कर संयंत्र की स्थापना करने की घोषणा की है।
  • केरल जल प्राधिकरण ने राज्य के 9 तटीय जिलों के लिए एक जल विलवणीकरण संयंत्र स्थापित करने के लिए मत्स्य विभाग और राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान (National Institute of Ocean Technology: NIOT)  की भागीदारी से किए जाने का समझौता किया है।

संकलन-संतोष कुमार पाण्डेय
 


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