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Post at: Jul 29 2022

वैश्विक लैंगिक अंतराल रिपोर्ट‚ 2022

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 13 जुलाई, 2022 को  विश्व आर्थिक मंच (WEF) द्वारा 16वीं ‘वैश्विक लैंगिक अंतराल रिपोर्ट‚ 2022’ (Global Gender Gap Report, 2022) जारी की गई।

वैश्विक लैंगिक अंतराल रिपोर्ट

  • इस रिपोर्ट को पहली बार वर्ष 2006 में ‘विश्व आर्थिक मंच’  (WEF) द्वारा जारी किया गया था।
    • इस रिपोर्ट को जारी करने का मुख्य उद्देश्य विश्व में लैंगिक समानता को प्राप्त करने की दिशा में हुई प्रगति का मापन करना था।
  • यह रिपोर्ट निम्नलिखित 4 आयामों (dimensions) के आधार पर विभिन्‍न देशों में व्याप्त लैंगिक अंतराल का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करती है।

(i)     आर्थिक भागीदारी और अवसर (Economic Participation & Opportunity) 
(ii) शिक्षा प्राप्ति (Educational Attainment)
(iii) स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता (Health & Survial)
(iv) राजनीतिक सशक्तीकरण (Political Empowerment)

  • रिपोर्ट में प्रस्तुत वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक में‚ उच्‍चतम स्कोर '100' होता है‚ जो ‘‘लैंगिक समानता’’ को प्रदर्शित करता है तथा निम्नतम स्कोर '0' अर्थात ‘शून्य’ होता है‚ जो ‘‘लैंगिक असमानता’’ को दर्शाता है।

रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष

  • कुल 146 देशों का तुलनात्मक अध्ययन किया गया है।
  • रिपोर्ट के अनुसार‚ वर्ष 2022 में वैश्विक लैंिगक अंतराल स्कोर 68.1 प्रतिशत है।
  • रिपोर्ट के अनुसार‚ वर्तमान स्थिति के अनुरूप विश्वभर में व्याप्त लैंगिक अंतराल को समाप्‍त करने में 132 वर्ष लग जाएंगे।
  • वर्ष 2022 के वैश्विक लैंगिक अंतराल रिपोर्ट में स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता का स्कोर सर्वाधिक 95.8 प्रतिशत है, जबकि शिक्षा प्राप्‍ति 94.4 प्रतिशत एवं आर्थिक भागीदारी एवं अवसर 60.3 प्रतिशत है।
  • सबसे कम स्कोर राजनीतिक सशक्तीकरण में 22 प्रतिशत है।
  • रिपोर्ट के अनुसार‚ अभी तक कोई भी देश ‘पूर्ण लैंगिक समानता’ (Full gender parity) को प्राप्त नहीं कर सका है।
    • हालांकि, सूचकांक में शामिल शीर्ष देशों  में - आइसलैण्ड ने न्यूनतम 90 प्रतिशत तक लैंगिक अंतराल को समाप्‍त करने में सफलता प्राप्‍त की है।
  • वर्ष 2006 से 2022 में राजनीतिक स्तर पर महिला मंत्रियों का प्रतिनिधित्व 9.9 प्रतिशत से बढ़कर 16.1 प्रतिशत हो गया है। वहीं वैश्विक स्तर पर संसद मंे महिला प्रतिनिधि वर्ष 2006 के 14.9 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2022 में 22.9 प्रतिशत हो गया है।
  • आर्थिक भागीदारी में सर्वाधिक लैंगिक अंतराल वाले देशों में  भारत‚ ईरान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान शामिल हैं।

रैंकिंग

  • आइसलैण्ड को 13वीं बार विश्व में सर्वाधिक लैंगिक समता वाला देश घोषित किया गया है।
  • वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक, 2022 में शीर्ष 10 देशों में 4 नॉर्डिक देश यथा- आइसलैण्ड‚  िफनलैण्ड, नॉर्वे तथा स्वीडन शामिल हैं।
  • शीर्ष 10 देशों में एशिया-प्रशांत का एक देश (न्यूजीलैण्ड‚ चौथा स्थान)‚ उप-सहारा अफ्रीका के दो देश [नामीबिया (आठवें स्थान) तथा रवाण्डा ( छठे स्थान)]‚ लैटिन अमेरिका का एक देश (निकारगुआ‚ सातवें स्थान) और पश्चिमी यूरोप के दो देश आयरलैण्ड (9वां स्थान) तथा जर्मनी (10वां स्थान)) शामिल हैं।

लैंगिक समानता के मामले में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले तीन देश-


भारत एवं पड़ोसी देशों की स्थिति

  • भारत ने अब तक अपने 62.9 प्रतिशत लैंगिक अंतराल को समाप्‍त कर दिया है।
  • भारत वर्ष 2021 की तुलना में 5 स्थानों के सुधार के साथ वर्ष 2022 में 135वें स्थान पर पहुंच गया है।
  • ज्ञातव्य है, कि वर्ष 2021 में 156 देशों की सूची में भारत 140वें स्थान पर था।
  • भारत‚ दक्षिण एशिया में पाकिस्तान (145वें) और अफगानिस्तान (146वें) के बाद सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला देश है।
  • अपने पड़ोसी देशों बांग्लादेश (71वें)‚ नेपाल (96वें)‚ भूटान (126वें)‚ श्रीलंका (110वें) और म्यांमार (106वें) की तुलना में भारत की रैंक नीचे है।
  • राजनीतिक सशक्तीकरण उप-सूचकांक में भारत 48वें स्थान पर है।
  • राजनीतिक सशक्तीकरण उप-सूचकांक में भारत का प्रदर्शन वर्ष 2021 की तुलना में बेहतर हुआ है। पिछले वर्ष जहां 51वीं रैंक प्राप्‍त थी  वहीं 2022 में 48वीं रैंक प्राप्त हुई है।
  • भारत में महिला विधायकों की संख्या वर्ष 2021 के 14.6 प्रतिशत  से बढ़कर वर्ष 2022 में 17.6 प्रतिशत हो गई है।
  • शिक्षा प्राप्‍ति उप-सूचकांक में‚ भारत 107वें स्थान पर आ गया है।
  • ‘‘स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता’’ उप-सूचकांक में भारत 146वें यानी अंतिम स्थान पर  है।
  • ‘‘आर्थिक भागीदारी एवं अवसर’’ उप-सूचकांक में भारत 143वें स्थान पर है।

 


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