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Post at: Jul 27 2022

विश्व में खाद्य सुरक्षा एवं पोषण की स्थिति, 2022

परिचय

  • ‘विश्व में खाद्य सुरक्षा एवं पोषण की स्थिति ’ (The State of Food Security and Nutrition in the World : SOFI) एक वार्षिक रिपोर्ट है।
  • यह रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (Food and Agriculture Organization of the UN), कृषि संबंधी विकास हेतु अंतरराष्ट्रीय कोष (International Fund for Agricultural Development: IFAD), यूनिसेफ (UNICEF), विश्व खाद्य कार्यक्रम (World Food Programme: WFP) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization: WHO)  द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की जाती है।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 6 जुलाई, 2022 को UNFAO द्वारा इस रिपोर्ट के नवीनतम संस्करण को जारी किया गया।
  • सद्य: रिपोर्ट का विषय ‘स्वस्थ आहार को अधिक किफायती बनाने के लिए खाद्य और कृषि नीतियों का पुन: उपयोग करना’ (Repurposing food and agricultural policies to make healthy diets more affordable)

उद्देश्य

  • इस रिपोर्ट का उद्देश्य भूख को समाप्‍त करने, खाद्य सुरक्षा प्राप्त करने, पोषण सुधार लाने, पोषण के क्षेत्र में विश्लेषणात्मक प्रगति की सूचना उपलब्ध कराने के साथ-साथ ही सतत विकास लक्ष्यों (SDGs)  को प्राप्त करने में आने वाली चुनौतियों से लोगों को अवगत कराना है।

रिपोर्ट के प्रमुख आंकड़े

  •  गौरतलब है, कि वर्ष 2021 में वैश्विक स्तर पर भूख से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 828 मिलियन से अधिक हो गई है, जो वर्ष 2020 के बाद से लगभग 46 मिलियन की वृद्धि को दर्शात है।
  • जबकि, कोविड-19 महामारी प्रकोप के बाद से विश्व में भूख का स्तर 150 मिलियन बढ़ गया है।
  • यह हाल तब है, जब संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2030 तक शून्य भुखमरी (SDG-2) का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
    • यह आंकड़ा वर्ष 2030 तक भूख (Hunger) को समाप्त करने के लक्ष्य के सामने एक बड़ी चुनौती है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 670 मिलियन लोग या विश्व की 8 प्रतिशत आबादी के वर्ष 2030 में भी भूख से ग्रसित होने का अनुमान है।
  • उल्‍लेखनीय है, कि वर्ष 2021 में लगभग 2.3 बिलियन लोग (29.3 प्रतिशत) मध्यम (Moderately)  या गंभीर (Severely) रूप से खाद्य असुरक्षित थे, यह आंकड़ा कोविड-19 महामारी से पहले की तुलना में 350 मिलियन अधिक है।
  • जबकि, लगभग 924 मिलियन लोगों (वैश्विक जनसंख्या का 11.7 प्रतिशत) को गंभीर स्तरों पर खाद्य असुरक्षा का सामना करना पड़ा था।
  • वर्ष 2021 में खाद्य असुरक्षा मंे लैगिक अंतर में वृद्धि दर्ज की गई।
    • विश्व में 27.6 प्रतिशत पुरुषों की तुलना में 31.9 प्रतिशत महिलाएं मध्यम या गंभीर रूप से खाद्य असुरक्षित थीं।
  • सद्य: रिपोर्ट में कोविड-19 महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध से उत्पन्‍न खाद्य मुद्रास्फीति (Food Inflation) की भी बात की गई है।
  • जिसके चलते वर्ष 2020 में लगभग 3.1 बिलियन लोग स्वस्थ आहार का खर्च वहन नहीं कर सके थे।

  • रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 में अफ्रीका में पांच में से एक व्यक्ति (जनसंख्या का 20.2 प्रतिशत) भूख का सामना कर रहा था।
    • जबकि, एशिया की 9.1 प्रतिशत आबादी भूख से ग्रसित थी।
  • वर्ष 2021 में अल्‍पपोषित (Under nourished) आबादी की कुल संख्या (768 मिलियन) में आधे से अधिक एशिया में (425 मिलियन) और एक-तिहाई से अधिक (278 मिलियन) अफ्रीका में रहते हैं, जबकि लैटिन अमेरिका और कैरेबियन में 57 मिलियन लोग रहते हैं।

वैश्विक स्तर पर अल्‍पपोषण का वितरण (मिलियन में), 2021


  • गंभीर खाद्य असुरक्षा का वैश्विक प्रसार वर्ष 2019 और वर्ष 2020 के मध्य 9.3 से बढ़कर 10.9 प्रतिशत और वर्ष 2021 मंे 11.7 प्रतिशत हो गया।

  • वर्ष 2020 में 5 वर्ष से कम उम्र के बच्‍चों में बौनापन (Stunting), अर्थात उम्र के सापेक्ष छोटा कद की समस्या में कमी पाई गई।
  • वर्ष 2020 में ऐसे बच्‍चों की संख्या लगभग 149 मिलियन थी।
  • जबकि, 45 मिलियन बच्‍चे अधिक वजन (Overweight) की समस्या से ग्रसित थे।
  • वैश्विक स्तर पर वर्ष 2019 में, 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की तीन में से लगभग एक महिला एनीमिया से प्रभावित थी।

भारत की स्थिति

स्वस्थ आहार की लागत और वहनीयता

संकलन-आदित्य भारद्वाज
 

 


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