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दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरे को कम करने के संबंध में व्यापक नीति

    वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 13 जुलाई‚ 2022 को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (The Commission for Air Quality Management : CAQM) ने वायु प्रदूषण खतरे को कम करने के लिए एक व्यापक नीति बनाई।
  • यह नीति दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तथा उसके आस-पास के क्षेत्रों के संबंध में बनाई गई है।

नीति के उद्देश्य

  • वायु प्रदूषण को कम करना‚ उसे रोकना तथा नियंत्रित करना।

नीति का भौगोलिक क्षेत्र

  • सीएक्यूएम (CAQM) द्वारा बनाई गई नीति दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तथा उसके उपक्षेत्रों में लागू की जाएगी।
  • उपक्षेत्रों में शामिल हैं—
    • दिल्ली का राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (National Capital Territory : NCT)
    • दिल्ली के पास एनसीआर (NCR) जिले - गुरुग्राम‚ फरीदाबाद‚ सोनीपत‚ झज्जर‚ रोहतक‚ गाजियाबाद‚ गौतम बुद्ध नगर और बागपत; अन्य एनसीआर (NCR) जिले पंजाब के संपूर्ण जिलों और हरियाणा के गैर-एनसीआर जिलों में मुख्य रूप से पराली जलाने की घटनाओं का समाधान करने के लिए

वायु प्रदूषण के संबंध में व्यापक नीति के संबंध में मुख्य बिंदु

  • माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आदित्य दूबे (नाबालिग) बनाम यूनियन इण्डिया और अन्य वर्ष 2020 के मामले में दिए गए निर्देश के अनुक्रम में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सुझाव आमंत्रित किया।
  • सीएक्यूएम (CAQM) ने इसके लिए पी. राघवेंद्र राव की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समूह का गठन किया।
  • इस नीति में विभेदित भौगोलिक दृष्टिकोण और कार्यवाही की समय-सीमा के माध्यम से कार्ययोजना बनाई गई है।
  • इसके माध्यम से वायु प्रदूषण रोकने‚ नियंत्रित करने और कम करने के लिए केंद्र सरकार‚ एनसीआर राज्य सरकार‚ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (Government of National Capital Territory of Delhi : GNCTD) के साथ-साथ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Central Pollution Control Board : CPCB) और NCR के राज्य प्रदूषण बोर्ड की एजेंसियों और विभागों के लिए क्षेत्रवार सिफारिशें शामिल हैं।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की सिफारिशें/कार्ययोजना

  • राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के 300 किमी. के भीतर आने वाले थर्मल पॉवर प्लांटों को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा निर्धारित समय-सीमा के अंदर उत्सर्जन मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।
  • 31 दिसंबर‚ 2024 तक गुरुग्राम‚ फरीदाबाद‚ गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में डीजल से चलने वाले ऑटो रिक्शों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा।
    • जबकि‚ NCR के शेष सभी जिलों में 31 दिसंबर‚ 2026 तक हटाया जाएगा।
  • एनसीआर (NCR) में 1 जनवरी‚ 2023 के बाद केवल संपीडित प्राकृतिक गैस (Compressed Natural Gas : CNG) और इलेक्ट्रिकल ऑटो का पंजीकरण होगा।
  • 1 जनवरी‚ 2023 से उन वाहनों को ईंधन देने पर रोक‚ जिनके पास पीयूसी (PUC) प्रमाण-पत्र नहीं हैं।
  • राज्य सरकारों को स्क्रैपेज नीति लागू करने का निर्देश।
  • एनसीआर (NCR) के समस्त जिलों में गैस आपूर्ति के लिए आधारभूत ढांचे का निर्माण। 
  • दिल्ली में औद्योगिक इकाइयों के परिचालन के लिए पीएनजी ईंधन का प्रयोग। 
  • औद्योगिक इकाइयों में कोयले के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध।
  • औद्योगिक अपशिष्टों के निस्तारण के लिए व्यापक नीति यह सुनिश्चित करने के लिए तथा उनके जलाए जाने पर प्रतिबंध।
  • हरियाणा‚ पंजाब और उ.प्र. के एनसीआर (NCR) के जिलों में पराली जलाए जाने पर रोक। 
  • सड़कों पर धूल नियंत्रण के विषय में योजना। 
  • आज्ञापक रूप से प्रत्येक पीयूसी (PUC) का 6 माह में परिवहन विभाग द्वारा अंकेक्षण 1 अप्रैल‚ 2023 से प्रभावी किया जाना।
  • 1 जनवरी‚ 2023 तक 2/3 सरकारी वाहनों का इलेक्ट्रिकल रूप में प्रयुक्त किया जाना।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के जिले

संकलन - संतोष कुमार पाण्डेय


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