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वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट्‍स, 2022

परिचय

  • वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट्‍स (World Population Prospects: WPP) का प्रकाशन संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक मामले विभाग (Department of Economic and Social Affairs: DESA) के जनसंख्या प्रभाग (Population Division) द्वारा प्रत्येक दो वर्ष पर किया जाता है।
  • यह रिपोर्ट वैश्विक जनसांख्यिकीय प्रवृत्तियों और भावी संभावनाओं का व्यापक विवरण प्रदान करती है।
  • इस रिपोर्ट का प्रकाशन वर्ष 1951 से किया जा रहा है।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 11 जुलाई, 2022 को ‘वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट्‍स, 2022’ नामक रिपोर्ट प्रकाशित की गई।
  • यह WPP श्रृंखला की 27वीं रिपोर्ट है।
  • इस रिपोर्ट में वर्ष 1950 से लेकर अब तक की अवधि के दौरान 237 देशों/क्षेत्रों के जनसंख्या संबंधी आकलनों (Population Estimates) को प्रस्तुत किया गया है।
    • साथ ही इस रिपोर्ट में वर्ष 2100 की जनसंख्या का अनुमान शामिल है, जो ‘‘वैश्विक, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तरों पर प्रशंसनीय परिणामों की एक श्रृंखला ’’ को दर्शाता है।
  • पहली बार, रिपोर्ट मंे अब तक इस्तेमाल किए गए पांच वर्ष के अंतराल के बजाय एक कैलेण्डर वर्ष (Calendar year) के अनुसार अनुमान (Estimates/Projections)  शामिल किए गए हैं।

शामिल देश व क्षेत्र

  • इस प्रकाशन में देशों और क्षेत्रों के आंकड़ों को छ: महाद्वीपीय क्षेत्रों से एकत्रित किया गया है ; यथा-अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन, उत्तरी अमेरिका और ओशिनिया। 
  • रिपोर्ट में सांख्यिकीय उद्देश्यों (Statistical Purposes) से देशों व क्षेत्रों को ‘‘अधिक और कम विकसित ’’ (More and less developed) विकसित और विकासशील  (Developed and developing) के रूप में श्रेणीबद्ध किया गया है।
  • अधिक विकसित में यूरोप और उत्तरी अमेरिका के सभी देश व क्षेत्र, साथ ही ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैण्ड और जापान शामिल हैं।
  • जबकि, कम विकसित क्षेत्रों में अफ्रीका, एशिया (जापान को छोड़कर), लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन और ओशिनिया (ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैण्ड को छोड़कर) के सभी देश व क्षेत्र शामिल हैं।

रिपोर्ट की खास बातें

  • रिपोर्ट के अनुसार, विश्व की आबादी लगातार बढ़ रही है ; परंतु जनसंख्या की वृद्धि दर धीमी हो रही है। 
  • WPP, 2022 के अनुसार 15 नवंबर, 2022 को विश्व की जनसंख्या 8 अरब तक पहुंचने का अनुमान है।
  • संयुक्त राष्ट्र के नवीनतम अनुमानों के तहत, वैश्विक जनसंख्या निम्नानुसार बढ़ सकती है-

  • वर्ष 1950 के बाद पहली बार वर्ष 2020 में वैश्विक विकास दर 1 प्रतिशत प्रतिवर्ष से कम हुई है।
  • वर्ष 2050 तक जनसंख्या वृद्धि में आधे से अधिक जनसंख्या वृद्धि जिन 8 देशों में केंद्रित है, वे हैं- भारत, नाइजीरिया, पाकिस्तान, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, इथियोपिया, फिलीपींस और संयुक्त गणराज्य तंजानिया। 

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वैश्विक प्रजनन दर

  • वैश्विक प्रजनन दर (Global Fertility Rate:GFR) में लगातार गिरावट की प्रवृत्ति देखी गई। 
  • वर्ष 1950 में वैश्विक प्रजनन दर लगभग 5 जन्म प्रति महिला थी, जो कम होकर वर्ष 2021 में 2.3 जन्म प्रति महिला हो गई है।
  • वर्ष 2050 तक वैश्विक प्रजनन दर के घटकर 2.1 जन्म तक पहुंचने का अनुमान है।

जीवन प्रत्याशा

  • उल्‍लेखनीय है, कि जनसंख्या वृद्धि आंशिक रूप से मृत्यु दर में गिरावट के कारण होती है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, विश्व स्तर पर वर्ष 2019 में जन्म के समय जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy: LE) 72.8 वर्ष तक पहुंच गई है, जो वर्ष 1990 के बाद से लगभग 9 वर्षों की वृद्धि दर्शाता है।
    • जबकि, कोविड के कारण वर्ष 2021 में यह गिरकर 71.0 वर्ष हो गई थी।
    • पुन: वर्ष 2050 तक जीवन प्रत्याशा बढ़कर 77.2 वर्ष हो जाने के अनुमान है।
  • उच्‍च बाल मृत्यु दर तथा हिंसा, संघर्ष और मानव प्रतिरक्षा न्यूनता विषाणु (Human Immuno Dificiency Virus: HIV) जैसी महामारी के चलते विश्व के सबसे कम विकसित देशों में जीवन प्रत्याशा औसत वैश्विक स्तर से 7.0 वर्ष कम है।
  • गौरतलब है,  कि महिलाओं हेतु जन्म के समय जीवन प्रत्याशा पुरुषों की तुलना में 5.4 वर्ष से अधिक है।
    • महिला और पुरुष जीवन प्रत्याशा क्रमश :  73.8 वर्ष और 68.4 वर्ष है।

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बुजुर्गों की बढ़ती आबादी

  • वैश्विक जनसंख्या में 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों की आबादी में हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है।
  • 65 वर्ष या उससे अधिक आयु की वैश्विक आबादी का हिस्सा वर्ष 2022 में 10 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2050 में 16 प्रतिशत होने का अनुमान है।
  • रिपोर्ट में वर्ष 2050 तक विश्वभर में 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्तियों की आबादी 5 वर्ष से कम आयु के बच्‍चों की आबदी से दोगुने होने का अनुमान है।
  • इसके साथ ही 12 वर्ष से कम आयु के बच्‍चों की आबादी के बराबर होने का अनुमान लगाया गया है।

जनसांख्यिकीय विभाजन (Demographic dividend)

  • प्रजनन क्षमता में निरंतर गिरावट के कारण कामकाजी उम्र [Working age (25 से 64 वर्ष के बीच) ] की जनंसख्या में वृद्धि हुई है, जिससे प्रति व्यक्ति त्‍वरित आर्थिक विकास का अवसर पैदा हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय प्रवासन (International Migration)

  • विश्व के कुछ हिस्सों में, ‘अंतरराष्ट्रीय प्रवास’ जनसंख्या परिवर्तन का एक प्रमुख घटक बन गया है।
  • उल्‍लेखनीय है, कि वर्ष 2000 और वर्ष 2020 के मध्य उच्‍च आय वाले देशों की जनसंख्या वृद्धि में अंतरराष्ट्रीय प्रवासन का योगदान (80.5 मिलियन का शुद्ध प्रवाह) जन्म-मृत्यु संतुलन (66.2 मिलियन) से अधिक हो गया है।
  • इसके साथ ही प्रवासन अगले कुछ दशकों में उच्‍च आय वाले देशों में जनसंख्या वृद्धि का एकमात्र चालक होगा।

रिपोर्ट में भारत

  • गौरतलब है, कि वर्ष 2022 में एशिया महाद्वीप में सर्वाधिक अाबादी वाले क्षेत्र थे-
    • पूर्वी और दक्षिण-पूर्व एशिया में 2.3 बिलियन (वैश्विक जनसंख्या का 29 प्रतिशत)
    • मध्य और दक्षिण एशिया में 2.1 बिलियन ( वैश्विक जनसंख्या का 26 प्रतिशत)
  • 1.4 बिलियन से अधिक की जनसंख्या के साथ चीन और भारत उल्‍लेखनीय क्षेत्रों में अधिकांश आबादी हेतु जिम्मेदार हैं।
  • रिपोर्ट के अनुसार, भारत के वर्ष 2023 में विश्व के सर्वाधिक आबादी वाले देश चीन से आगे निकलने का अनुमान है।

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संकलन-आदित्य भारद्वाज
 


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