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नामसाई घोषणा-पत्र

पृष्ठभूमि 

  • असम और अरुणाचल प्रदेश दोनों प्रदेश एक-दूसरे के साथ 804.1 किमी. की अंतरराज्यीय सीमा साझा करते हैं। 
  • अरुणाचल प्रदेश को वर्ष 1972 तक नाॅर्थ-ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (North-East Frontier Agency : NEFA) के रूप में पहचाना जाता था। 
  • जो संवैधानिक रूप से असम राज्य का एक हिस्सा समझा जाता था और भारत के राष्ट्रपति के प्रतिनिधि के रूप में असम के राज्यपाल द्वारा सीधे प्रशासित किया जाता था।
  • जनवरी, 1972 में नाॅर्थ -ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (NEFA) को अरुणाचल प्रदेश के रूप में केंद्रशासित प्रदेश बना दिया गया।
  • फरवरी, 1987 में अरुणाचल प्रदेश को देश के 24वें राज्य के रूप में पहचान दी गई।
  • अरुणाचल प्रदेश के राज्य के रूप में गठन के समय से ही असम और अरुणाचल प्रदेश में सीमावर्ती गांवों के बंटवारे को लेकर विवाद रहा है।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 15 जुलाई, 2022 को असम और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों द्वारा दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद को खत्म करने  के लिए ‘नामसाई घोषाणा-पत्र’पर हस्ताक्षर किए गए।
  • गौरतलब है, कि नामसाई, अरुणाचल प्रदेश का एक जिला है, जिसे वर्ष 2014 में लोहित जिले से अलग कर राज्य का 18वां जिला बनाया गया था।

प्रमुख बिंदु

  • वर्तमान समझौते से पूर्व, दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच 24 जनवरी, 2022 और 20 अप्रैल, 2022 को बैठक की गई थी। 
  • जिसके दौरान यह निर्णय लिया गया था, कि असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच सभी सीमा मुद्दे वर्ष 2007 में स्थानीय  आयोग के समक्ष उठाए गए मुद्दों तक ही सीमित रहेंगे।

नामसाई घोषणा-पत्र में शामिल प्रमुख बिंदु

  • वर्ष 1960 में एक उच्‍चाधिकार प्राप्त समिति द्वारा 29 टाॅपोशीट पर दिखाई गई सीमा रेखा को दोनों राज्यों द्वारा सीमा के पुनर्गठन के आधार के रूप मंे लिया जाएगा।

नोट : टाॅपोशीट- एक स्थलाकृति मानचित्र है, जो भू-भाग की क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर स्थिति दोनों को दर्शाता है।

  • दोनों राज्यों ने 123  गांवों के संयुक्त सत्यापन के लिए 12 ‘‘क्षेत्रीय समितियां’’ गठित करने का निर्णय लिया है।
    •  जिनमें से प्रत्येक अरुणाचल के 12 जिलों और असम के समकक्ष जिलों को कवर करती है।
    • वे ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, प्रशासनिक सुविधा, निकटता, और अंतरराज्यीय सीमा को चिन्हित करने की लोगों की इच्‍छा को ध्यान में रखते हुए संबंधित सरकारों को अपनी सिफारिशें देंगे।
  • अंतिम निर्णय क्षेत्रीय सीमितियों की सिफारिशों के आधार पर किया जाएगा।
  • घोषणा के अनुसार, दोनों राज्यों ने कुल विवादित 123 गांवों में से 37 पर अपनी सहमति व्यक्त की है।
    • जिनमें 28 गांव, जो अरुणाचल प्रदेश की संवैधानिक सीमा के अंतर्गत हैं, वे राज्य के साथ ही रहेंगे।
    • जबकि, तीन गांव, जिन पर अरुणाचल प्रदेश ने अपना दावा वापस ले लिया है, वे असम राज्य के साथ रहेंगे।
    • अन्य छह गांव, जो असम की तरफ स्थित नहीं हो सकते और वे अरुणाचल प्रदेश में मौजूद हैं, तो वे भी अरुणाचल प्रदेश के साथ रहेंगे।
  • क्षेत्रीय समितियों द्वारा अपने विचार-विमर्श को समाप्त करने और दोनों सरकारों द्वारा एक समझौते पर पहुंचने के बाद, समझौता-ज्ञापन के मसौदे को अनुमोदन की मुहर के लिए केंद्र को भेजा जाएगा।

​​​​​​​अन्य महत्‍वपूर्ण बिंदु

  • असम और अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती राज्य
  • असम के सीमावर्ती राज्य : पश्चिम बंगाल, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर, नगालैण्ड तथा अरुणाचल प्रदेश (7 राज्य)।
  • सीमावर्ती राज्यों से लगने वाली कुल सीमा 2743.1किमी. है।
  • असम राज्य की सर्वाधिक लंबी सीमा मेघालय के साथ साझा होती है।
  • भूटान देश के साथ असम राज्य की सीमा लगभग 265.8 किमी. सीमा साझा करता है।

अरुणाचल प्रदेश :

  • अरुणाचल प्रदेश, असम और नगालैण्ड (दो राज्य) से अपनी सीमा साझा करता है।
  • अरुणाचल प्रदेश देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा भूटान (160 किमी.), उत्तर और उत्तर-पूर्व में चीन (1,080 किमी.) और पूर्व में म्यांमार (440 किमी.) से लगती है।

संकलन-पंकज तिवारी
 

 


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