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Post at: Jul 20 2022

सतत विकास लक्ष्य रिपोर्ट, 2022

परिचय

  • वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा विश्व में शांति समृद्धि एवं सम्यक् विकास सुनिश्चित करने के लिए संधारणीय विकास लक्ष्य (Sustainable Development Goals : SDG), 2030 को लाया गया।
  • इस एजेण्डे में 17 लक्ष्य और 169 उपलक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जिन्हें वर्ष 2030 तक प्राप्त करना है।
  • सतत विकास लक्ष्य रिपोर्ट, इन्हीं लक्ष्यों एवं उपलक्ष्यों की प्राप्ति के कार्यान्वयन पर प्रगति का प्रतिवर्ष वैश्विक अवलोकन प्रदान करती है। 

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 2 जुलाई, 2022 को सतत विकास समाधान नेटवर्क (Sustainable Development Solution Network : SDSN) द्वारा सतत विकास रिपोर्ट, 2022 को जारी किया गया।
  • रिपोर्ट का शीर्षक :- संकट से सतत विकास तक  एसडीजी को वर्ष 2030 और उससे आगे के रोडमैप के रूप में है। 
  • इस रिपोर्ट में प्रत्येक लक्ष्य के चयनित संकेतकों के गहन विश्लेषण के साथ 17 लक्ष्यों की दिशा में वैश्विक और क्षेत्रीय प्रगति को ट्रैक (Track) किया गया है।
  • रिपोर्ट के अंतर्गत एसडीजी सूचकांक और डैशबोर्ड (Dash Board) दोनों को शामिल किया गया है।

प्रमुख बिंदु
सतत विकास लक्ष्य रिपोर्ट, 2022 में देशों की रैंकिंग 
वैश्विक सतत विकास लक्ष्य रिपोर्ट, 2022: शीर्ष 5 देश

  • सूचकांक के अंतर्गत कुल 163 देशों को रैंकिंग प्रदान की गई है।
  • फिनलैण्ड लगातार वर्ष 2020 से शीर्ष देश बना हुआ है। इसके बाद तीन नॉर्डिक देश-डेनमार्क, स्वीडन और नॉर्वे हैं।
  • वहीं अंतिम स्थान पर दक्षिण सूडान (रैंक 163) है।

भारत की रैंकिंग 

  • भारत को  163 देशों में121वां स्थान प्राप्त हुआ है।
  • भारत का समग्र (overall) स्कोर 60.3 है।
  • ध्यातव्य है, कि भारत को वर्ष 2021 में 120वां स्थान एवं वर्ष 2020 में 117वां स्थान प्राप्त हुआ था।
  • दक्षिण एशिया में भारत, पाकिस्तान को छोड़कर सभी दक्षिण एशियाई देशों से पीछे है।
  • पीछे से आगे दक्षिणी देशों में मालदीव 67वें, भूटान 70वें, श्रीलंका 76वें, नेपाल 98वें और बांग्‍लादेश 104वें स्थान पर है।
  • ब्रिक्स देशों में भारत की रैंकिंग पांचवें (अंतिम ) स्थान पर है।
  • शीर्ष ब्रिक्‍स देश में ब्राजील 53वें स्थान पर है।
  • चीन का स्थान 56वां है।

वैश्विक एवं क्षेत्रीय प्रगति अवलोकन

  • लगातार दूसरे वर्ष भी विश्व ने एसडीजी औसत स्कोर में गिरावट दर्ज की है। 
  • जिसका मुख्य कारण एसडीजी-1 (गरीबी की समाप्ति) और एसडीजी-8 (सभ्य कार्य और आर्थिक विकास) पर महामारी का प्रभाव और एसडीजी- 11 से 15 (संधारणीय विकास और जलवायु) पर खराब प्रदर्शन है, खासकर समृद्ध देशों में।
  • यह महत्वपूर्ण है, कि दुनिया महामारी (COVID-19) से पूर्व वर्ष 2015-19 की अवधि में एसडीजी पर प्रतिवर्ष 0.5 अंक की दर से प्रगति कर रही थी।

एसडीजी को प्रभावित करने वाले वैश्विक मुद्दे :

  • देशों के स्तर पर प्रगति
  • पूर्व और दक्षिण एशिया वह क्षेत्र है, जिसने वर्ष 2015 में एसडीजी को अपनाने के बाद सबसे अधिक प्रगति की है।
  • बांग्‍लादेश और कम्बोडिया दो ऐसे देश हैं, जिन्होंने वर्ष 2015 के बाद से एसडीजी पर सबसे अधिक प्रगति की है।
  • वहीं वेनेजुएला वर्ष 2015 में एसडीजी अपनाए जाने के बाद इण्डेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज करने वाला देश है।

भारत

  • भारत को निम्न एसडीजी प्रतिबद्धता (Low SDG Commitment) की श्रेणी (40-50) में वर्गीकृत किया गया है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, भारत एसडीजी को प्राप्त करने के लिए अच्‍छी स्थिति में नहीं है।
  • भारत अन्य देशों की तुलना में खराब प्रदर्शन कर रहा है।
  • वैश्विक संधारणीय विकास लक्ष्य रिपोर्ट, 2022 में भारत की रैंक में लगातार तीसरे वर्ष गिरावट दर्ज की गई है (वर्ष 2020 में 117 और वर्ष 2021 में 120वां स्थान)।
  • भारत को 17 में से 11 एसडीजी लक्ष्य प्राप्त करने में बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
  • फलस्वरूप भारत की एसडीजी लक्ष्य प्राप्ति के प्रयासों में यह नकारात्मक पहलू है।
  • भारत एसडीजी 1,3,7,6,8,9 में मध्यम सुधार ही दर्ज किया है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, भारत एसडीजी-13 (जलवायु कार्यवाही) और 12 (उत्तरदायी उपभोग व उत्पादन) को प्राप्त कर चुका है।

सिफारिशें
निवेश बढ़ाना

एसडीजी वित्तपोषण के लिए पांच प्राथमिकताओं पर प्रकाश डालते हैं-

नई साझेदारियां 

  • कोविड-19 महामारी के दौरान वैज्ञानिक सहयोग और डाटा सहित उभरी नई साझेदारी और नवाचारों को एसडीजी का समर्थन करने के लिए बढ़ाया जाना चाहिए।

डाटा प्रबंधन व तकनीकी नवाचार

  • विज्ञान तकनीकी नवाचार और डाटा सिस्टम संकट के समय समाधानों की पहचान करने में मदद कर सकते हैं और हमारे समय की प्रमुख चुनौतियों का समाधान करने के लिए निर्णायक योगदान कर सकते हैं।

सतत विकास समाधान नेटवर्क (Sustainable Development Solution Network)

  • सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) और पेरिस जलवायु समझौते के लिए व्यावहारिक समस्या समाधान को बढ़ावा देने के लिए यह वैश्विक वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषता प्रदान करता है।
  • इसकी स्थापना वर्ष 2012 में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के तत्वावधान में की गई थी।
  • यह वर्ष 2016 से वार्षिक रूप से सतत विकास लक्ष्य (SDGs) सूचकांक और डैशबोर्ड वैश्विक रिपोर्ट प्रकाशित कर रहा है।
  • नोट: इसके द्वारा वर्ल्ड हैप्‍पीनेस रिपोर्ट (World Happiness Report) भी जारी किया जाता है।
  • इसके लिए सांख्यिकीय क्षमताओं, अनुसंधान  एवं विकास और शिक्षा और कौशल में बढ़े हुए और लंबे समय तक निवेश की आवश्यकता होगी।

अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

  • ‘संयुक्त राज्य अमेरिका’ संयुक्त राष्ट्र के कुछ ऐसे सदस्य देशों में से एक है, जिसने कभी भी स्वैच्‍छिक राष्ट्रीय समीक्षा (Voluntary National Review) प्रस्तुत नहीं किया। 
  • बेनिन और मेक्‍सिको दोनों देशों द्वारा हाल के वर्षों में सतत विकास निवेश को बढ़ाने के लिए एसडीजी सावरेन बॉण्ड जारी किए हैं।
  • वर्ष 2022 में स्वीडन आयातित CO2 उत्सर्जन को रोकने के लिए एक राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित करने की घोषणा करने वाला विश्व का पहला देश बन गया है।

संकलन-पंकज तिवारी


 

 


 


 


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