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Post at: Jul 18 2022

बैलिस्टिक मिसाइल : पृथ्वी - II का सफल परीक्षण

क्या है पृथ्वी-II मिसाइल?

  • पृथ्वी-II एक स्वदेशी मिसाइल है। यह सतह-से-सतह पर मार करने वाली शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (SRBM) है।
  • ध्यातव्य है‚ कि शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल एक प्रकार की बैलिस्टिक मिसाइल ही होती है‚ जिसकी रेंज लगभग 1000 किमी. या उससे कम की होती है।
  • पृथ्वी-II मिसाइल का परास; अर्थात रेंज 250 से 350 किमी. के बीच है। 
  • इसकी विशेषता यह है‚ कि यह एक टन पेलोड ले जा सकती है।
  • इस मिसाइल की लक्ष्य भेदने की सटीकता अधिक उच्च स्तर की है। 

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • जून‚ 2022 में भारत ने सतह-से-सतह पर मार करने वाली कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल पृथ्वी-II का सफल परीक्षण किया। 
  • यह परीक्षण एकीकृत परीक्षण रेंज‚ चांदीपुर ओडिशा से किया गया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • ध्यातव्य है‚ कि पृथ्वी-II मिसाइल का प्रथम परीक्षण 27 जनवरी‚ 1996 को किया गया था।
  • पृथ्वी-II का विकास प्राथमिक रूप से वायु सेना  द्वारा किए जाने हेतु किया गया था; परंतु थल सेना भी पृथ्वी-II का उपयोग करती है।
  • पृथ्वी-II मिसाइल एंटी बैलिस्टिक मिसाइलों से बचने में सक्षम है। 
  • इस मिसाइल का निर्माण रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (Defence Research Development Organisation : DRDO) द्वारा किया गया है। 
  • पृथ्वी-II मिसाइल एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (Integrated Guided Missile Development Programme : IGMDP) का हिस्सा है। 

अन्य तथ्य

  • पृथ्वी-I मिसाइल सतह-से-सतह पर मार करने वाली मिसाइल है‚ जिसकी मारक क्षमता 150 किमी. तथा पेलोड क्षमता 1000 किग्रा. है। 
  • पृथ्वी-I मिसाइल का उपयोग भारतीय थल सेना द्वारा वर्ष 1994 से किया जा रहा है।
  • पृथ्वी-III एक दो स्तरीय जल-से-स्थल पर मार करने वाली मिसाइल है। यह 1000 किग्रा. पेलोड के साथ 350 किमी.‚ जबकि 250 किग्रा. पेलोड के साथ 750 किमी. दूरी तक मार करने में सक्षम है। 

एकीकृत निर्देशित मिसाइल

  • एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP) वर्ष 1983 में शुरू किया गया था। 
  • यह कार्यक्रम मार्च‚ 2012 में पूरा हुआ। 
  • IGMDP को पृथ्वी‚ त्रिशूल‚ आकाश‚ नाग एवं एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शक अग्नि मिसाइल विकसित करने हेतु मंजूरी दी गई थी। 

संकलन : आलोक त्रिपाठी


 


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