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Post at: Jul 16 2022

चीन का विमानवाहक पोत : फुजियान

क्या है फुजियान?

  • ‘फुजियान‘ चीन की सैन्य आधुनिकीकरण योजना का एक प्रमुख हिस्सा है। 
  • विदित हो कि चीन सरकार ‘सैन्य आधुनिकीकरण’ हेतु एक व्यापक रणनीति पर अग्रसर है‚ जिसका लक्ष्य वर्ष 2027 है।
  • ध्यातव्य है‚ कि फुजियान अब तक चीन का सबसे बड़ा एवं सबसे आधुनिक तथा शक्तिशाली विमानवाहक पोत है।
  • गौरतलब है‚ कि फुजियान का कुल भार लगभग 80,000 टन है। यह वर्तमान में अन्य चीनी विमानवाहकों की तुलना में काफी अधिक है एवं अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोतों के बराबर है।
  • उल्लेखनीय है‚ कि फुजियान को नवीनतम लांच तकनीक- ‘विद्युत चुंबकीय विमान प्रक्षेपण प्रणाली‘ (Electromagnetic Aircraft Launch System: EMALS) से लैस किया गया है।
  • ध्यातव्य है‚ कि EMALS को सर्वप्रथम अमेरिका नौसेना द्वारा विकसित किया गया था।
  • ध्यातव्य है‚ कि फुजियान के अनावरण के पश्चात्‌ चीन अमेरिका के बाद दूसरा ऐसा देश बन गया है‚ जिसके पास सबसे अधिक विमानवाहक पोत हैं।
  • फुजियान वर्तमान में चीन द्वारा संचालित दो अन्य विमानवाहकों में शामिल हो गया है जो है- शेडोंग (टाइप 001)‚ 2019 में तैनात एवं लियाओनिंग (टाइप 002)।

क्या है EMALS व्यवस्था?

  • EMALS एक प्रक्षेप्य प्रणाली है।
  • इसके जरिए पोतों को अतिरिक्त दबाव प्रदान किया जाता है। 
  • इसकी कार्यप्रणाली इस प्रकार होती है-  
  • सर्वप्रथम प्रक्षेपक को छोड़ा जाता है। 
  • प्रक्षेपक से जुड़ा विमान थोड़े समय में अत्यधिक गति के साथ आगे बढ़ता है। 
  • यह विमान ‘प्रक्षेपक’ के अंत तक पहुंचने से पूर्व उड़ान भरने के लिए आवश्यक गति प्राप्त करने में मदद करता है। 
  • ध्यातव्य है‚ कि पूर्व प्रक्षेप्य प्रणाली में अग्नि दहन हेतु वाष्प दाब का उपयोग किया जाता था‚ जबकि EMALS  रैखिक प्रेरण मोटर्स का उपयोग करता है।

वर्तमान संदर्भ

  • 17 जून‚ 2022 को चीन ने अपने प्रथम नई पीढ़ी के स्वदेशी विमानवाहक पोत (Indigenous Aircraft Carrier) ‘टाइप 003, फुजियान’ (Type 003, Fujian) का अनावरण किया।

भारत की वर्तमान स्थिति

  • वर्ष 2017  में अमेरिका ने भारत को अपनी EMALS तकनीक प्रदान की।
  • अमेरिका की EMALS तकनीक को अमेरिकी रक्षा कंपनी जनरल एटॉमिक्स एयरोनॉटिकल सिस्टम्स इंक द्वारा विकसित किया गया है।
  • भारत के पास वर्तमान में आईएनएस विक्रमादित्य नाम का विमानवाहक पोत है। 
  • यह भारतीय नौसेना में सेवारत है। 
  • ध्यातव्य है‚ कि आईएनएस विक्रमादित्य एक संशोधित कीव-श्रेणी का विमानवाहक पोत है।
  • इसको नवंबर‚ 2013 में सेवा में अधिकृत किया गया था।
  • इसके अतिरिक्त भारत का दूसरा विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत को वर्ष 2022 के अंत तक चालू किया जाना है।

​​​​​​​

संकलन : आलोक त्रिपाठी
 


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