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अखिल भारतीय शिक्षा समागम

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 7-9 जुलाई‚ 2022 के मध्य तीन दिवसीय शिक्षा शिखर सम्मेलन‚ अखिल भारतीय शिक्षा सम्मेलन का आयोजन वाराणसी में आयोजित किया गया।
  • यह आयोजन वाराणसी स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर‚ सिगरा में किया गया। 

प्रमुख बिंदु

  • यह सम्मेलन नई शिक्षा नीति (New Education Policy : NEP), 2020 के प्रमुख क्षेत्रों की कार्यान्वयन रणनीतियों‚ सर्वोत्तम प्रथाओं‚ अगली प्रथाओं और सफलता की कहानियों को चिह्नित करेगा।
  • इस सम्मेलन में राष्ट्रीय महत्व के संस्थान (IIT, IIM, NIT etc) के 300 से अधिक शैक्षणिक‚ प्रशासनिक और संस्थागत प्रतिनिधियों की क्षमता निर्माण के रूप में भागीदारी होगी।
  • इस सम्मेलन का आयोजन शिक्षा मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है।
  • यह सम्मेलन एक ऐसा मंच प्रदान करेगा‚ जिसका उपयोग शिक्षाविदों‚ नीति-निर्माताओं और अकादमिक नेताओं के साथ विचार-विमर्श करने तथा अपने अनुभवों का आदान-प्रदान करने के लिए होगा।
    • ताकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति‚ 2020 कार्यान्वयन रोडमैप तैयार किया जा सके तथा विभिन्न हितधारक अपने-अपने संस्थानों में NEP के कार्यान्वयन की प्रगति प्रस्तुत कर सकें।
  • तीन दिवसीय शिक्षा समागम के दौरान एनईपी‚ 2020 के तहत उच्च शिक्षा के लिए चुने गए नौ विषयों पर चर्चा की गई।

  • सम्मेलन के अंतिम दिन उच्च शिक्षा में प्रभावशाली शोध का आह्वान करते हुए प्रतिभागियों द्वारा उच्च शिक्षा पर वाराणसी घोषणा को अपनाया जाएगा।

उद्देश्य

  • अखिल भारतीय शिक्षा समागम निम्नलिखित को एक मंच प्रदान करेगा।
    • एनईपी‚ 2020 के कार्यान्वयन की सर्वोत्तम प्रथाओं की विचारोत्तेजक चर्चा और प्रस्तुति शुरू करना;
    • एनईपी‚ 2020 को लागू करने के लिए विभिन्न दृष्टिकोणों और विधियों की पहचान करना;
    • रोडमैप और कार्यान्वयन रणनीतियों को प्रभावी ढंग से स्पष्ट करना।
  • ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और अंत:विषय चर्चाओं के माध्यम से नेटवर्क बनाना;
    • शैक्षिक संस्थाओं के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करें और समाधान स्पष्ट करना;
    • उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहलों को प्रदर्शित करके सर्वोत्तम प्रथाओं‚ सफलता की कहानियों और पद्धतियों को साझा करना;
    • भारत में उच्च शिक्षा पर वाराणसी घोषणा को अपनाना;
    • उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एक रोडमैप तैयार करना; 
    • हमारे सीखने के परिदृश्य के समग्र परिवर्तन के लिए भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए आगे की राह पर  चर्चा करना।

निष्कर्ष

  • विभिन्न हितधारकों के योगदान के बिना नई शिक्षा नीति‚ 2020 का कार्यान्वयन प्राप्त नहीं किया जा सकता है। इसके लिए एक साथ आने और केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों और उनके शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी की आवश्यकता होगी।
  • तभी जाकर भारत में संधारणीय विकास लक्ष्य (Sustanable Development Goals : SDG) के लक्ष्य 4 गुणवत्तापरक शिक्षा को प्राप्त किया जा सकेगा।

संकलन - पंकज तिवारी


 


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