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Post at: Jul 14 2022

नीति आयोग की गिग एवं प्लेटफॉर्म इकोनॉमी पर रिपोर्ट

गिग और प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था

  • गिग अर्थव्यवस्था से तात्पर्य ऐसी अर्थव्यवस्था से है‚ जिसमें श्रमिक परंपरागत नियोक्ता-कर्मचारी व्यवस्था से हटकर कार्य करते हैं।
  • यह एक प्रकार की मुक्त बाजार प्रणाली है‚ जिसमें संगठन किसी श्रमिक के साथ अल्पकालिक समयावधि के लिए अनुबंध करता है।
  • गिग अर्थव्यवस्था को मोटे तौर पर प्लेटफॉर्म और नॉन-     प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है‚ जिसमें क्रमश: प्लेटफॉर्म तथा गैर-प्लेटफॉर्म कर्मचारी शामिल किए जाते हैं।
  • प्लेटफॉर्म कर्मचारी वे कर्मचारी हैं‚ जिनका कार्य ऑनलाइन सॉफ्टवेयर ऐप्स या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित है।
  • गैर-प्लेटफॉर्म कर्मचारी में उन कर्मचारियों को शामिल किया जाता है‚ जो पारंपरिक क्षेत्रों में आमतौर पर आकस्मिक वेतन भोगी कर्मचारी हैं तथा अंशकालिक या पूर्णकालिक कार्य से जुड़े हुए हैं।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 25 जून‚ 2022 को नीति आयोग द्वारा गिग एवं प्लेटफॉर्म इकोनॉमी पर रिपोर्ट जारी की गई।
  • इस रिपोर्ट का शीर्षक है - ’इण्डियाज बूमिंग गिग एवं प्लेटफॉर्म इकानॉमी’ (India's Booming Gig and Platform Economy)।
  • यह रिपोर्ट अपनी तरह का ऐसा पहला अध्ययन है‚ जो भारत में गिग-प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था के बारे में व्यापक दृष्टिकोण और सिफारिशें प्रस्तुत करता है। 

रिपोर्ट के मुख्य बिंदु

  • रिपोर्ट के अनुसार‚ वर्ष 2020-21 में गिग अर्थव्यवस्था में 77 लाख कर्मचारी कार्यरत थे। वे गैर-कृषि कार्यबल का 2.6 प्रतिशत तथा भारत के कुल कार्यबल का 1.5 प्रतिशत थे।
  • वर्ष 2029-30 तक गिग अर्थव्यवस्था में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या 2.35 करोड़ (23.5 मिलियन) हो जाने का अनुमान है‚ जिससे गैर-कृषि कार्यबल में 6.7 प्रतिशत तथा कुल आजीविका में 4.1 प्रतिशत की भागीदारी होने की संभावना है।
  • वर्तमान समय में लगभग 47 प्रतिशत गिग वर्क मध्यम कुशल नौकरियों में‚ लगभग 22 प्रतिशत उच्च कुशल नौकरियों में तथा लगभग 31 प्रतिशत न्यूनतम कुशल नौकरियों में उपलब्ध हैं।
  • वर्तमान रुझान को देखकर यह प्रतीत होता है‚ कि मध्यम कुशल नौकरियों में कर्मचारियों की संख्या में गिरावट आ रही है तथा न्यूनतम कुशल और उच्च कुशल नौकरियों में इनकी संख्या बढ़ रही है।
  • यह उम्मीद है‚ कि वर्ष 2030 तक गिग अर्थव्यवस्था में मध्यम कुशल कर्मचारियों का दबदबा बना रहेगा। उसके बाद अन्य कुशल क्षेत्रों में उभार देखने को मिलेगा।
  • औद्योगिक वर्गीकरण के संदर्भ में लगभग 26.6 लाख (2.7 मिलियन) गिग श्रमिक खुदरा व्यापार और बिक्री क्षेत्र में तथा लगभग 13 लाख परिवहन क्षेत्र में थे। 
  • लगभग 6.2 लाख विनिर्माण क्षेत्र में तथा 6.3 लाख वित्त और बीमा संबंधी क्षेत्रों में संलग्न थे।
  • वर्ष 2011-12 से 2019-20 की अवधि में खुदरा क्षेत्र में 15 लाख‚ परिवहन क्षेत्र में 7.8 लाख तथा विनिर्माण क्षेत्र में 3.9 लाख गिग क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों में वृद्धि दर्ज की गई।
  • वर्ष 2019-20 तक तक शिक्षा क्षेत्र में काम करने वाले गिग कर्मचारियों की संख्या 66,000 से बढ़कर 1 लाख से अधिक हो गई।
  • वर्ष 2011-12 से 2019-20 के दौरान गिग श्रमिकों के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि के लिए रोजगार लोच एक से ऊपर था तथा समग्र रोजगार लोच से हमेशा से ऊपर था।
  • गिग श्रमिकों के लिए उच्च रोजगार लोच आर्थिक विकास की प्रकृति को इंगित करता है‚ जिसने गैर-गिग कर्मचारियों की अपेक्षा गिग कर्मचारियों के लिए अधिक मांग पैदा की है।
  • यह गैर-गिग कार्य को गिग कार्य में अधिक रूपांतरण की ओर भी इंगित करता है।
  • उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएं‚ अनौपचारिक क्षेत्र में वैश्विक रोजगार का 93 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करती है। अनौपचारिक क्षेत्र में सर्वाधिक रोजगार प्रदान करने वाले क्षेत्र अफ्रीका (85.8%), एशिया और प्रशांत महासागर (68.2%), अरब देश (68.6%), अमेरिका (40%) यूरोप और मध्य एशिया (25.1%)

गिग क्षेत्र के कर्मचारियों के समक्ष चुनौतियां

  • रोजगार सुरक्षा का अभाव‚ अनियमित पारिश्रमिक तथा अनिश्चित रोजगार की स्थिति।
  • आय और उपलब्ध कार्य में अनियमितता से जुड़ी अनिश्चितता के कारण बढ़ता तनाव। 
  • इंटरनेट और डिजिटल तकनीक तक सीमित पहुंच।
  • एल्गोरिद्‌म प्रबंधन अभ्यासों और रेटिंग के आधार पर गिग कर्मचारियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन‚ उनमें मानसिक तनाव एवं दबाव को जन्म देता है।

गिग कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान हेतु सुझाव

  • युवाओं और कार्यबल का कौशल विकास करके उन्हें रोजगार सक्षम बनाना।
  • सामाजिक सुरक्षा संहिता के माध्यम से सरकार गिग कर्मचारियों के सार्वभौमिक कवरेज को सुनिश्चित कर सकती है।
  • गिग कर्मचारियों को बीमा सुविधा‚ स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच तथा बीमारी के दौरान पेड लीव की सुविधा दी जाए।
  • सेवानिवृत्ति/पेंशन योजनाएं एवं अन्य आकस्मिक लाभ प्रदान करना।
  • डिलीवरी करने वाले गिग कर्मचारियों के लिए व्यवसाय संबंधी रोग तथा कार्य दुर्घटना बीमा की सुविधा।

संकलन - वृषकेतु राय


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