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राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण, 2021

परिचय

  • 12 नवंबर, 2021 को अखिल भारतीय स्तर पर राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (National Achivement Servey: NAS)  का आयोजन किया गया था।
    • इससे पूर्व ‘राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण’ का आयोजन वर्ष 2017 में आयोजित किया गया था।
  • यह भारत में सबसे बड़ा राष्ट्रव्यापी, नमूना-आधारित (Sample Based) शिक्षा सर्वेक्षण है।
  • इसका आयोजन शिक्षा मंत्रालय के अधीन स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के तत्‍वावधान में किया जाता है। 
  • इस सर्वेक्षण की रूपरेखा और घटक राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (National Council of Educational Research and Training: NCERT)  द्वारा तैयार किया गया है।
  • सर्वेक्षण का प्रबंधन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (National Informatics Centre:NIC) द्वारा डिजाइन और विकसित प्रौद्योगिकी मंच के माध्यम से किया गया था।
  • इसका आयोजक संगठन केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education: CBSE)  (राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण, 2021 के लिए) है।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 25 मई, 2022 को स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस), 2021 रिपोर्ट जारी की।
  • यह रिपोर्ट कक्षा 3, 5, 8 एवं 10 मंे पढ़ने वाले बच्‍चों के सीखने की क्षमता का व्यापक मूल्यांकन सर्वेक्षण करके देश में स्कूली शिक्षा प्रणाली के स्वास्थ्य का आकलन करती है। 
  • यह सर्वेक्षण रिपोर्ट तीन वर्ष की चक्रीय अवधि में तैयार की जाती है।
  • यह स्कूली शिक्षा का समग्र अवलोकन प्रदान करती है।

सर्वेक्षण की पद्धति

  • यह सर्वेक्षण जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों में सीखने की क्षमता पर फीडबैक प्रदान करने के लिए आयोजित किया जाता है। 
  • सर्वेक्षण में राज्यों के सरकारी स्कूल, सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल, गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूल और केंद्र सरकार के स्कूल शामिल किए जाते हैं।
  • ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के 720 जिलों के 1.18 लाख स्कूलों के लगभग 34 लाख छात्रों ने राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण, 2021 में भाग लिया।
  • राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण, 2021 का आयोजन 22 अलग-अलग भाषाओं में OMR  आधारित उपलब्धि परीक्षण के माध्यम से किया गया है।
    • जिसमें, NCERT द्वारा उपलब्धि परीक्षण प्रश्नावली, छात्र प्रश्नावली, शिक्षक प्रश्नावली और स्कूल प्रश्नावली को विकसित व अनुवादित किया गया है।
    • इस सर्वेक्षण में कक्षा 3 और 5 के लिए शामिल विषय भाषा, गणित और पर्यावरण अध्ययन हैं।
    • कक्षा 8 के लिए भाषा, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान को शामिल किया गया है।
    • कक्षा 10 के लिए भाषा, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और अंग्रेजी हैं।

प्रमुख बिंदु

  • राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण, 2021 में शामिल सभी राज्यों में पंजाब ने शीर्ष निष्पादन के साथ अग्रणी स्थान हासिल किया है।
    • पंजाब ने कक्षा 3,5, 8 और 10 के विषयों के लिए उच्‍चतम औसत अंक प्राप्त किया।
    • पंजाब में लड़कियों का औसत उपलब्धि स्कोर लड़कों के औसत से काफी ऊपर है।
  • सर्वेक्षण में पाया गया कि 78 प्रतिशत छात्रों ने माना कि महामारी के दौरान घर पर सीखना बोझिल लगता था।
  • 24 प्रतिशत छात्रों के पास घर  पर डिजिटल उपकरण उपलब्ध नहीं थे। 
  • 18 प्रतिशत बच्‍चों की माताएं पढ़-लिख नहीं सकती थीं।
  • 7 प्रतिशत स्कूल, शिक्षकों की अनुपस्थित का सामना कर रहें हैं।

ग्रेड-वार परिणाम

समग्र विश्लेषण

  • तीसरी कक्षा के लिए छात्रों का गणित में राष्ट्रीय औसत 306 था।
    • जो घटकर कक्षा 5 में 284, कक्षा 8 में 255 और कक्षा 10 में 220 तक हो गया।
  • राष्ट्रीय स्तर पर, भाषा का स्कोर तीसरी कक्षा में 323 था, जो पांचवीं कक्षा में 309 और आठवीं कक्षा में 302 तक घट गया। 
    • अत: भाषा के परिणामों में सापेक्षत:  अधिक विचलन नहीं दिखाई पड़ता है।
  • विज्ञान के लिए, राष्ट्रीय औसत कक्षा 8 में 250 से गिरकर कक्षा 10 में 206 हो गया।
  • राष्ट्रीय और राज्य दोनों स्तरों पर, कक्षाओं मंे लगभग सभी विषयों में लड़कियों का औसत प्रदर्शन लड़कों से बेहतर रहा।
  • अनुसूचित जाति (SC) / अनुसूचित जनजाति (ST)/ अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणियों के छात्रों का प्रदर्शन सामान्य वर्ग के छात्रों की तुलना में कम रहा।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों का औसत प्रदर्शन उन्‍हीं राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों (UT) के शहरी क्षेत्रों की तुलना में नीचे रहा।

महत्व

  • राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण, 2021 से प्राप्त निष्कर्ष छात्रों के सामाजिक, भावनात्मक और संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में स्कूलों के लंबे समय तक बंद रहने के परिणामों की एक व्यवस्थित समझ का समाधान प्रदान करने में मदद करेगा।
  • साथ ही, यह छात्रों के सीखने के अंतराल को हल करने और शिक्षा नीतियों, सीखने और शिक्षण प्रथाओं को तैयार करने में मदद करेगा।
  • यह शिक्षकों एवं शिक्षा के वितरण में शामिल अधिकारियों के लिए क्षमता निर्माण में मदद करेगा।
  • कोविड-19 महामारी के दौरान सीखने में बाधा और नई सीख का आकलन करने में मदद करेगा।
    • बदले में उपचारात्मक उपाय करने में मदद करेगा।

सुधार के लिए सरकार की पहल

  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2021
  • समग्र शिक्षा अभियान, 2.0
  • प्रधानमंत्री पोषण योजना, 2018
  • निपुण भारत मिशन- जुलाई, 2021
  • प्रदर्शन सूचकांक, 2019
  • शिक्षा के लिए एकीकृत जिला सूचना प्रणाली इत्‍यादि।

संबंधित कानून

  • शिक्षा का अधिकार (RTE)  अधिनियम, 2019 :  6 से 14 वर्ष तक की आयु के सभी बच्‍चों को प्राथमिक शिक्षा प्रदान करना।
    • शिक्षा को मौलिक अधिकार के रूप में लागू करना।
    • यह समाज के वंचित वर्गों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण को भी अनिवार्य बनाता है।

संवैधानिक प्रावधान

  • वर्ष 1976 में 42वें संविधान संशोधन के माध्यम से शिक्षा को राज्य से समवर्ती सूची में स्थानांतरित कर दिया गया।
  • वर्ष 2002 में 86वें संविधान संशोधन ने अनुच्‍छेद 21 (क) के तहत शिक्षा को प्रवर्तनीय अधिकार बना दिया।
  • संविधान के भाग 4, राज्य के नीति-निदेशक सिद्धांतों (DPSP)  के अनुच्‍छेद 45 में राज्य वित्त पोषित होने के साथ-साथ समान और सुलभ शिक्षा का प्रावधान है।

संकलन-पंकज तिवारी

 


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