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बजट अनुमान 2022-23 (भाग-II)

  • राजस्व एवं पूंजी लेखे का व्यय (Revenue & Capital Account Expenditure) : 26 मई‚ 2022 को वर्ष 2022-23 के लिए प्रस्तुत बजट का आकार 615518.98 करोड़ रुपये है‚ जो विगत वर्ष के बजट अनुमान (550270.78 करोड़ रुपये) की तुलना में 11.86 प्रतिशत तथा संशोधित अनुमान (484542.02 करोड़ रुपये) की तुलना में 27.03 प्रतिशत अधिक है।
  • इस कुल व्यय में 456089.06 करोड़ रुपये राजस्व लेखे का व्यय तथा 159429.92 करोड़ रुपये पूंजी लेखे का व्यय शामिल है। 
  • राजस्व एवं पूंजी लेखे की प्राप्तियां (Revenue & Capital Account Receipts) : बजट 2022-23 में कुल प्राप्तियां 590951.71 करोड़ रुपये अनुमानित है‚ जबकि विगत वर्ष के बजट में यह 506181.84 करोड़ रुपये अनुमानित थीं।
  • कुल प्राप्तियों में 499212.71 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्तियां तथा 91739 करोड़ रुपये की पूंजीगत प्राप्तियां सम्मिलित हैं।
  • राजस्व प्राप्तियों में कर राजस्व का अंश 367153.76 करोड़ रुपये है‚ जिसमें से स्वयं का कर राजस्व 220655 करोड़ रुपये तथा केंद्रीय करों में राज्य का अंश 146498.76 करोड़ रुपये सम्मिलित है।
  • बजट 2022-23 में राज्य के स्वयं के कर राजस्व में वर्ष 2021-22 के संशोधित अनुमानों (160349.78 करोड़ रुपये) की तुलना में 60305.22 करोड़ रुपये (37.61%) की वृद्धि प्रदर्शित है।
  • लोक लेखा (Public Account) शुद्ध : वित्तीय वर्ष 2022-23 में लोक लेखा के अंतर्गत लेन-देनों से 6000 करोड़ रुपये की शुद्ध प्राप्ति का अनुमान है‚ जो वर्ष 2021-22 की शुद्ध प्राप्ति के मूल अनुमान 5500 करोड़ रुपये से 500 करोड़ रुपये अधिक है।
  • समस्त लेन-देनों का शुद्ध परिणाम : वर्ष 2022-23 के बजट अनुमानों में वर्षभर के समस्त लेन-देनों का शुद्ध परिणाम (–)18567.26 करोड़ रुपये अनुमानित है। प्रारंभिक शेष तथा समस्त लेन-देनों के उपर्युक्त शुद्ध परिणाम के आधार पर अंति्ाम शेष 21982.77 करोड़ रुपये अनुमानित है।
  • राजस्व बचत : वर्ष 2022-23 के बजट में 43123.65 करोड़ रुपये की राजस्व बचत अनुमानित है‚ जबकि वर्ष 2021-22 में यह 23210.09 करोड़ रुपये अनुमानित की गई थी। वर्ष 2021-22 के पुनरीक्षित आंकड़ों के तहत 22107.19 करोड़ रुपये की राजस्व बचत होने का अनुमान है। 
  • राजकोषीय घाटा : वर्ष 2022-23 में राजकोषीय घाटा 81177.98 करोड़ रुपये होने का अनुमान है‚ जो सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) का 3.96 प्रतिशत है।
  • वर्ष 2020-21 के वास्तविक आंकड़ों के अनुसार‚ शुद्ध राजकोषीय घाटा 54622.11 करोड़ रुपये था।
  • वर्ष 2021-22 के बजट अनुमानों के तहत‚ राजकोषीय घाटा 90729.80 करोड़ रुपये आकलित था‚ जो पुनरीक्षित अनुमानों के अनुसार घटकर 74745.64 करोड़ रुपये होना अनुमानित है।
  • पूंजीगत परिव्यय : वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट में पूंजीगत परिव्यय की राशि 123919.85 करोड़ रुपये अनुमानित है।
  • वर्ष 2020-21 में पूंजीगत परिव्यय के अंतर्गत वास्तविक रूप से 52237.10 करोड़ रुपये का व्यय हुआ।
  • वर्ष 2021-22 के बजट अनुमान में पूंजीगत परिव्यय 113767.70 करोड़ रुपये आकलित था‚ जो कि पुनरीक्षित अनुमानों में घटकर 96480.63 करोड़ रुपये होना अनुमानित है।
  • सकल कर प्राप्तियां/सकल राज्य घरेलू उत्पाद : सकल कर प्राप्तियों का सकल राज्य घरेलू उत्पाद के साथ अनुपात वर्ष 2022-23 के बजट में 17.9 प्रतिशत अनुमानित है‚ जबकि वर्ष 2020-21 के वास्तविक आंकड़ों में यह 11.7 प्रतिशत रहा तथा वर्ष 2021-22 के संशोधित अनुमानों में यह 15.7 प्रतिशत आकलित है। यह सकल राज्य घरेलू उत्पाद के सापेक्ष कर राजस्व प्राप्तियों में स्थायित्व सुधार को इंगित करता है।
  • राज्य का ऋण/सकल राज्य घरेलू उत्पाद : वर्ष 2012-13 में यह अनुपात 30.9 प्रतिशत था‚ जो घटकर वर्ष 2020-21 में 29.1 प्रतिशत के स्तर पर आ गया। वर्ष 2021-22 के संशोधित अनुमानों में यह 34.9 प्रतिशत और वर्ष 2022-23 के बजट अनुमान में 32.5 प्रतिशत आकलित है। 


मध्यकालिक राजकोषीय पुन:संरचना नीति 2022 

  • उत्तर प्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन नियमावली‚ 2006 में मध्यकालिक राजकोषीय पुन:संरचना नीति्ा का प्रारूप निर्धारित किया गया है।
  • अधिनियम तथा नियमावली के संगत प्रावधानों के अनुसार‚ उत्तर प्रदेश मध्यकालिक राजकोषीय पुन:संरचना नीति्ा‚ 2022 तैयार की गई है‚ जिसमें वर्ष 2021-22 के बजट अनुमान एवं पुनरीक्षित अनुमान‚ वर्ष 2022-23 के बजट अनुमान तथा अगले तीन वर्षों; अर्थात वर्ष 2023-24, 2024-25 तथा वर्ष 2025-26 के पूर्वानुमान दिए गए हैं।
  • तद्‌नुसार‚ निर्धारित प्रारूप पर प्रत्येक वर्ष‚ वार्षिक बजट के साथ मध्यकालिक राजकोषीय पुन:संरचना नीति-पत्रक प्रस्तुत किया जाता है।

  • वेतन‚ पेंशन एवं ब्याज पर होने वाला सम्मिलित व्यय‚ वर्ष 2022-23 में राजस्व प्राप्तियों का 55.4 प्रतिशत तथा राजस्व व्यय का 60.7 प्रतिशत अनुमानित है। वर्ष 2025-26 तक इस अनुपात के घटकर क्रमश: 51.2 प्रतिशत तथा 58.8 प्रतिशत हो जाने का अनुमान है।
  • त्र+ण सेवा पर होने वाला व्यय वर्ष 2022-23 में राजस्व प्राप्तियों के 13.7 प्रतिशत के स्तर पर रहने का अनुमान है‚ जिसका वर्ष 2025-26 तक घटकर 12.1 प्रतिशत होना अनुमानित है।

सरकार की ऋणग्रस्तता

  • वर्ष 2021-22 के बजट अनुमान में राज्य की ऋणग्रस्तता 611161.85 करोड़ रुपये आकलित की गई थी‚ जिसके सापेक्ष पुनरीक्षित अनुमान 611281.42 करोड़ रुपये है। वर्ष 2022-23 में इसके बढ़कर 666153.39 करोड़ रुपये हो जाने का अनुमान है‚ जो जीएसडीपी का 32.5 प्रतिशत है। 
  • राजकोषीय घाटा - राजकोषीय घाटा के तीन घटक हैं - राजस्व घाटा‚ पूंजीगत परिव्यय तथा शुद्ध प्रदत्त ऋण एवं अग्रिम। वर्ष 2020-21 से राजकोषीय घाटा की प्रवृत्ति एवं उसका अपघटन तथा सकल राज्य घरेलू उत्पाद (स.रा.घ.उ.) के साथ अनुपात दिया गया है।

संकलन-शिवशंकर तिवारी


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