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Post at: Jun 30 2022

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय एवं अंतरराष्ट्रीय अक्षय ऊर्जा एजेंसी के बीच रणनीतिक साझेदारी समझौते को मंजूरी

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 29 जून, 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमण्डल को भारत सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय एवं अंतरराष्ट्रीय अक्षय ऊर्जा एजेंसी (International Renewable Energy Agency: IRENA) के बीच हस्ताक्षरित एक रणनीतिक साझेदारी समझौते से अवगत कराया गया। 
  • जनवरी, 2022 में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।

उद्देश्य

  • इस समझौते का उद्देश्य भारत में अक्षय ऊर्जा पर आधारित हरित ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वाकांक्षी परिवर्तन, नेतृत्व और ज्ञान को बढ़ावा देना है। 
  • यह समझौता भारत के ऊर्जा के क्षेत्र में बदलाव के प्रयासों में मदद करेगा और विश्व को जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी मदद करेगा।
  • रणनीतिक साझेदारी समझौते में परिकल्पित सहयोग के क्षेत्र वर्ष 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन से प्रचलित 500 गीगावॉट स्थापित बिजली क्षमता के अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने में भारत का समर्थन करेंगे। इससे आत्मनिर्भर भारत को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस समझौते की मुख्य विशेषताओं में निम्नलिखित क्षेत्रों में सहयोग बढ़ावा देना शामिल है:

  • भारत से अक्षय ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के बारे में ज्ञान साझा करने की सुविधा
  • दीर्घकालिक ऊर्जा योजना पर भारत के प्रयासों का समर्थन करना
  • भारत में नवाचार के माहौल को मजबूत करने के लिए सहयोग करना
  • ग्रीन हाइड्रोजन के विकास की संभावना और इसके इस्तेमाल को बढ़ावा देकर किफायती डीकार्बोनाइजेशन की ओर बढ़ना।

अन्य महत्वपूर्ण बिंदु

  • भारत ने वर्ष 2021 में 13 गीगावाॅट (GE) नवीकरणीय ऊर्जा स्थापित की और पिछले पांच वर्षों में 53 गीगावाॅट से अधिक की अपनी क्षमता में वृद्धि की है। 
  • जो इसे विश्व में सबसे तेजी से बढ़ते अक्षय ऊर्जा अपनाने वाले देशों में से एक के रूप में स्थापित करता है। 
  • विशाल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के साथ, भारत का लक्ष्य अपनी औद्योगिक अर्थव्यवस्था के डीकार्बोनाइजेशन का समर्थन करने के लिए हरित हाइड्रोजन का एक प्रमुख उत्पादक बनना है। 
  • आईआरईएनए के अनुसार, वर्ष 2050 तक 1.5 डिग्री सेल्सियस की दुनिया में हाइड्रोजन कुल ऊर्जा आपूर्ति का लगभग 12 प्रतिशत होगा।

निष्कर्ष

  • इस प्रकार, यह रणनीतिक साझेदारी समझौता भारत के ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव लाने के प्रयासों और दुनिया को जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी मदद करेगा।

IRENA

  • IRENA एक अंतर-सरकारी संगठन है, जो सतत ऊर्जा भविष्य के लिए देशों को उनके परिवर्तनकाल में समर्थन करता है।
  • नवीकरणीय ऊर्जा पर केंद्रित यह पहला अंतरराष्ट्रीय संगठन परस्पर सहयोग तथा जानकारी बढ़ाने, नवीकरणीय ऊर्जा के सतत उपयोग और इसे अपनाने हेतु प्रोत्साहन प्रदान करने का कार्य करता है।
  • IRENA को आधिकारिक रूप से 26 जनवरी, 2009 को जर्मनी के बॉन में स्थापित किया गया था। इसका कानून 8 जुलाई, 2010 को लागू हुआ था। 
  • इसका मुख्यालय मसदर शहर,अबू धाबी (संयुक्त अरब अमीरात) में है। वर्तमान में इसके 167 सदस्य देश हैं।

संकलन-मनीष प्रियदर्शी


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