Contact Us - 9792276999 | 9838932888
Timing : 12:00 Noon to 20:00 PM (Mon to Fri)
Email - ssgcpl@gmail.com
|
|

Post at: Jun 25 2022

SIPRI ईयरबुक, 2022

परिचय

  • 13 जून, 2022 को ‘स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्‍यूट’ (SIPRI)  द्वारा सिप्री (SIPRI) ईयरबुक, 2022 के निष्कर्षों को जारी किया गया।
    •  जिसके अंतर्गत हथियारों, निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की वर्तमान स्थिति का आकलन किया गया है।
  • इस रिपोर्ट में सैन्य व्यय, शस्‍त्र हस्तांतरण और परमाणु हथियारों की मौजूदगी आदि विषयों पर डाटा प्रस्तुत किया गया है।

सैन्य संघर्ष का परिणाम

  • वर्ष 2021 में सैन्य संघर्ष से हुई मौत में 1,50,000 की वृद्धि हुई है।
    • जो वर्ष 2020 की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है।
  • वर्ष 2022 में सैन्य संघर्ष में सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र एशिया व ओशेनिया (Asia and Ocenia) हैं।
    • जो कुल वैश्विक सैन्य संघर्ष का अकेले 59 प्रतिशत हिस्सा साझा करते हैं।
  • अधिकांश सैन्य संघर्ष अफगानिस्तान, म्यांमार, पाकिस्तान और उप-सहारा अफ्रीका में घटित हुआ है।

विश्व सैन्य व्यय और विकास

  • रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 में कुल वैश्विक सैन्य व्यय वर्ष 2022 की तुलना में 0.7 प्रतिशत बढ़कर 2113 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है।
  • वर्ष 2021 में विश्व सैन्य व्यय पहली बार 2 ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर गया ।
  • वर्ष 2021 में कुल सैन्य व्यय वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 2.2 प्रतिशत था।

वर्ष 2021 में सर्वाधिक सैन्य व्यय करने वाले शीर्ष 5 देश:


  • शीर्ष पांच देश वर्ष 2021 में वैश्विक सैन्य व्यय के 62 प्रतिशत हिस्से के लिए उत्तरदायी हैं।
  • रिपोर्ट के अनुसार, भारत वर्ष 2021 में विश्व का तीसरा सबसे बड़ा सैन्य व्यय करने वाला देश है।
  • वर्ष 2022 की तुलना में, वर्ष 2021 में भारत द्वारा सैन्य व्यय में लगभग 0.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
  • वर्ष 2021 में भारत का सैन्य व्यय उसके GDP  का 2.7 प्रतिशत है।

अंतरराष्ट्रीय शस्‍त्र हस्तांतरण प्रवृत्तियां, 2021 

  • वर्ष 2017-21 के प्रमुख शस्‍त्रों के अंतरराष्ट्रीय हस्तांतरण की मात्रा में वर्ष 2012-16 की तुलना में 4.6 प्रतिशत की कमी, जबकि वर्ष 2007-11 की तुलना में 3.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
  • वर्ष 2017-21 की अवधि में विश्व के 5 सबसे बड़े हथियार निर्यातक देश क्रमश :  अमेरिका, रूस, फ्रांस, चीन तथा जर्मनी हैं।
    • संयुक्त रूप से ये पांचों देश वर्ष 2017-21 में प्रमुख शस्‍त्रों के कुल निर्यात के 77 प्रतिशत के लिए उत्तरदायी हैं।
  • वर्ष 2017-21 में विश्व में शस्‍त्रों के सबसे बड़े निर्यातक अमेरिका का शस्‍त्र निर्यात सकल विश्व का 39 प्रतिशत है।
  • वर्ष 2017-21 की अवधि में विश्व के पांच सबसे बड़े शस्‍त्र आयातक देश क्रमश: भारत, सऊदी अरब, मिस्‍त्र , ऑस्ट्रेलिया और चीन हैं।
    • संयुक्त रूप से ये पांचों देश प्रमुख शस्‍त्रों के कुल आयात के 38 प्रतिशत हिस्से के लिए उत्तरदायी हैं।
  • भारत, विश्व में प्रमुख शस्‍त्रों का सबसे बड़ा आयातक है।

क्षेत्रवार: वर्ष 2017-2021 में प्रमुख हथियारों की आपूर्ति की सबसे बड़ी मात्रा प्राप्त करने वाले एशिया और ओशेनिया थे, जो वैश्विक कुल आपूर्ति का 43 प्रतिशत था, इसके बाद मध्य-पूर्व, जिसे 32 प्रतिशत प्राप्त हुआ।

विश्व परमाणु बल

  • नौ परमाणु सशस्त्र राज्य हैं :  संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस,यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, इस्राइल और डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (उत्तर कोरिया)।
  • इन नौ देशों में वर्ष 2022 में कुल 12705 परमाणु हथियार मौजूद हैं।

  • रूस और अमेरिका के पास मिलाकर अकेले लगभग 90 प्रतिशत अधिक परमाणु हथियार हैं।
  • हालांकि, वर्ष 2022 में वर्ष 2021 की तुलना में परमाणु हथियारों की संख्या मंे मामूली कमी के बावजूद आने वाले दशक में परमाणु शस्त्रागार बढ़ने की उम्मीद है।
  • द्विपक्षीय परमाणु हथियार कटौती संधि (START) के अनुपालन में अमेरिका और रूस दोनों देशों द्वारा वाॅरहेड इन्‍वेंट्री पर नियंत्रण बनाए रखा है।
  • जनवरी, 2022 तक भारत के पास 160 परमाणु हथियार थे, जिनमें वृद्धि जारी है।
    •  भारत का परमाणु भण्डार जनवरी, 2021 में 156 से बढ़कर, 2022 में 160 हो गया।

परमाणु नि:शस्त्रीकरण (Disarmament)

  • अमेरिका-रूस हथियार नियंत्रण समझौता नए स्टार्ट संधि को 5 वर्ष (2026 तक) के लिए बढ़ा दिया गया है।
  • 22 जनवरी, 2021 को परमाणु हथियारों के निषेध (Treaty on the Prohibition Nuclear Weapons enters into force-TPNW) लागू हुआ।
    • यह व्यापक तौर पर परमाणु हथियारों के विकास, शोध, उपयोग व तैनाती पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने वाली पहली वैश्विक संधि है।
  • वर्ष 2021 में अमेरिका व ईरान द्वारा संयुक्त व्यापक कार्ययोजना (Joint Comprenesive Plan of Action: JCPoA), 2015 को पुन : बहाल करने पर सहमति व्यक्त की है।
  • वर्ष 1996 की व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध समझौता (Comprehsive Nuclear-Test Ban treaty : CTBT) को 25 वर्ष हाे गए हैं। 
    • लेकिन अभी तक यह पूरी तरह से प्रभावी नहीं हो सका है।

SIPRI

  • स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्‍यूट (SIPRI) की स्थापना वर्ष 1996 में स्टॉकहोम (Stockholm) में हुई थी।
    • यह एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय संस्थान है, जो संघर्ष आयुध, हथियार नियंत्रण और निरस्त्रीकरण में अनुसंधान के लिए समर्पित है।
  • यह नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं, मीडिया और इच्‍छुक जनता को खुले स्रोतों के आधार पर डाटा विश्लेषण और सिफारिशें प्रदान करता है।

संकलन-पंकज तिवारी
 

 


Comments
List view
Grid view

Current News List