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Post at: Jun 23 2022

2022-23 विपणन मौसम के लिए खरीफ फसलों के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य (एमएसपी)

न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 

  • न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) वह ‘न्यूनतम मूल्य’ है, जिस पर सरकार किसानों से फसल खरीदने का वायदा करती है और यह किसानों की उत्पादन लागत के कम-से-कम डेढ़ गुना अधिक होती है।

MSP के तहत फसलें

  • कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (Commission for Agricultural Costs & Prices : CACP) द्वारा सरकार को 22 अधिदिष्ट फसलों (Mandated Crops) के लिए ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ (MSP) तथा गन्‍ने के लिए 'उचित और लाभकारी मूल्य' (FRP) की सिफारिश की जाती है।
  • अब तक, CACP 23 वस्तुओं के एमएसपी की सिफारिश करता है, जिसमें 7 अनाज (धान, गेहूं, मक्‍का, ज्वार, बाजरा, जौ और रागी), 5 दालें (चना, अरहर, मूंग, उड़द, मसूर), 7 तिलहन (मूंगफली, रेपसीड-सरसों, सोयाबीन, तिल, सूरजमुखी, कुसुम, नाइजरसीड) और 4 व्यावसायिक फसलें (खोपरा, गन्‍ना, कपास और कच्‍चा जूट) शामिल हैं।

कृषि लागत एवं मूल्य आयोग

  • कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार का एक संबद्ध कार्यालय है। 
  • यह जनवरी, 1965 में अस्तित्व में आया। 
  • वर्तमान में, आयोग में एक अध्यक्ष, सदस्य सचिव, एक सदस्य (सरकारी) और दो सदस्य (गैर-सरकारी) शामिल हैं। 
  • गैर-सरकारी सदस्य कृषक समुदाय के प्रतिनिधि होते हैं और आमतौर पर कृषक समुदाय के साथ सक्रिय रूप से जुड़े होते हैं।
  • सीएसीपी प्रतिवर्ष मूल्य नीति रिपोर्ट के रूप में सरकार को अपनी सिफारिशें अलग-अलग वस्तुओं के पांच समूहों खरीफ फसलों, रबी फसलों, गन्‍ना, कच्‍चे जूट और खोपरा के लिए प्रस्तुत करता है।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 8 जून, 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमण्डलीय समिति (सीसीईए) ने 2022-23 विपणन मौसम के लिए सभी अधिदेशित खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को मंजूरी दे दी है।
  • सरकार ने फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने एवं उत्पादकों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित  कराने हेतु, 2022-23 विपणन मौसम की खरीफ फसलों के एमएसपी में वृद्धि की है, जो कि नीचे तालिका में दिए गए हैंI 
  • वर्ष 2022-23 विपणन मौसम के लिए सभी खरीफ फसलों के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य (₹ प्रति क्‍विंटल)

  • सभी भुगतान की गई लागतें शामिल हैं; जैसे किराया मानव श्रम, बैल श्रम/मशीन श्रम, पट्टे की भूमि के लिए दिया गया किराया, बीज, उर्वरक, खाद, सिंचाई प्रभार जैसे भौतिक आदानों के उपयोग पर व्यय, उपकरणों और फार्म भवनों का मूल्यह्रास, कार्यशील पूंजी पर ब्याज, पंप सैटों आदि के प्रचालन के लिए डीजल/बिजली, विविध व्यय और पारिवारिक श्रम का आरोपित मूल्य को संदर्भित करता है।
  • धान (ग्रेड ए), ज्वार (मालदाण्डी) एवं कपास (लंबा रेशा) के लिए लागत आंकड़े पृथक रूप से संकलित नहीं किए जाते हैं।
  • विपणन मौसम 2022-23 के लिए खरीफ फसलों की एमएसपी में बढ़ोत्तरी, वर्ष 2018-19 के केंद्रीय बजट में एमएसपी को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत (सीओपी) के ऊपर कम-से-कम 50 प्रतिशत लाभ निर्धारित करने की उद्‍घोषणा के अनुरूप है, जो कि किसानों के लिए किफायती निष्पक्ष पारिश्रमिक के लिए लक्षित है। 
  • यह ध्यान देने योग्य है, कि बाजरा, तूर, उड़द, सूरजमुखी बीज, सोयाबीन एवं मूंगफली की एमएसपी पर लाभ अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत से 50 प्रतिशत अधिक है, जो कि क्रमश: 85%, 60%, 59%, 56%, 53% एवं 51% है । 
  • वर्ष 2021-22 के तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, देश में खाद्यान्‍न का उत्पादन रिकॉर्ड 314.51 मिलियन टन होने का अनुमान है, जो कि वर्ष 2020-21 के खाद्यान्‍न उत्पादन की तुलना में 3.77 मिलियन टन अधिक है। वर्ष 2021-22 के दौरान उत्पादन, पिछले पांच वर्षों (2016-17 से 2020-21) के औसत खाद्यान्‍न उत्पादन की तुलना में 23.80 मिलियन टन अधिक है।
     

संकलन-मनीष प्रियदर्शी
 

 


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