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संत कबीर अकादमी तथा अनुसंधान केंद्र का उद्‍घाटन

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 5 जून, 2022 को, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने स्वदेश दर्शन योजना के तहत मगहर (उत्तर प्रदेश) के कबीर चौरा धाम में ‘संत कबीर अकादमी और अनुसंधान केंद्र ’ का उद्‍घाटन किया।
  • गौरतलब है, कि ‘संत कबीर अकादमी और अनुसंधान केंद्र’ की आधारशिला वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखी गई थी।

महत्वपूर्ण बिंदु
कबीर (1398-1518 ई.)

  • कबीर का जन्म 1398 ई. में काशी में हुआ माना जाता है।
    • गुरु रामानंद के शिष्य कबीर ने 120 वर्ष की आयु पाई। जीवन के अंतिम कुछ वर्ष उन्होंने मगहर में बिताया।
    • कबीर का आविर्भाव ऐसे समय में हुआ था, जब राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक क्रांतियां अपने चरम पर थीं। कबीर क्रांतदर्शी कवि थे। उनकी कविता में गहरी सामाजिक चेतना प्रकट होती है। 
    • उनकी कविता सहज ही मर्म को छू लेती है। एक ओर धर्म के बाह्याडंबरों पर उन्होंने गहरी और तीखी चोट की है, तो दूसरी ओर आत्मा-परमात्मा के विरह-मिलन के भावपूर्ण गीत गाए हैं। 
    • कबीर शास्त्रीय ज्ञान की अपेक्षा अनुभव ज्ञान को अधिक महत्व देते थे। उनका विश्वास सत्संग में था और वे मानते थे कि ईश्वर एक है, वह निर्विकार है, अरूप है।
    • कबीर की भाषा पूर्वी जनपद की भाषा थी। उन्होंने जनचेतना और जनभावनाओं काे अपने सबद और साखियों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया।

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स्वदेश दर्शन योजना

  • देश में विषय आधारित पर्यटक सर्किट विकसित करने के उद्देश्य से वर्ष 2014-15 में ‘पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय’ द्वारा शुरू की गई एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है।
  • स्वदेश दर्शन योजना का प्रमुख उद्देश्य पर्यटक सर्किटों को एकीकृत तरीके से उच्‍च पर्यटक मूल्य, प्रतिस्पर्धा और स्थिरता के सिद्धांतों पर विकसित करना है।

विशेषताएं

  • 100 प्रतिशत केंद्रीय वित्त पोषित योजना।
  • इस योजना से भारत में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
  • पर्यटन मंत्रालय, सर्किट के अवसंरचना के विकास के लिए स्वदेश दर्शन योजना के तहत, राज्य सरकारों, संघ राज्यक्षेत्रों के प्रशासन को केंद्रीय वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
  • स्वच्‍छ भारत अभियान, स्किल इण्डिया, मेक इन इण्डिया आदि जैसी अन्य योजनाओं के साथ तालमेल  बिठाने के लिए ही ‘स्वदेश दर्शन योजना’ की परिकल्पना की गई है।
  • जिससे पर्यटन क्षेत्र को रोजगार सृजन हेतु एक प्रमुख इंजन के रूप में स्थापित किया जा सके।
  • स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत 15 विषयगत सर्किटों की पहचान की गई है। जो निम्नवत हैं-

​​​​​​​1. बौद्ध सर्किट
2.तटीय सर्किट 
3. डेजर्ट सर्किट
4. इको सर्किट
5. हेरिटेज सर्किट
6. हिमालयन सर्किट
7. कृष्णा सर्किट
8.नॉर्थ-ईस्ट सर्किट
9. रामायण सर्किट
10. ग्रामीण सर्किट
11.आध्यात्मिक सर्किट
12.सूफी सर्किट
13 तीर्थंकर सर्किट
14.जनजातीय सर्किट
15. वन्यजीव सर्किट

संकलन-रमेश चौधरी


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