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Post at: Jun 22 2022

विश्व मौसम विज्ञान संगठन की जलवायु परिवर्तन पर रिपोर्ट

  • मई‚ 2022 में विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने ’ग्लोबल  एनुअल टू डिकेडल क्लाइमेट अपडेट’ (Global Annual to Decadal Climate Update) जारी किया। 
  • विदित हो‚ कि यह रिपोर्ट प्रतिवर्ष WMO द्वारा जारी की जाती है। यह रिपोर्ट वर्ष 2022-26 की अवधि हेतु जलवायु परिवर्तन संबंधी अनुमान लगाती है।

रिपोर्ट से संबंधित मुख्य बिंदु
औसत वार्षिक तापमान

  • रिपोर्ट के अनुसार‚ अगले पांच वर्षों में कम-से-कम एक वर्ष हेतु वार्षिक औसत वैश्विक तापमान अस्थायी रूप से पूर्व औद्योगिक स्तर (Pre Industrial Level) के 1.5 डिग्री सेल्सियस ऊपर पहुंचने की 50 प्रतिशत संभावना है।
    • रिपोर्ट के अनुसार‚ वर्ष 2022 से 2026 के बीच कम-से-कम एक वर्ष में अधिकतम तापमान का रिकॉर्ड बनेगा। यह रिकॉर्ड वर्ष 2016 के सर्वाधिक गर्म वर्ष को पीछे छोड़ देगा।
    • रिपोर्ट यह बताती है‚ कि वर्ष 2022-26 का औसत पिछले पांच वर्ष के औसत (2017-2021) की तुलना में लगभग 93 प्रतिशत अधिक रहने की संभावना है।
    • रिपोर्ट के अनुसार‚ आर्कटिक के तापमान में विसंगति पिछले 30 वर्षों (1991-2020) के औसत की तुलना में लगभग 3 गुना अधिक दर्ज होगी।
    • रिपोर्ट मौसमी परिघटनाओं; जैसे ला नीना तथा अलनीनो के प्रभाव की भी चर्चा करती है। रिपोर्ट अनुमान लगाती है‚ कि वर्ष 2022-26 की शुरुआत एवं अंत में ला नीना की घटनाएं वैश्विक औसत तापमान को थोड़ा कम करेंगी।
    • परंतु यह केवल अस्थायी प्रभाव होगा।
    • रिपोर्ट वैश्विक स्तर पर वर्षा पैटर्न की भी चर्चा करती है। रिपोर्ट के अनुसार‚ वर्ष 1991-2020 की तुलना में नवंबर से मार्च‚ 2023/24-2026/27 के वर्षा पैटर्न के संदर्भ में निम्न स्थिति दिखाई देगी।
    • उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में वर्षा में वृद्धि।
    • उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र में वर्षा में कमी।
    • रिपोर्ट के अनुसार‚ वर्ष 2020 तीन सर्वाधिक गर्म वर्षों में शामिल है। इसके अतिरिक्त वर्ष 2011-2020 सर्वाधिक गर्म दशक के रूप में दर्ज है।

भारत के संदर्भ में विशिष्ट निष्कर्ष

  • भारत के संदर्भ में रिपोर्ट ने कुछ निष्कर्ष दिए हैं‚ जिनमें से कुछ महत्वपूर्ण इस प्रकार हैं—
    • अगले पांच वर्षों में हिंद महासागर के गर्म होने के कारण (विशेष रूप से अरब सागर) भारत को घातक चक्रवातों के प्रति और अधिक संवेदनशील बना सकता है।
    • रिपोर्ट के अनुसार‚ वर्ष 1981-2010 की अवधि की तुलना में अरब सागर 0.5-1oC तक गर्म हो सकता है।
    • रिपोर्ट के अनुसार‚ वर्ष 1901-2018 के दौरान भारत के औसत तापमान में 0.7oC की वृद्धि हुई है।
    • हालांकि‚ उष्णकटिबंधीय हिंद महासागर के औसत तापमान में वर्ष 1951 से 2015 के दौरान लगभग 1oC की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।

विश्व मौसम विज्ञान संगठन

  • विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) 193 सदस्यों वाला एक अंतर-सरकारी संगठन है।
  • इस संगठन की उत्पत्ति अंतरराष्ट्रीय मौसम विज्ञान संगठन (IMO) से हुई है।
  • 23 मार्च‚ 1950 को WMO कन्वेंशन के अनुसमर्थन द्वारा WMO की स्थापना की गई।
  • इसका मुख्यालय जेनेवा में है।

संकलन - आलोक त्रिपाठी


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