Contact Us - 9792276999 | 9838932888
Timing : 12:00 Noon to 20:00 PM (Mon to Fri)
Email - ssgcpl@gmail.com
|
|

Post at: Jun 21 2022

पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक‚ 2022

EPI

  • पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक (EPI : Environmental Performance Index) एक द्विवार्षिक रिपोर्ट है।
  • EPI‚ येल सेंटर फॉर एनवायरनमेंटल लॉ एण्ड पॉलिसी (Yale Center for Environmental Law & Policy)‚ येल विश्वविद्यालय और कोलंबिया यूनिवर्सिटी के ‘अर्थ इंस्टीट्‌यूट’ स्थित ‘द सेंटर फॉर इंटरनेशनल अर्थ साइंस इन्फॉर्मेशन नेटवर्क’ (CIESIN : The Center for International Earth Science Information Network) की एक संयुक्त परियोजना है।
  • EPI में उच्च प्राथमिकता वाले पर्यावरणीय मुद्दों पर प्रदर्शन के आधार पर विभिन्न देशों को रैंक प्रदान की जाती है।

EPI, 2022 : प्रविधि

  • EPI, 2022 के तहत‚ 11 श्रेणियों (categories) में विभक्त 40 प्रदर्शन संकेतकों (performance indicators) के आधार पर विश्व के 180 देशों की रैंकिंग तैयार की गई है।
  •  इन 11 श्रेणियों को पुन: 3 नीतिगत उद्देश्यों (Policy objectives) में समूहबद्ध किया गया है।
  •  ये 3 नीतिगत उद्देश्य हैं -

    (i) पर्यावरणीय स्वास्थ्य (Environmental Health) 

    (ii) पारिस्थितिक तंत्र जीवन शक्ति (Ecosystem vitality) 

    (iii) जलवायु नीति (Climate Policy)

  • वर्ष 2022 में EPI में पहली बार ‘जलवायु परिवर्तन’ को नीतिगत उद्देश्य के रूप में शामिल किया गया है।
  • इन्हीं 40 प्रदर्शन संकेतकों‚ 11 श्रेणियों तथा 3 नीतिगत उद्देश्यों के आधार पर किसी देश के समग्र EPI स्कोर (Overall EPI score) की गणना की जाती है।
  • समग्र रूप से EPI रैंकिंग यह प्रदर्शित करती है‚ कि कौन-से देश सर्वश्रेष्ठ तरीके से पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में सक्षम हैं।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 1 जून‚ 2022 को ‘पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक‚ 2022 जारी किया गया।
  • इस रिपोर्ट के अनुसार‚ वर्ष 2021 के ‘ग्लासगो क्लाइमेट पैक्ट’ (Glasgow Climate Pact) के तहत स्थापित लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में वैश्विक प्रगति वर्तमान में अपर्याप्त है।
    • उल्लेखनीय है‚ कि ग्लासगो क्लाइमेट पैक्ट के तहत‚ वैश्विक समुदाय ने वर्ष 2050 तक ‘शुद्ध शून्य’ (net zero) ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जनों का लक्ष्य निर्धारित किया था।
    •  सद्य: रिपोर्ट के अनुसार‚ वर्ष 2050 तक केवल कुछ देशों; जैसे डेनमार्क एवं यूनाइटेड किंगडम द्वारा ही ‘ग्रीन हाउस गैस तटस्थता’ (GHG neutrality) प्राप्त किया जाना अनुमानित है।
  • रिपोर्ट के अनुसार‚ वर्तमान प्रवृत्ति के जारी रहने पर वर्ष 2050 में केवल 4 देश यथा - चीन‚ भारत‚ संयुक्त राज्य अमेरिका एवं रूस सकल विश्व के 50 प्रतिशत से अधिक ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जनों के लिए उत्तरदायी होंगे।
  • वर्ष 2050 में कुल 24 देश लगभग 80 प्रतिशत ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जनों के लिए उत्तरदायी होंगे।
    •  इन देशों को ‘द डर्टी टू डजन’ (the dirty two-dozen) नाम दिया गया है।

EPI, 2022 रैंकिंग

  • पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक‚ 2022 में डेनमार्क को शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ है।
  • उल्लेखनीय है‚ कि EPI, 2020 में भी इसे प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था।
  • यूनाइटेड किंगडम एवं फिनलैण्ड को क्रमश: दूसरा एवं तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।

भारत की स्थिति

  • EPI, 2022 में भारत को 180 देशों की सूची में अंतिम (180वां) स्थान प्राप्त हुआ है।
    • भारत का EPI स्कोर 18.9 है।
  • उल्लेखनीय है‚ कि EPI, 2020 में भारत को 168वां स्थान प्राप्त हुआ था।
  • EPI, 2022 में भारत के निम्नतम स्कोर के लिए वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति और तेजी से बढ़ते ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जनों को जिम्मेदार ठहराया गया है।
  • रिपोर्ट के अनुसार‚ विश्व के 30 सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में से 21 शहर भारत में स्थित हैं।
  • सद्य: रिपोर्ट के अनुसार‚ अगर भविष्य में भारत की जलवायु नीतियों (climate policies) को सुदृढ़ नहीं किया जाता‚ तो भारत वर्ष 2050 में चीन के बाद ग्रीन हाउस गैसों का दूसरा सबसे बड़ा उत्सर्जक देश बन जाएगा।
    • वर्ष 2050 में भारत संपूर्ण विश्व के लगभग 11 प्रतिशत ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जनों के लिए उत्तरदायी होगा।

संकलन-सौरभ मेहरोत्रा


Comments
List view
Grid view

Current News List