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अग्‍नि-IV का सफल परीक्षण

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 6 जून, 2022 को बालासोर (ओडिशा) स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप (ह्वीलर द्वीप) से नाभिकीय सक्षम बैलिस्टिक मिसाइन अग्‍नि-IV का सफल परीक्षण किया गया।

अग्‍नि मिसाइल

  • अग्‍नि भारत द्वारा विकसित मध्यम से अंतरमहाद्वीपीय रेंज के बैलिस्टिक मिसाइलों (Inter-Mediate Range Ballistic Missile: IRBM) की एक श्रृंखला है।
  • अग्‍नि श्रृंखला की समस्त मिसाइलें सतह-से-सतह पर मार करने वाली मिसाइलें हैं।

परीक्षण का विवरण 

  • इस परीक्षण के तहत, अग्‍नि-IV  मिसाइल को एकीकृत परीक्षण रेंज (Integrated Test Range: ITR) के प्रक्षेपण परिसर-4 से दागा गया।
    • मोबाइल लांचर से किया गया अग्‍नि-IV का यह परीक्षण सेना द्वारा किए जाने वाले प्रयोक्ता परीक्षण का भाग था।
    • द्विचरणीय अग्‍नि-IV मिसाइल का यह 8वां परीक्षण था।
  • इस मिसाइल का विगत परीक्षण 23 दिसबंर, 2021 को सामरिक बल कमान (Strategic Forces Command: SFC)  द्वारा किया गया था।

अग्‍नि-IV

  • स्वदेशी तकनीक से विकसित अग्‍नि-IV  मिसाइल की लंबाई 20 मीटर और वजन 17 टन है।
  • सतह-से-सतह पर मार करने वाली इस मिसाइल की मारक क्षमता लगभग 4,000 किमी. है।
    • यह मिसाइल मिश्रित ठोस ईंधन रॉकेट प्रौद्योगिकी द्वारा संचालित है।
  • यह मिसाइल अत्याधुनिक उड़ान प्रणाली और 5वीं पीढ़ी की कंप्यूटर प्रणाली से सुसज्‍जित है।
    • आरआईएनजीएस (Ring Laser Gyro-based Inertial Navigation System: RINGS)  और माइक्रो नैविगेशन सिस्टम (Micro Navigation System : MINGS) इस मिसाइल को लक्ष्य को सटीकता से भेदने में मदद करते हैं।
  • मिसाइल में संलग्‍न पुनर्प्रवेश ऊष्मा कवच इसे 40000
    • सेंटीग्रेड तापमान को सहन करने में सक्षम बनाता है और यह सुनिश्चित करता है, कि इसके अंदर का तापमान 500C से कम रहे, ताकि मिसाइल की उड़ान प्रणाली सामान्य रूप से कार्य कर सके।

अग्‍नि श्रृंखला की प्रमुख मिसाइलें
अग्‍नि -I

  • अग्‍नि -I, एक चरणीय ठोस प्रणोदक संचालित प्रक्षेपास्त्र है।
    • इसकी ऊंचाई 15 मीटर और उड़ान भार 12 टन है।
    • 1000 किग्रा. की युद्ध सामग्री के साथ यह मिसाइल 700 किमी. की दूरी तक प्रहार कर सकती है।
  • इसका प्रथम परीक्षण 25 जनवरी, 2002 को एकीकृत परीक्षण रेंज, चांदीपुर (ओडिशा) से किया गया था।
  • भारतीय थल सेना में इसकी तैनाती हो चुकी है।

अग्‍नि -II

  • 20 मीटर लंबी तथा 17 टन वजनी अग्‍नि-II  द्विचरणीय मिसाइल है। 
    • यह मिसाइल 1000 किग्रा. युद्ध सामग्री के साथ 2500 किमी. तक मार कर सकती है।
    • इसका पहला परीक्षण 11 अप्रैल, 1999 को ह्वीलर द्वीप (वर्तमान में अब्दुल कलाम द्वीप) से किया गया था।
    • ठोस प्रणोदक चालित इस मिसाइल को भारतीय थल सेना में शामिल किया जा चुका है।

अग्‍नि -III

  • अग्‍नि-III  मिसाइल 1500 किग्रा. युद्धशीर्ष के साथ 3000 किमी. से अधिक दूरी तक मार कर सकती है।
  • द्विस्तरीय ठोस प्रणोदक इंजन युक्त इस मिसाइल की लंबाई 17 मीटर, व्यास 2 मीटर और वजन लगभग 22 टन है।
    • इसका पहला सफल परीक्षण 12 अप्रैल, 2007 को संपन्‍न हुआ था।
    • अग्‍नि -III की तैनाती भी भारतीय सशस्त्र सेनाओं में हो चुकी है।

अग्‍नि -V

  • 17.50 मीटर लंबी एवं 50 टन वजनी अग्‍नि-V एक त्रिचरणीय प्रक्षेपास्त्र है।
    • यह ठोस प्रणोदक संचालित प्रक्षेपास्त्र अपने साथ 1 से लेकर 1.5 टन पारंपरिक एवं नाभिकीय दोनों युद्धशीर्ष ले जाने में सक्षम है।
    • अग्‍नि-V एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी आरंभिक मारक क्षमता 5,000 किमी. है, लेकिन इसे 8,000 किमी. से लेकर 10,000 किमी. तक बढ़ाया जा सकता है।

संकलन-मनीष प्रियदर्शी


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