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आईएनएस गोमती सेवामुक्त

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 28 मई‚ 2022 को आईएनएस गोमती (F21) को सेवामुक्त किया गया।
  • 34 वर्षों तक सेवा देने के पश्चात मुंबई में आयोजित एक समारोह में इसे सेवामुक्त कर दिया गया।
  • यह गोदावरी श्रेणी के निर्देशित मिसाइल युद्धपोतों (Guided missile frigates) का तीसरा पोत एवं कार्यमुक्ति के दौरान पश्चिमी बेड़े का सबसे पुराना पोत था।

आईएनएस गोमती

  • आईएनएस गोमती का नाम गोमती नदी से लिया गया है।
  • इसे 16 अप्रैल‚ 1988 को बॉम्बे के मझगांव डॉक लिमिटेड (Mazagon Dock Ltd.) में शामिल किया गया था।
  • यह गोदावरी श्रेणी के निर्देशित मिसाइल युद्धपोतों का तीसरा पोत एवं कार्यमुक्ति के दौरान पश्चिमी बेड़े का सबसे पुराना योद्धा था।
  • गौरतलब है‚ कि इस श्रेणी के अन्य दो पोत यथा - आईएनएस गोदावरी (F20) और आईएनएस गंगा (F22) क्रमश: 23 दिसंबर‚ 2015 और 22 मार्च‚ 2018 को सेवामुक्त किया जा चुका है।
  • ध्यातव्य है‚ कि गोदावरी श्रेणी के तीनों पोतों (F20, F21 और F22) का निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड‚ मुंबई द्वारा किया गया था।

अन्य तथ्य 

  • आईएनएस गोमती ने कई ऑपरेशनों में भी भाग लिया‚ जिसमें वर्ष 1988 का ऑपरेशन कैक्टस (Cactus), वर्ष 2001-02 का पराक्रम (Parakram) और वर्ष 2004-05 इंद्रधनुष (Rainbow) शामिल हैं।
  • आईएनएस गोमती को समुद्री सुरक्षा की उल्लेखनीय सेवा हेतु वर्ष 2007-08 और 2019-20 में प्रतिष्ठित यूनिट प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया गया।
  • 28 मई‚ 2022 को पोत को औपचारिक रूप से उत्तर प्रदेश सरकार को हस्तांतरित किया गया।
  • इसके साथ ही गोमती नदी‚ लखनऊ के तट पर ओपन एयर संग्रहालय में ’’गोमती शौर्य स्मारक’’ के रूप में स्थापित किया गया।

संकलन — आदित्य भारद्वाज


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