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Post at: Jun 15 2022

प्रधानमंत्री की जर्मनी यात्रा

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 2-3 मई‚ 2022 के मध्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी की यात्रा की।
  • 2 मई‚ 2022 को बर्लिन‚ जर्मनी में ’भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी परामर्श’ (India - Germany Intergovernmental Consultations : IGC) का आयोजन किया गया।
  • IGC का यह छठा संस्करण था।

’भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी परामर्श (IGC)

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज (Olaf Scholz) के साथ IGC के पूर्ण सत्र (Plenary Session) की सह-अध्यक्षता की।
  • उल्लेखनीय है‚ कि IGC एक विशिष्ट द्विवार्षिक (Beinnial) प्रारूप है‚ जिसे भारत केवल जर्मनी के साथ आयोजित करता है।
  • गौरतलब है‚ कि वर्ष 2019 में IGC के पांचवें संस्करण का आयोजन नई दिल्ली‚ भारत में किया गया था।

प्रमुख बिंदु

  • IGC के दौरान दोनों पक्षों के मध्य ’हरित एवं सतत विकास साझेदारी’ (Green and Sustainable Development Partnership) की स्थापना के संयुक्त घोषणा-पत्र (Joint Declaration of Intent : JDI) पर हस्ताक्षर किए गए।
  • यह साझेदारी सतत विकास लक्ष्य (SDG) और जलवायु कार्रवाई पर भारत-जर्मनी सहयोग के लिए एक संपूर्ण सरकारी दृष्टिकोण की परिकल्पना करती है।
  • इसके तहत़‚ जर्मनी वर्ष 2030 तक 10 बिलियन यूरो की नई और अतिरिक्त विकास सहायता की अग्रिम प्रतिबद्धता करने के लिए सहमत हो गया है।
  • इसके साथ ही दोनों देशों द्वारा ’हरित हाइड्रोजन टास्क फोर्स’ (Green Hydrogen Task Force) के सृजन का भी निर्णय लिया गया।
  • दोनों पक्षों ने वैश्विक औसत तापमान में वृद्धि को पूर्व - औद्योगिक स्तरों से 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे रखने हेतु अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता व्यक्त की।
  • जिसके चलते‚ तापमान वृद्धि को पूर्व - औद्योगिक स्तरों से 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के प्रयासों को आगे बढ़ाने और नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में सहमति जताई।
  • दोनों पक्ष IGC के ढांचे के भीतर एक द्विवार्षिक मंत्रालय तंत्र बनाने पर सहमत हुए।
  • आय‚ खाद्य सुरक्षा‚ जलवायु लचीलापन‚ बेहतर मिट्टी‚ जैव विविधता‚ वन बहाली और जल की उपलब्धता के मामले में भारत में ग्रामीण किसानों को लाभान्वित करना।
  • जिसके चलते ’’कृषि पारिस्थितिकी और प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन’’ पर एक प्रकाश स्तंभ सहयोग स्थापित करने पर सहमत हुए।
  • इसके साथ ही जर्मनी ने भारत को वर्ष 2025 तक 300 मिलियन यूरो तक के रियायती ऋण सहित वित्तीय और तकनीकी सहयोग प्रदान करने की इच्छा व्यक्त की।
  • विकास हेतु व्यक्तिगत क्षमताओं और अनुभवों के आधार पर त्रिकोणीय सहयोग पर मिलकर काम करना।
  • इसके अतिरिक्त एसडीजी और जलवायु लक्ष्यों की उपलब्धि का समर्थन करने हेतु तीसरे देशों में टिकाऊ‚ व्यवहार्य और समावेशी परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर सहयोग करना।
  • इसके अतिरिक्त कृषि क्षेत्र में कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना पर जर्मन कृषि व्यवसाय गठबंधन (GAA) और भारतीय कृषि कौशल परिषद (ASCI) के मध्य समझौता-ज्ञापन।

दोनों पक्षों के मध्य समझौतों की सूची
1.    हरित और सतत विकास साझेदारी पर (Green and Sustainable Development Partnership)
2.    तीसरे देशों में त्रिकोणीय विकास सहयोग परियोजनाओं (Traingular Development Cooperation Projects in Third Countries) का कार्यान्वयन 
3.    वर्गीकरण सूचनाओं के आदान-प्रदान और पारस्परिक संरक्षण पर समझौते की स्थापना तथा एक सीधा-कूटभाषा (Direct-encrypted) आधारित संपर्क स्थापित करने हेतु समझौता 
4.    नवीकरणीय ऊर्जा भागीदारी के संबंध में भारत-जर्मन विकास सहयोग
5.    व्यापक प्रवास और आवागमन साझेदारी पर समझौते की शुरुआत पर संयुक्त घोषणा
6.    भारत के कॉर्पोरेट और कनिष्ठ अधिकारियों के प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग
7.    भारत-जर्मनी हरित-हाइड्रोजन कार्यबल
8.    कृषि पारिस्थतिकी
9.    वन परिदृश्य के लिए पूर्वावस्था की प्राप्ति

संकलन - आदित्य भारद्वाज


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