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Post at: Jun 09 2022

अमेरिका भारत का शीर्ष व्यापारिक भागीदार

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • मई‚ 2022 में जारी वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका‚ चीन को पीछे छोड़कर भारत का शीर्ष व्यापारिक भागीदार बन गया है।
  • वर्ष 2021-22 में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार  119.42 अरब डॉलर रहा।
  • यह भारत के कुल व्यापार का 11.5 प्रतिशत है। 
  • जबकि इसी समायवधि में चीन के साथ भारत का द्विपक्षीय वाणिज्य 115.42 अरब डॉलर रहा।
  • यद्यपि गत वर्ष 2020-21 में अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार 80.51 अरब डॉलर और चीन के साथ 86.4 बिलियन डॉलर था।

अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार बढ़ने के कारण-

  • फेडरेशन ऑफ इण्डियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (भारतीय निर्यात संगठन के संघ) के अनुसार‚ वैश्विक कंपनियां अपनी आपूर्ति के लिए केवल चीन पर निर्भरता कम कर रही हैं।
  • भारत जैसे अन्य देशों में कारोबार का विस्तार कर रहीं हैं।
  • भारत‚ हिंद-प्रशांत आर्थिक ढांचे (Indopacific Economic Framwork) अमेरिका के नेतृत्व वाली पहल में शामिल हो गया है।
  • परिणामस्वरूप आर्थिक संबंधों को और बढ़ावा मिलेगा।
  • अमेरिका उन देशों में से एक है‚ जिनके साथ भारत का व्यापार अधिशेष है।
  • वर्ष 2021-22 में भारत का अमेरिका के साथ 32.8 बिलियन डॉलर का व्यापार अधिशेष था।
  • भारत से अमेरिका को प्रमुख निर्यात वस्तुओं में पेट्रोलियम‚ पॉलिश किए गए हीरे‚ दवा उत्पाद‚ आभूषण‚ हल्के तेल‚ जमे हुए झींगा आदि शामिल हैं।
  • जबकि‚ अमेरिका से प्रमुख आयात में पेट्रोलियम‚ कटे हीरे‚ तरल प्राकृतिक गैस‚ सोना, कोयला शामिल हैं।

वर्ष 2021-22 में भारत के साथ शीर्ष द्विपक्षीय व्यापारिक देशों की सूची

  • वर्ष 2021-22 में 72.9 बिलियन डॉलर के साथ संयुक्त अरब अमीरात भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था।

अन्य महत्वपूर्ण तथ्य-

  • भारत के कुल 200 अरब डॉलर के व्यापार घाटे में अकेले चीन का कुल व्यापार घाटे का 36 प्रतिशत हिस्सा है।
  • अांकड़ों के विश्लेषण से यह ज्ञात होता है‚ कि वर्ष 2013-14 से 2017-18 तक और वर्ष 2020-21 में चीन भारत का शीर्ष व्यापारिक भागीदार था।
  • चीन से पहले यूएई देश का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था।
  • इसके अलावा‚ भारत दुनिया के तीसरे बड़े उपभोक्ता बाजार के साथ 1.39 अरब लोगों का घर है।
  •  जहां यह अद्वितीय जनसांख्यिकीय लाभांश के साथ सबसे तेजी से बढ़ती बाजार अर्थव्यवस्था के लिए विशाल अवसर प्रदान करता है।

संकलन- पंकज तिवारी


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