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पूर्वावलोकन सामान्य भूगोल भाग- 3 2022

​​​अपडेशन-अनुक्रमणिका


समसायिक घटनाचक्र द्वारा प्रकाशित यह ई-बुक एक इंटरएक्टिव ई-बुक है जिसमें संबंधित वर्ष के संस्करण के सभी भूल एवं सुधार अपडेशन त्वरित ही पाठकों को उपलब्ध करा दिया जाएगा। ये अपडेशन पुस्तक की हार्ड कॉपी में भी समय के साथ कर दिया जाएगा। अनुक्रमणिका में प्रत्येक अपडेशन एवं भूल-सुधार के समक्ष यह अंकित है कि वह पुस्तक के किस मुद्रण क्रमांक हेतु उपयोगी है। पाठक अपनी पुस्तक की हार्ड कॉपी में मुद्रण क्रमांक देखकर संबंधित अपडेशन को अंकित कर सकते हैं।

उत्तर -(c) CA 99 पेज पर Q.19 

  •  सोन नदी के उद्गम स्थल को लेकर 2 राज्यों - 1 म.प्र. एवं छत्तीसगढ़ के अपने-अपने दावे-प्रति-दावे हैं।
  • म.प्र. के अनूपपुर जिले की वेबसाइट पर बताया गया है कि इसी जिले में स्थित सोनमुडा नामक स्थान पर सोन नदी का उद्गम स्थल है। 1952-53 में तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद जी को अमर कंटक (पहाड़ी) के सोनमुडा में ही सोन नदी का उद्गम स्थल दिखाया गया था। यही कारण है कि म. प्र. में तथा विभिन्न प्रकाशित स्रोतों में सोन नदी के उद्गम स्थल के रूप में अनूपपुर (पूर्व मंे शहडोल जिले का भाग) जिला स्थित सोनमुडा लोकप्रिय हुआ और इसे व्यापक जनमान्यता प्राप्त हुई।
  • छत्तीसगढ़ का मानना है कि अनूपपुर वाले सोनमुडा का प्रवाह आमानाला, आमाडोब नाला, माटी नाला होकर अरपा नदी में मिल जाता है अरपा, शिवनाथ होकर महानदी में मिल जाती है। छतीसगढ़ के अनुसार सोन नदी का वास्तविक उद्गमस्थल छत्तीसगढ़ राज्य के ‘गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही’ (पूर्व में बिलासपुर जिले का भाग) जिले के ‘सोनबच्‍छरवार’ गांव है।
  • संयुक्त मं. प्र. एवं छत्तीसगढ़ काल में प्रकाशित सीधी जिला गजेटियर, सर्वे ऑफ इंडिया के प्रामाणिक नक्शे, 19वीं सदी के जे.डी. बेगलर के पुरातत्वीय सर्वेक्षण और देवकुमार मिश्र की पुस्तक ‘सोन के पानी का रंग’ में सोनबच्‍छरवार के समर्थन में तथ्यात्मक विवरण उपलब्ध हैं।
  • जलशक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के India water Resources Information Systems के अनुसार सोन नदी उद्गम स्थल छतीसगढ़ में मैकाल पर्वत श्रेणी के अमरकंटक पहाड़ी पर स्थित है।
  • कार्यालय महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त, भारत सरकार द्वारा प्रकाशित District Census Hand Book Bilaspur से उद्‍घृत इन लाइनों को देखें-According to Saying, Son river originates from Amarkantak, but according to Geologiests, this river originates from Sonekund, about 19k.m. southeast of Pendra Road in Chhattishgarh.
  • वस्तुत :  विभ्रम की स्थिति इस वजह से भी है कि दोनों जगहों पर सोन नदी का उद्गम कुंड में दर्शाया गया है।
  • इसके बाद यह नदी भूमिगत प्रवाहित होती है। सतह पर आ कर सोन नदी म. प्र. के अनूपपुर जिले के ‘चोलना’ (Cholna)  ग्राम से प्रवाहित होती है।
  • पौराणिक आख्यानों के अनुसार सोन (नर) एवं नर्मदा (नारी) के रूप में प्रेमी-प्रेमिका के रूप में हैं  और इस रूप के नदियों का उद्गम स्थल बहुत निकट यानी एक ही स्थान से नहीं हो सकता है। एक ही स्थान से उद्गमित नदीद्वय भाई-बहन के रूप में होते हैं। इस दृष्टिकोण से भी सोन का उद्गम स्थल मैकाल पर्वत श्रेणी के अमरकंटक पहाड़ी पर स्थित है।
  • प्रतियोगी छात्र क्‍या करें ?
  • यदि सोन उद्‍गम स्थल के रूप में विकल्पों में मैकाल पर्वत श्रेणी या अमरकंटक पहाड़ी होता है तो कोई समस्य नहीं है क्‍योकि दोनों ही स्थल मैकाल पर्वत श्रेणी के अमरकंटक पहाड़ी पर स्थित है।
  • यदि विकल्प में केवल अनूपपुर या केवल सोनबच्‍छरवार रहता है तो भी कोई समस्या नहीं है क्योंकि दोनों ही स्थलों को उद्गमस्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है।
  • यदि विकल्पों में दोनों ही स्थल दिए गए हैं तो राज्य देखना होगा यदि म.प्र. राज्य का प्रश्न है तो अनूपपुर और छत्तीसगढ़ का प्रश्न है तो छत्तीसगढ़ के स्थल को उद्‍गम स्थल के रूप में चयन करना होगा।
  • प्रश्न की भाषा भी देखनी होगी। जैसे उपर्युक्त प्रश्न है तो उ.प्र. पी.सी.एस. में पूछा गया लेकिन ‘वास्तविक’ उद्गम स्थल कहा गया है। इसीलिए इस प्रश्न का उत्तर छत्तीसगढ़ के सोन बच्‍छरवार को माना गया है।
  • यह सत्य है कि छत्तीसगढ़ में सोन के उद्गम को मान्यता प्राप्त होने पर सोन नदी प्रवाह वाले राज्यों, जिलों, क्षेत्र की संख्या बढ़ जाएगी।

पूर्वावलोकन-भूगोल, 2022

CA-356
Q.No. 23
[उत्तर- C] कोवलम पर तीन अर्द्ध चंद्राकार समुद्र तट मिलते हैं। कोवलम केरल में स्थित एक तटीय नगर है।
CB-16
नोट्‍स में ऑक्‍सीजन (O) को ऑक्सीजन (O2) पढ़ा जाए।
TGT/PGT भूगोल- 2022
Page 205/Q.No.10
Driekanter को ‘ड्राइकांटर’ (Driekanter) पढ़ा जाए।
Page 330/Q.No. 40 
OPHI की जगह Oxford Poverty and Human Development Initiative (OPHI)  लिखेंगे
[Page 91/1]
भारत माला परियोजना Phase 1 में NHDP की 10000 किमी. की परियोजनाओं सहित)
TGT/PGT भूगोल 2022
P 85/Q 35
23 अगस्त 2004 को हिण्डालको के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा स्वीकृत योजना के अंतर्गत इण्डाल्‍को (INDAL) का विधिक रूप से 7 मार्च 2005 को हिण्डाल्‍को में विलय (Merged)  हो गया और सभी लेखा आंकड़ों के विलय की तिथि (Appointed date) 1  अप्रैल, 2004 से प्रभावी है। हिण्डाल्‍को की ईयर बुक में दोनों कंपनियों के विलय की तिथि 1 अप्रैल, 2004 दी गयी है।
CA-310 में नोट्‍स में/ CA311 में प्रश्न संख्या -4 वर्ष 2005 में INDAL का विलय हिंडाल्‍को द्वारा कर लिया गया। 
के स्थान पर पढ़ें।
TGT/PGT -3 भूगोल 2022
85/35 की व्याख्या में भी जोड़े

 

  • पूर्वावलोकन सामान्य भूगोल भाग- 3 2022 के पेज CA-96 में नोट्स में एवं पेज CA-102 के प्रश्न संख्या 48 में वर्धा को गोदावरी की उप-सहायक नही पढ़ा जाए।
  • पूर्वा. 3 सामान्य भूगोल ‚2022  में पेज संख्या CA109  पर प्रश्न संख्या 41 की व्याख्या में ‘कामरूप नगर’ के स्थान पर ’कामपुर नगर’ तथा इसी के स्थान पर कपिली पढ़ें। 
     

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