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Post at: May 27 2022

प्रधानमंत्री की जम्मू एवं कश्मीर यात्रा

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

24 अप्रैल, 2022 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस समारोह में भाग लेने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू एवं कश्मीर की यात्रा पर रहे। जम्मू एवं कश्मीर के सांबा जिले स्थित पल्‍ली पंचायत से उन्होंने देशभर की ग्राम सभाओं को संबोधित किया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने लगभग 20000 करोड़ रु. लागत वाली विभिन्‍न विकास पहलों का उद्‌घाटन एवं शिलान्यास किया। इसी दिन मुंबई में प्रधानमंत्री को भारत रत्न लता मंगेशकर की स्मृति में स्थापित ‘प्रथम लता दीनानाथ मंगेशकर अवॉर्ड’ प्रदान किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • बनिहाल काजीगुण्ड सड़क सुरंग (Banihal Qazigund Road Tunnel)
  • जम्मू एवं कश्मीर में प्रधानमंत्री ने ‘बनिहाल काजीगुण्ड सड़क सुरंग’ का उद्‌घाटन किया।
  • इसका निर्माण लगभग 3100 करोड़ रु. की लागत से किया गया है।
    • इस सुरंग की लंबाई 8.45 किमी. है।
    • यह सुरंग सड़क मार्ग से बनिहाल एवं काजीगुण्ड के बीच की दूरी को 16 किमी. तक कम कर देगी‚ जबकि यात्रा में लगने वाला समय लगभग डेढ़ घंटे कम हो जाएगा। 
  • उल्लेखनीय है‚ कि यह एक दोहरी ट्‌यूब सुरंग (Twin Tube Tunnel) है।

रतले जलविद्युत परियोजना 

  • जम्मू एवं कश्मीर में प्रधानमंत्री ने ‘रतले जलविद्युत परियोजना’ का शिलान्यास किया।
    • इस परियोजना की क्षमता 850 MW है।
    • यह परियोजना किश्तवाड़ जिले में चिनाब नदी पर निर्मित की जाएगी।
    • यह एक ‘रन-ऑफ-द-रिवर’ परियोजना है।  

क्‍वार जलविद्युत परियोजना 

  • जम्मू एवं कश्मीर में प्रधानमंत्री ने ‘क्‍वार जलविद्युत परियोजना’ (Kwar Hydroelectric Project) का भी शिलान्यास किया।
    • इस परियोजना की क्षमता 540 MW है।
    • यह परियोजना भी किश्तवाड़ जिले में चिनाब नदी पर निर्मित की जाएगी।
  • यह परियोजना मेसर्स ‘चिनाब वैली पॉवर प्रोजेक्ट्‌स प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा क्रियान्वित की जाएगी।
  • इस परियोजना से प्रतिवर्ष 1975.54 मिलियन यूनिट बिजली पैदा होने की संभावना है।
  • रतले एवं क्‍वार‚ दोनों ही परियोजनाएं इस क्षेत्र में बिजली की जरूरतों को पूरा करने में योगदान देंगी।

दिल्‍ली-अमृतसर कटरा एक्सप्रेस-वे

  • सद्य: यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने दिल्‍ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस-वे के तीन रोड पैकजों का शिलान्यास किया। 
    • इस एक्सप्रेस-वे की लंबाई 669 किमी. है।
    •  इस एक्सप्रेस-वे के माध्यम से दिल्‍ली से अमृतसर और दिल्‍ली से कटरा की यात्रा में लगने वाला समय आधा हो जाएगा। 
  • यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे प्रमुख सिख धार्मिक स्थलों यथा- सुल्तानपुर लोधी‚ गोइंदवाल साहिब‚ खडूर साहिब‚ तरनतारन और कटरा स्थित वैष्णो देवी के पवित्र हिंदू मंदिर को आपस में जोड़ेगा।
  • यह एक्सप्रेस-वे हरियाणा‚ पंजाब और जम्मू एवं कश्मीर के प्रमुख आर्थिक केंद्रों यथा- अंबाला‚ चण्डीगढ़‚ मोहाली‚ संगरूर‚ पटियाला‚ लुधियाना‚ जालंधर‚ कपूरथला‚ कठुआ और सांबा को भी आपस में जोड़ेगा।

अमृत सरोवर

  • सद्य: यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने जल निकायों (Water Bodies) का कायाकल्प सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘अमृत सरोवर’ नामक एक नई पहल का भी शुभारंभ किया।
    • इस पहल का उद्देश्य देश के प्रत्येक जिले में 75 जल निकायों का विकास एवं कायाकल्प करना है। 
  • प्रत्येक अमृत सरोवर का ‘तालाब क्षेत्र’ (Pondage area) न्यूनतम 1 एकड़ (0.4 हेक्टेयर) होगा।
    • इनकी जलधारण क्षमता (Water holding capacity) लगभग 10,000 क्यूबिक मीटर होगी। 
  • प्रत्येक जिले में न्यूनतम 75 अमृत सरोवरों के साथ देशभर में कुल लगभग 50000 अमृत सरोवरों का निर्माण या कायाकल्प किया जाएगा।
  • ‘भास्कराचार्य नेशनल इंस्टीट्‌यूट ऑफ स्पेस एप्‍लीकेशन एण्ड जियोइन्‍फाॅरमैटिक्स-नेशनल’ (BISAG-N) द्वारा विकसित अमृत सरोवर पोर्टल एवं मोबाइल ऐप का प्रयोग जिलों में मिशन अमृत सरोवर की प्रगति/प्रदर्शन का पता लगाने में किया जाएगा।
  • सभी अमृत सरोवरों के निर्माण/कायाकल्प को अमृत वर्ष की समाप्ति; अर्थात 15 अगस्त‚ 2023 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • अमृत सरोवर सतह एवं भूमिगत दोनों पर जल की उपलब्धता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
  • भारत का पहला अमृत सरोवर उत्तर प्रदेश के रामपुर की ग्राम पंचायत पटवाई में बनकर तैयार हुआ है।

संकलन-सौरभ मेहरोत्रा
   


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