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Post at: May 24 2022

भारत का पहला हरित हाइड्रोजन संयंत्र

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 20 अप्रैल, 2022 को भारत के पहले 99.999 प्रतिशत शुद्ध हरित हाइड्रोजन पायलट संयंत्र (Pure Green Hydrogen Pilot Plant) की शुरुआत की गई।
  • इसकी शुरुआत ऑयल इण्डिया लिमिटेड (Oil India Limited : OIL) द्वारा की गई।
  • यह संयंत्र असम के जोरहाट में स्थित है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इस संयंत्र की शुरुआत से भारत ने हरित हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था (Green Hydrogen Economy)  की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम उठा लिया है।
  • ध्यातव्य है, कि वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन की शुरुआत की थी।
  • संयंत्र की स्थापित हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 10 किलोग्राम है।
  • इसके साथ ही संयंत्र से भविष्य में हरित हाइड्रोजन का उत्पादन 10 किलोग्राम प्रतिदिन से बढ़कर 30 किलोग्राम प्रतिदिन होने की उम्मीद है।
  • इस संयंत्र द्वारा 500 किलोवाॅट के सौर संयंत्र द्वारा उत्पन्‍न विद्युत से हरित हाइड्रोजन का उत्पादन किया जाता है।
    • इस हेतु 100 kw  की अनायन एक्‍सचेंज मेंब्रेन (Anion Exchange Membrane : AEM)  इलेक्‍ट्रोलाइजर सारिणी (Electrolyser Array) का प्रयोग किया जाता है।
  • ध्यातव्य है, कि AEM तकनीक का उपयोग करने वाला यह भारत का पहला संयंत्र है।

हरित हाइड्रोजन

  • हरित हाइड्रोजन हवा या सौर ऊर्जा (Solar energy) जैसी अक्षय ऊर्जा का उपयोग करके उत्पादित ‘हाइड्रोजन गैस’ को कहते हैं। 
  • इसमें ‘ग्रीन हाउस गैस’ का उत्सर्जन नहीं होता है।
  • इसके अतिरिक्त यह जलने पर कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) का उत्सर्जन नहीं करती है।
  • यह जीवाश्म ईंधन का एक बेहतर विकल्‍प हो सकता है।
  • इसका उपयोग परिवहन, बिजली उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों में ईंधन के रूप में किया जा सकता है। 

अन्य तथ्य

  • इंटरनेशनल रिन्‍यूएबल एनर्जी एजेंसी (IRENA) की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2017 में जापान सभी क्षेत्रों में हाइड्रोजन ईंधन को अपनाकर विश्व का पहला ‘‘हाइड्रोजन समाज’’ (Hydrogen Society)  बनने की दिशा में ‘राष्ट्रीय हाइड्रोजन रणनीति’ तैयार करने वाला पहला देश बन गया।
  • IRENA रिपोर्ट के अनुसार, चीन किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक हाइड्रोजन का उपभोग और उत्पादन (Consumes and Produces) करता है।
    •  वर्तमान में इसका वार्षिक उपयोग 24 मिलियन टन से अधिक है। 
  • जबकि, अमेरिका हाइड्रोजन का विश्व का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है।

संकलन-आदित्य भारद्वाज
 


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