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Post at: May 05 2022

त्रिपक्षीय विकास निगम (TDC) फण्ड

पृष्ठभूमि

  • 5 मई, 2021 को भारत और यूनाइटेड किंगडम सरकार के बीच समझौता-ज्ञापन के तहत, वैश्विक नवाचार साझेदारी (Global Innovation Partnership : GIP) शुरू करने पर सहमति व्यक्त की गई थी।
  • वैश्विक नवाचार समझौता (GIP) भारतीय नवप्रवर्तकों (Innovaters)  को तीसरे देशों में अपने नवाचारों को बढ़ाने में मदद करेगा।
  •  परिणामस्वरूप उन्‍हें नए बाजारों का पता लगाने और आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
  • यह भारत में अभिनव पारिस्थितिक तंत्र को बढ़ावा देगा।
  • जीआईपी को भारत और यूके द्वारा सह-वित्तपोषित किया जाएगा।
  •  सतत विकास लक्ष्य (SDG) प्राप्त करने में जीआईपी, नवाचार के माध्यम से देशों को केंद्रित करने में मददगार साबित होगा।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 25 अप्रैल, 2022 को भारत सरकार ने त्रिपक्षीय विकास निगम (Trilateral Development Fund :TDC) नामक एक पहल शुरू करने की घोषणा की।
  • त्रिपक्षीय विकास निगम फण्ड की स्थापना हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन के विकास साझेदारी मॉडल का एक विकल्प प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। 
  •  इसमें राज्य के साथ निजी क्षेत्रों को भी भागीदारी के लिए आमंत्रित किया गया है।
  •  टीडीसी फण्ड, हिंद-प्रशांत क्षेत्र के साथ-साथ अन्य भौगोलिक क्षेत्रों में बड़े निवेश के लिए समर्थन करेगा।

प्रमुख बिंदु

  • 22 अप्रैल, 2022 को भारत-यूके शिखर सम्मेलन में वैश्विक नवाचार समझौता की शुरुआत की गई।
  • वैश्विक नवाचार समझौता जापान, जर्मनी, फ्रांस और यूरोपीय संघ जैसे अन्य देशों के साथ त्रिपक्षीय परियोजनाओं के लिए टीडीसी फण्ड (TDC)  के उपयोग के लिए रूपरेखा प्रदान करेगा।
  • ग्‍लोबल इनोवेशन पार्टनरशिप में भारत की ओर से निवेश टीडीसी फण्ड के जरिए किया जाएगा-
  • जो अनुदान, विकास पूंजी निवेश और तकनीकी सहायता से भारतीय स्टार्टअप और नवाचारों का वैश्वीकरण करेगा।

महत्व

  •  यह भारत की तीसरी दुनिया के देशों में विकास सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए विदेश मंत्रालय के अनुदान और एलओसी (लाइन ऑफ क्रेडिट) जैसे परंपरागत मार्गों से आगे बढ़ने के मिश्रित वित्तपोषण और पीपीपी मॉडल संबंधी प्रयासों को सशक्त करता है।
  • टीडीसी फण्ड चीन के विकास साझेदारी मॉडल का एक विकल्प प्रदान करेगा, जिसने भारत के कुछ पड़ोसी देशों पर चीन के प्रभाव को गहरा बना दिया एवं उन देशों को कर्ज के जाल में धकेल दिया है।
  • जीआईपी के माध्यम से 60 विकासशील देशों में नवाचार संबंधी निवेश का समर्थन किया जाएगा।

निष्कर्ष

  •  चीन के बढ़ते वित्तीय-ऋण जाल साम्राज्यवाद का मुकाबला करने के लिए, यूके और भारत ने जीआईपी और त्रिपक्षीय विकास निगम कोष शुरू करने के लिए साझेदारी की है।

संकलन-पंकज तिवारी
 


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