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Post at: Apr 29 2022

इण्डिया पोस्ट पेमेंट्‍स बैंक ‘फिंक्‍लुवेशन’ पहल

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 21 अप्रैल, 2022 को इण्डिया पोस्ट पेमेंट्‍स बैंक (IPPB)  ने भारतीय स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिए आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर ‘फिंक्‍लुवेशन’(Fincluvation)  नामक ‘पहल’ शुरू की। 
  • फिंक्‍लुवेशन, वित्तीय समावेशन के लिए ग्राहकों के आवश्यकता अनुरूप समाधानों का सह-सृजन और नवोन्मेषण के लिए फिनटेक स्टार्टअप समुदाय के साथ सहयोग करने की एक संयुक्त पहल है।

फिंक्‍लुवेशन

  • फिंक्‍लुवेशन वित्तीय समावेशन के उद्देश्य से सार्थक वित्तीय उत्पादों के निर्माण की दिशा में स्टार्टअप समुदाय को साथ लाने की दिशा में कार्य करेगी।
  • फिंक्‍लुवेशन, भाग लेने वाले स्टार्टअप के साथ समावेशी वित्तीय समाधान बनाने के लिए इण्डिया पोस्ट पेमेंट्‍स बैंक का एक स्थायी मंच होगा।
  • फिंक्‍लुवेशन मेंटर (Mentor) ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार उत्पादों को बदलने के लिए स्टार्टअप के साथ मिलकर काम करेंगे।
    • साथ ही इण्डियन पोस्ट पेमेंट्‍स बैक और डाक विभाग के परिचालन (Operating) मॉडल के साथ बाजार में जाने की रणनीतियों को संरेखित करेंगे।
  • फिंक्‍लुवेशन स्टार्टअप को सहभागी बनाने, विचार साझा करने, सहज तथा अनुकूल उत्पादों एवं सेवाओं जिन्हें, ग्राहकों तक पहुंचाया जा सकता है, का विकास तथा विपणन करने के लिए आमंत्रित करता है।
    • इसके अंतर्गत स्टार्टअप को निम्नलिखित में से किसी भी ट्रैक के साथ संयोजित समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है-
  • क्रेडिटाइजेशन (Creditization) : लक्षित ग्राहकों के उपयोग मामलों के साथ संयोजित नवोन्मेषी तथा समावेशी क्रेडिट उत्पादों का विकास करना तथा डाक नेटवर्क के माध्यम से उनके दरवाजे तक पहंुचाना।
  • डिजिटाइजेशन (Digitization) : डिजिटल भुगतान प्रौद्योगिकियों के साथ पारंपरिक सेवाओं के समन्वयन के जरिए सुविधा प्रदान करना, जैसे कि अंत: पारस्परिक बैंकिंग सेवा के रूप में पारंपरिक मनीऑर्डर सेवा उपलब्ध कराना।
  • बाजार आधारित समाधान (Marked Led Solution) : बाजार आधारित कोई भी समाधान जो लक्षित ग्राहकों की सेवा करने में आईपीपीबी और डाक विभाग से संबंधित किसी अन्य समस्या का समाधान करने में सहायता कर सकती है।

फिंक्‍लुवेशन की आवश्यकता

फिनटेक

  • वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) वह नवाचार और तकनीक है, जिसका उद्देश्य वित्तीय सेवाओं के वितरण में पारंपरिक वित्तीय विधियों के साथ प्रतिस्पर्धा करना है।

  • यह एक उभरता हुआ उद्योग है, जो वित्त में गतिविधियों को बेहतर बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करता है।
  • यह उन व्यवसायों द्वारा उपयोग में लाए जाने वाले साॅफ्‍टवेयर और अन्य आधुनिक तकनीकों को संदर्भित करता है, जो स्वचालित और आयातित वित्तीय सेवाएं प्रदान करते हैं।

इण्डिया पोस्ट पेमेंट्‍स बैंक

  • 30 जनवरी, 2017 को रांची में प्रोजेक्ट के तौर पर डाक विभाग, संचार मंत्रालय द्वारा इसकी शुरुआत की गई।
  • यह भारत सरकार के 100 प्रतिशत इक्‍विटी (Equity)  स्वामित्व वाला भुगतान बैंक है।
  • यह भारतीय डाक विभाग का एक भुगतान बैंक है, जो भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नियमित किया जाता है।
  • इण्डिया पोस्ट पेमेंट्‍स बैंक (IPPB)  की  स्थापना का उद्देश्य भारत में आम नागरिकों के लिए सहज, किफायती और भरोसेमंद बैंकिंग सुविधाएं  प्रदान करना है।
    • आईपीपीबी ऑनलाइन भुगतान प्रथाओं को बढ़ावा देने और डिजिटल इण्डिया के विजन में योगदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।    

वित्तीय समावेशन

  • वर्ल्ड बैंक के अनुसार, वित्तीय समावेशन का मतलब है, कि व्यक्तियों और व्यवसायों के पास उपयोगी और किफायती वित्तीय उत्पादों और सेवाओं तक पहुंच है, जो उनकी जरूरतों को पूरा करते हैं ; जैसे लेन-देन, भुगतान, बचत, ऋण और बीमा-एक जिम्मेदार और टिकाऊ तरीके से वितरित किया जाता है।
  •  इसके साथ ही वित्तीय समावेशन मुख्यधारा के संस्थागत सुविधा प्रदाताओं के माध्यम से पारदर्शी तरीके से सुलभ वित्तीय उत्पादों और सेवाओं का कमजोर वर्गों और कम आय वाले समूहों तक पहुंच सुनिश्चित करने की प्रक्रिया है।
  • भारत सरकार द्वारा इस दिशा में चलाई जा रही योजनाएं-
  • प्रधानमंत्री जन धन योजना, 2014
  • जैम (JAM) रणनीति- 

  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, 2015
  • प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना,  2015
  • स्टैण्डअप इण्डिया योजना, 2016 इत्यादि

निष्कर्ष

  • भारत में वित्तीय समावेशन की सफलता के लिए, एक बहुआयामी दृष्टिकोण होना आवश्यक है, जिसके माध्यम से मौजूदा डिजिटल प्‍लेटफाॅर्म, मानव संसाधन, बुनियादी ढांचे  और नीतिगत ढांचे को मजबूत किया जा सके।
  • फिंक्‍लुवेशन इसी दिशा में उठाया गया एक सार्थक कदम है, जहां डाकघरों और लगभग 4 लाख डाकियों के नेटवर्क के साथ स्टार्टअप संयोजन कर ग्राहक आवश्यकता अनुरूप उपयोगी समाधान प्रस्तुत कर सकेंगें।

जो बिना बैंक सुविधाओं वाले और कम बैंकिंग वाले लोगों के लिए बाधाओं को दूर करने में मील का पत्थर (Milestone) साबित होगा।

 संकलन- पंकज तिवारी

 


 


 


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