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Post at: Apr 21 2022

प्रभावी प्‍लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए ‘प्रकृति’ हरित पहल

परिचय

  • प्‍लास्टिक प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 तक एकल उपयोग प्‍लास्टिक (SUP) को समाप्त करने की भारत की प्रतिज्ञा की घोषणा की है। 
  • भारत के प्‍लास्टिक कचरा प्रबंधन नियम (Plastic Waste Management Rules), 2016 के अनुसार, प्रयोग किए गए बहु-स्तरीय प्‍लास्टिक पैकेट आदि के संग्रहण की प्राथमिक जिम्मेदारी उत्पादकों, आयातकों और ब्राण्ड मालिकों की है, जो बाजार में उत्पादों को पेश करते हैं। 

वर्तमान परिप्रेक्ष्य  

  • 5 अप्रैल, 2022 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री द्वारा प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जागरूकता शुभंकर (Mascot)  ‘प्रकृति’ और ‘हरित पहल’ को लांच किया गया।
    • शुभंकर जनता के बीच छोटे बदलावों के बारे में अधिक जागरूकता बढ़ाएगा, जिन्‍हें बेहतर पर्यावरण के लिए हमारी जीवन शैली में स्थायी रूप से अपनाया जा सकता है।
  • इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री द्वारा लोगों को ‘स्वच्‍छ भारत हरित भारत हरित प्रतिज्ञा’ भी दिलाई गई।
  • इस पहल में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Central Pollution Control Board : CPCB)  की प्रमुख भागीदारी है।

प्रमुख बिंदु

  • प्‍लास्टिक कचरा-प्रबंधन के लिए निम्नलिखित हरित पहल शुरू की गई-
  1. एकल उपयोग प्‍लास्टिक और प्‍लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के उन्मूलन पर राष्ट्रीय डैशबोर्ड :- इसका उद्देश्य केंद्रीय मंत्रालयों/ विभागों, राज्य/केंद्रशासित प्रदेश सरकारों सहित सभी हितधारकों को एक स्थान पर लाना और एकल उपयोग वाले प्‍लास्टिक के उन्‍मूलन और प्‍लास्टिक कचरे के प्रभावी प्रबंधन के लिए की गई प्रगति को ट्रैक करना है।
  2. प्‍लास्टिक पैकेजिंग के लिए विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (ईपीआर) पोर्टल (सीपीसीवी) :- यह पोर्टल जवाबदेही, पता लगाने की क्षमता, पारदर्शिता में सुधार और उत्पादकों, आयातकों और ब्राण्ड मालिकों द्वारा ईपीआर दायित्वों के अनुपालन की सूचना देने की सुविधा के लिए है।
  3. एकल उपयोग प्‍लास्टिक शिकायत निवारण (सीपीसीवी) के लिए मोबाइल ऐप :- यह ऐप नागरिकों को अपने क्षेत्र में एकल उपयोग प्‍लास्टिक की बिक्री/उपयोग/निर्माण की जांच करने और प्‍लास्टिक के खतरे से निपटने की अनुमति देगा।
  4. एकल उपयोग प्‍लास्टिक के लिए निगरानी मॉड्‍यूल :- यह जिला स्तर पर वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में एकल उपयोग प्‍लास्टिक उत्पादन, इसकी ब्रिकी और उपयोग के विवरण इत्यादि का सूची बनाने और एकल उपयोग प्रतिबंध लागू करने के लिए होगा।
  5. अपशिष्ट प्‍लास्टिक से ग्राफीन का औद्योगिक उत्पादन (जीबी पंत एनआईएचई और एनआरडीसी) :- यह आगे आने वाले प्‍लास्टिक पुनर्चक्रण (Re-cycle) उद्योगों को बढ़ावा देगा।
  • इस आयोजन में इण्डिया प्‍लास्टिक चैलेंज-हैकाथाॅन , 2021 के विजेताओं का भी अभिनंदन किया गया।

एकल उपयोग प्‍लास्टिक

  • इसके अंतर्गत डिस्पोजेबल वस्तुओं जैसे कि किराने की थैलियों, खाद्य पैकेजिंग, बोतलों और स्ट्रां से है, जो फेंकने से पहले या कभी-कभी पुनर्नवीनीकरण (Re-cycle) से पहले केवल एक बार उपयोग में लाए जाते हैं।

प्‍लास्टिक कूड़ा

  • भारत में वर्ष 2019-20 में लगभग 3.5 मिलियन टन प्‍लास्टिक कचरा पैदा हुआ।
    • इस प्रकार प्‍लास्टिक कचरा उत्पादन पिछले पांच वर्षों में लगभग दोगुना हो गया है और यह प्रतिवर्ष 21.8 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।

प्‍लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन चुनौतियां

एकल उपयोग प्‍लास्टिक प्रतिबंध पर तीन स्तरीय सरकार की रणनीति :-

संकलन-पंकज तिवारी

 


 


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