Contact Us - 9792276999 | 9838932888
Timing : 12:00 Noon to 20:00 PM (Mon to Fri)
Email - ssgcpl@gmail.com
|
|

Post at: Apr 21 2022

विश्व का पहला वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र

पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली क्या है?

  • WHO के अनुसार‚ पारंपिक चिकित्सा प्रणाली का आशय स्वास्थ्य देखभाल या उपचार के लिए‚ विश्व के अलग-अलग संस्कृतियों के देशज सिद्धांतों‚ पारंपरिक ज्ञान‚ मान्यताओं और अनुभवों पर आधारित चिकित्सीय ज्ञान‚ कौशल और चिकित्सा पद्धतियों के उपयोग से है।
  • इनका उपयोग स्वास्थ्य देखभाल में तथा शारीरिक एवं मानसिक बीमारियों की रोकथाम‚ डायग्नोसिस‚ इलाज या उपचार में किया जाता है। 
  • इसके दायरे में प्राचीन चिकित्सा पद्धतियां; जैसे कि एक्यूपंचर‚ आयुर्वेदिक चिकित्सा‚ हर्बल मिश्रण आधारित चिकित्सा और साथ ही आधुनिक चिकित्सा भी शामिल है। 

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 9 मार्च‚ 2022 को  प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमण्डल ने ’’WHO ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन’’ (WHO GCTM) की स्थापना को मंजूरी दे दी है।
  • 25 मार्च‚ 2022 को आयुष मंत्रालय और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने WHO GCTM की स्थापना के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए।
  • इस समझौते को मेजबान देश समझौता (Host Coutry Agreement) नाम दिया गया।
  • WHO GCTM (अर्थात विश्व व्यापार संगठन का वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र) की स्थापना जामनगर‚ गुजरात में की जाएगी।
  • यह विश्वभर में पारंपरिक चिकित्सा के लिए पहला और सुदूर स्थित एकमात्र वैश्विक केंद्र होगा।

लक्ष्य/उद्देश्य

  • WHO GCTM का लक्ष्य आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की सहायता से विश्वभर में मौजूद पारंपरिक चिकित्सा की क्षमता का उचित दोहन करना है।
  • इससे विश्वभर के लोगों के समग्र स्वास्थ्य में सुधार लाने में सहायता मिलेगी। 

GCTM के लाभ
(i)     इससे पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और इसके उत्पादों के संबंध में साक्ष्य आधारित‚ ठोस नीतियां बनाने और मानक तैयार करने में मदद मिलेगी।
(ii)     इससे देशों को उनकी स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और इसके उत्पादों को उचित रूप से शामिल करने में मदद मिलेगी।
(iii)    यह सर्वोत्तम एवं संधारणीय प्रभाव के लिए पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की गुणवत्ता और सुरक्षा को विनियमित करने में मदद करेगा।
(iv)    यह पांरपरिक चिकित्सा पद्धतियों के लिए साक्ष्य आधार को मजबूत करने हेतु विज्ञान का उपयोग करने में मदद करेगा।
अन्य तथ्य

  • WHO की ओर से जारी बयान में कहा गया है‚ कि दुनिया की लगभग 80 प्रतिशत आबादी पारंपरिक चिकित्सा का उपयोग करती है।
  • 170 देश वर्तमान में पारंपरिक चिकित्सा को अपना रहे हैं।

भारत में पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदम
(i)     राष्ट्रीय आयुष मिशन आरंभ किया गया है।
(ii)     योग से जुड़े पेशेवरों के स्वैच्छिक प्रमाणन के लिए योजना।
(iii)     योग प्रमाणन बोर्ड (Yoga Certification Board : YCB) की स्थापना।
(iv)     आयुष सूचना प्रकोष्ठ (AYUSH Information Cell) की स्थापना इत्यादि।

संकलन — शिशिर अशोक सिंह


Comments
List view
Grid view

Current News List