Contact Us - 9792276999 | 9838932888
Timing : 12:00 Noon to 20:00 PM (Mon to Fri)
Email - ssgcpl@gmail.com
|
|

Post at: Apr 19 2022

वैश्विक पवन रिपोर्ट, 2022

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 5 अप्रैल, 2021 को वैश्विक पवन ऊर्जा परिषद (Global Wind Energy Council-GWEC) द्वारा यह रिपोर्ट प्रकाशित की गई।
  • रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 में वैश्विक स्तर पर लगभग 94 (93.6) गीगावाॅट (GW) पवन ऊर्जा क्षमता स्थापित की गई।
  • जो वृद्धि की दृष्टि से वर्ष 2021 के बाद दूसरा श्रेष्ठ वर्ष रहा है।
  • यह वृद्धि वर्ष 2021 में स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता (95.3 GW) से 1.8 प्रतिशत कम है।
  • वैश्विक स्तर पर  पवन ऊर्जा की कुल संचयी (Cumulatia)  क्षमता बढ़कर 837 गीगावाॅट हो गई है।
  • जो वर्ष दर वर्ष 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

प्रमुख बिंदु

  • वर्ष 2021 में संस्थापित (Commissioned)  क्षमता में 72.2 गीगावाॅट  तटवर्ती (Onshore)  ऊर्जा  पवन टर्बाइनों से आया।
  • अपतटीय (Offshore) बाजार के लिए 21.1 गीगावाॅट संस्थापित क्षमता के साथ अब तक का सबसे अच्‍छा वर्ष रहा है।
  • वर्ष 2021 में अपतटीय पवन क्षमता में अकेले 80  प्रतिशत स्थापित क्षमता (Install Capacity) का चीन द्वारा योगदान दिया गया है।
    • परिणामस्वरूप अपतटीय बाजार में चीन द्वारा यूनाइटेड किंगडम को पीछ छोड़ दिया गया है।

  • GWEC के अनुसार, वैश्विक पवन ऊर्जा क्षमता अगले पांच वर्ष (2020-26) में 6.6  प्रतिशत मिश्रित (Compound) वार्षिक दर से बढ़कर 557 गीगावाॅट हो जाएगी।
  • वर्ष  2021 में स्थापित कुल क्षमता में चीन अकेले 50.9   प्रतिशत हिस्से की भागीदारी की है।
  • दुनिया के दो सबसे बड़े बाजारों चीन ने और अमेरिका में फीड-इन-टैरिफ के अंतर्गत और मंदी के कारण पिछले वर्ष की तुलना में गिरावट रही है।

नेट जीरो उद्देश्य

  • रिपोर्ट के अनुसार, अगर दुनिया को वैश्विक तापमान वृद्धि 1.5 OC (पेरिस समझौता, 2015) तक सीमित तथा 2050 नेट-जीरो तक लक्ष्य प्राप्त करना रहना है, तो पवन ऊर्जा स्थापित क्षमता को वर्ष 2030 तक चौगुना करने की जरूरत है।

भारतीय परिप्रेक्ष्य

  • वैश्विक पवन रिपोर्ट, 2021 के अनुसार, वर्ष 2022 और 2023 के लिए भारतीय पवन बाजार का अनुमान क्रमश :  3.2 गीगावाॅट और 4.1  गीगावाॅट तटवर्तीय (onshore) पवन इंस्टालेशन (स्थापना) का है।
  • भारत ने वर्ष 2021 में 1.45 गीगावाॅट  पवन ऊर्जा क्षमता को जोड़ा, जो पिछले वर्ष मंे स्थापित 1.11 गीगावाॅट की तुलना में 30 प्रतिशत वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि को प्रदर्शित करता है।
  • भारत को टर्बाइन पुर्जे (कंपोनेंट) निर्माण और निर्यात के लिए एशिया में प्रमुख आगामी हब के रूप में स्वीकार किया गया है।
  • भारत द्वारा कोप-26 (ग्‍लासगो) में वर्ष 2030 तक गैर-जीवाश्म ईधन स्रोतों से 500 गीगावाॅट स्थापित बिजली क्षमता प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
    • जहां पर्यावरण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2030 तक 140 गीगावाॅट स्थापित पवन क्षमता का अनुमान है।
    • यह  उपरोक्त लक्ष्य प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है।
  • जनवरी 2022 तक 40.1 गीगावाॅट पवन ऊर्जा स्थापित क्षमता के साथ भारत ने वैश्विक रैंक में चौथा स्थान प्राप्त किया है।
  • हालांकि भारत के कुल ऊर्जा उत्पादन 395 गीगावाॅट में गैर-जीवाश्म ऊर्जा (non-fossile energy) की स्थापित क्षमता 38.5% ही है।

वैश्विक पवन ऊर्जा में वृद्धि में चुनौती

भारत में पवन ऊर्जा से संबंधित नीतियां

  • राष्ट्रीय पवन-सौर हाइब्रिड नीति, 2018
  • राष्ट्रीय अपतटीय पवन ऊर्जा नीति, 2015

नोट- 31 मार्च, 2021 तक 9608.04 मेगावाॅट स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता के साथ तमिलनाडु शीर्ष पर है। जबकि गुजरात (8561.82 मेगावॉट) के साथ द्वितीय एवं महाराष्ट्र (5000.33 मेगावॉट) के साथ तृतीय स्थान पर है।

वैश्विक पवन ऊर्जा परिषद (GWEC)

  • स्थापना वर्ष 2005 में हुई थी।
  • यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संपूर्ण पवन ऊर्जा उद्योग के लिए विश्वसनीय और प्रतिनिधि रूप प्रदान करता है।
  • इसका मुख्यालय (Head quarter) वेल्‍जियम में है।

संकलन- पंकज तिवारी


 


Comments
List view
Grid view

Current News List