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Post at: Apr 18 2022

भारत के मातृ-मृत्यु अनुपात (MMR) में 10 अंकों की गिरावट

परिचय

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) के अनुसार, एक निश्चित अवधि में प्रति 1 लाख जीवित जन्मों के दौरान मातृ-मृत्यु की संख्या को मातृ-मृत्यु अनुपात के रूप में परिभाषित किया गया है।

पृष्ठभूमि

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, 2017 में मातृ-मृत्यु अनुपात वर्ष 2020  तक 100/ लाख जीवित जन्मों तक प्राप्त करने का लक्ष्य तय किया गया है।
  • सतत विकास लक्ष्य (SDG) 3.1 में वर्ष 2030 तक मातृ अनुपात को कम करके प्रति/एक लाख जीवित जन्मों पर 70 से कम  करना है।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 14 मार्च, 2022 को भारत के महापंजीयक (Registrar General of India)  द्वारा जारी मातृ-मृत्यु दर (Maternal Mortality Ratio:MMR) पर विशेष बुलेटिन जारी किया गया।
  • जिसके अनुसार, मातृ-मृत्यु दर (MMR)  में 10 अंकों की गिरावट आई है।
  • यह अनुपात वर्ष 2016-18 में 113 की तुलना में वर्ष  2017-19 में घटकर 103 (8.8 % गिरावट) हो गया है।

[मातृ-मृत्यु दर में गिरावट अनुपात]

नोट : मातृ-मृत्यु दर की गणना में  15-49 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं को शामिल किया जाता है।

प्रमुख बिंदु

  • मातृ-मृत्यु दर में गिरावट के पश्चात, सतत विकास लक्ष्य (SDG) हासिल करने वाले राज्यों की संख्या अब पांच से बढ़कर सात हो गई है-
  • केरल (30), महाराष्ट्र (38), तेलंगाना (56), तमिलनाडु (58), आंध्र प्रदेश (58), झारखण्ड (61) और गुजरात (70)।
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, 2017 द्वारा निर्धारित एमएमआर लक्ष्य हासिल करने वाले राज्यों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है।
  • इसमें उपरोक्त सात (7) राज्य और कर्नाटक (83) एवं हरियाणा (96) शामिल हैं।
  • उल्‍लेखनीय है, कि उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 30 अंक (15 % से अधिक) की गिरावट दर्ज की गई है।
  • उत्तर प्रदेश के साथ केरल और महाराष्ट्र ने भी 15 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दिखाई है।
  • वहीं पश्चिम बंगाल, हरियाणा, उत्तराखण्ड एवं छत्तीसगढ़  में MMR में वृद्धि देखी गई है।

अन्य महत्वपूर्ण बिंदु

  • केरल सबसे कम एमएमआर 30 (प्रति एक लाख जीवित जन्म) के साथ शीर्ष पर है।
  • केरल ने एमएमआर के संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य को वर्ष 2020 में ही हासिल कर लिया था।
  • असम में अभी भी मातृ-मृत्यु अनुपात सर्वाधिक (205) बना हुआ है। उसके बाद क्रमश : उत्तर प्रदेश (167) और मध्य प्रदेश (163) हैं।
  • बिहार में MMR वर्ष 2016-18  के 149 की तुलना में वर्ष 2017-19 में घटकर 130  हो गया है।

मातृ-मृत्यु दर (MMR)  में सुधार के लिए हस्तक्षेप

  • वर्ष 2016 में शुरू किया गया प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान 
  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, 2017
  • लेबर रूम गुणवत्ता सुधार पहल (लक्ष्य), 2017
  • एनीमिया मुक्त भारत :  2018
  • सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) वर्ष 2019 से प्रभावी।
  • जननी सुरक्षा योजना

नोट :- वर्तमान में रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त-डॉ. विवेक जोशी हैं।

  • भारत की जनगणना वर्ष 1949 के बाद से गृह मंत्रालय के तहत भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त द्वारा आयोजित किया जाता है।

संकलन- पंकज तिवारी
 


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